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बच्चे का इलाज करवाने PGI जा रहे पिता का ट्रेन में चढ़ते समय फिसला पैर, नीचे आने से मौत
ब्यूरो/अमर उजाला,अंबाला कैंट (हरियाणा)
Updated Fri, 22 Jun 2018 09:44 AM IST
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बच्चे का इलाज करवाने के लिए चंडीगढ़ पीजीआई जा रहे पिता का ट्रेन में चढ़ते समय पैर फिसल गया, जिससे वह ट्रेन के नीचे आ गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा बराड़ा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर हुआ। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिला के गांव घोगरी के विनोद कुमार के रूप में हुई है। मरने वाले की उम 45 साल है। हादसा उस समय हुआ जब वह स्टेशन पर बच्चों के लिए पानी लेने के लिए उतरा हुआ था।
विनोद की जेब से दो रेल टिकट मिले हैं। उधर, हादसे की सूचना मिलते ही जीआरपी अंबाला मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। जीआरपी को दी जानकारी में सुशील कुमार ने बताया कि उसका भाई विनोद सहारनपुर में हलवाई की दुकान पर काम करता था। वीरवार सुबह वह अपने चार वर्षीय बेटे भूपेंद्र का इलाज करवाने के लिए 13 वर्षीय बड़े बेटे मयंक के साथ सहारनुपर से गाड़ी संख्या 64501 (सहारनपुर-अंबाला पैसेंजर) में चंडीगढ़ पीजीआई के लिए निकला था।
जब वह बराड़ा रेलवे स्टेशन पर पहुंचा तो बच्चों को प्यास लगने की वजह से पानी लेने के लिए वह प्लेटफार्म पर बोतल में पानी भरने के लिए उतरा, लेकिन तभी गाड़ी चल पड़ी। जैसे ही वह दोबारा ट्रेन में चढ़ने लगा तो उसका पैर फिसल गया और वह सीधे ट्रेन के नीचे चला गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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छोटे बेटे की बीमारी का पीजीआई में चल रहा इलाज
दरअसल विनोद के छोटे बेटे भूपेंद्र की दिमागी हालत ठीक नहीं होने के कारण उसका इलाज चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा है। वीरवार को पीजीआई में डॉक्टर से मिलने का समय मिला था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया। बता दें कि आम दिनों की तरह विनोद वीरवार को भी भूपेंद्र को अकेले लेकर जाने वाला था, लेकिन बड़े बेटे मयंक के जिद करने के बाद वह उसे भी साथ ले आया था। अन्यथा विनोद की मौत के बाद ट्रेन में बैठे भूपेंद्र का कुछ भी हो सकता था।
अंबाला कैंट के राजकीय रेलवे पुलिस सब इंस्पेक्टर अमरनाथ पांडेय ने बताया कि ट्रेन में चढ़ते समय व्यक्ति का पैर पायदान से फिसल गया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। उसकी जेब से दो टिकट मिले हैं। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
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विनोद की जेब से दो रेल टिकट मिले हैं। उधर, हादसे की सूचना मिलते ही जीआरपी अंबाला मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। जीआरपी को दी जानकारी में सुशील कुमार ने बताया कि उसका भाई विनोद सहारनपुर में हलवाई की दुकान पर काम करता था। वीरवार सुबह वह अपने चार वर्षीय बेटे भूपेंद्र का इलाज करवाने के लिए 13 वर्षीय बड़े बेटे मयंक के साथ सहारनुपर से गाड़ी संख्या 64501 (सहारनपुर-अंबाला पैसेंजर) में चंडीगढ़ पीजीआई के लिए निकला था।
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जब वह बराड़ा रेलवे स्टेशन पर पहुंचा तो बच्चों को प्यास लगने की वजह से पानी लेने के लिए वह प्लेटफार्म पर बोतल में पानी भरने के लिए उतरा, लेकिन तभी गाड़ी चल पड़ी। जैसे ही वह दोबारा ट्रेन में चढ़ने लगा तो उसका पैर फिसल गया और वह सीधे ट्रेन के नीचे चला गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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छोटे बेटे की बीमारी का पीजीआई में चल रहा इलाज
दरअसल विनोद के छोटे बेटे भूपेंद्र की दिमागी हालत ठीक नहीं होने के कारण उसका इलाज चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा है। वीरवार को पीजीआई में डॉक्टर से मिलने का समय मिला था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया। बता दें कि आम दिनों की तरह विनोद वीरवार को भी भूपेंद्र को अकेले लेकर जाने वाला था, लेकिन बड़े बेटे मयंक के जिद करने के बाद वह उसे भी साथ ले आया था। अन्यथा विनोद की मौत के बाद ट्रेन में बैठे भूपेंद्र का कुछ भी हो सकता था।
अंबाला कैंट के राजकीय रेलवे पुलिस सब इंस्पेक्टर अमरनाथ पांडेय ने बताया कि ट्रेन में चढ़ते समय व्यक्ति का पैर पायदान से फिसल गया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। उसकी जेब से दो टिकट मिले हैं। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।