सावधान! शादी करने से पहले दुल्हन को जरूर जान लें वरना...
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सावधान! शादी करने जा रहे हैं तो दुल्हन और उसके परिवार को जरूर अच्छी तरह से जान लें नहीं तो आप भी हो जाएंगे शिकार। दरअसल शादी के नाम पर ठगी करने के कई मामले सामने आ रहे हैं।
सबसे ताजा मामला है हरियाणा के सिरसा शहर का। यहां फर्जी तरीके से शादी करवाकर रुपये ऐंठने वाला गिरोह के कई लोग शिकार हो चुके हैं, लेकिन पुलिस को शिकायत देने के बावजूद अभी तक गिरोह के सदस्यों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
इसी गिरोह का शिकार हुआ शहर के गुरु तेग बहादुर नगर का निवासी देवेंद्र सिंह पुत्र कुलवंत सिंह, जो कार्रवाई के लिए पिछले 15 दिनों से पुलिस के पास चक्कर लगा रहा है। देवेंद्र के मुताबिक करीब 15 दिन पूर्व थेहड़ मोहल्ला निवासी एक महिला ने उसे अपने झांसे में लिया की वह उसकी एक सप्ताह में शादी करवा देगी।
महिला ने सप्ताह बाद लुधियाना की एक अन्य महिला को बुलाया और देवेंद्र की शादी करवा दी। महिला ने उस वक्त देवेंद्र से शादी के नाम पर एक लाख रुपये ऐंठ लिए थे।
नवविवाहिता 'पत्नी' पहले भी कर चुकी है कई शादी
इसके बाद दो बार और महिला ने देवेंद्र से पैसे लिए। देवेंद्र ने बताया कि शादी के पांच दिन बाद लुधियाना से एक लड़का उसके घर आया और उसकी पत्नी को बहन बताया।
उसने उससे आग्रह किया की वह उसकी बहन को पांच दिन उसके यहां भेज दे, ताकि उसके बीमार पिता की सेवा कर सके और उसके बाद वह स्वयं उसे छोड़ जाएगा। देवेंद्र ने आरोप लगाया कि उसने अपनी पत्नी को उस लड़के के साथ भेज दिया। इसके अलावा घर से चोरी छिपे सोने व चांदी के आभूषण भी अपने साथ ले गई।
करीब एक सप्ताह तक भी पत्नी नहीं आई तो वह उसे लेने के लिए गया। लुधियाना जाने के बाद उक्त लोग उसकी पत्नी को भेजने में आनाकानी करने लगे। उसके बाद उसने थेहड़ मोहल्ला निवासी महिला को इस बारे बताया, लेकिन उसने भी कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। एक सप्ताह बाद उक्त लोगों ने उसे स्पष्ट कह दिया की वे उसे नहीं भेजेंगे।
उसके बाद जब उसने पता किया तो मालूम हुआ की जिस महिला से उसकी शादी हुई थी वह पहले भी इस प्रकार की कई शादियां कर चुकी हैं और लोगों से पैसे ऐंठ चुकी है। देवेंद्र ने बताया कि उसने इस संबंधी जेजे कॉलोनी चौकी में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उल्टा चौकी प्रभारी ने उसे राजीनामा करने की बात कही। इसके बाद उसने डीएसपी को शिकायत दी। देवेंद्र का कहना है कि उसका मकसद है कि कोई और व्यक्ति इस गिरोह का शिकार न हो।