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नकली नोट की गड्डी थमाकर ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 15 Sep 2016 02:00 AM IST
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bundle of fake notes
- फोटो : Demo Pic
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बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों को नकली नोट की गड्डी थमाकर उनसे ठगी करने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। चारों की पहचान बिहार के कटिहार निवासी सोनू चौधरी और प्रमोद दास, अर्जुन साहनी व धीरज शाह सभी मोतीहारी निवासी के तौर पर हुई है। सोनू और प्रमोद को पुलिस ने बुधवार को जिला अदालत में पेश किया।
वहां सरकारी वकील मनजिंदर सिंह ने आरोपियों से रिकवरी और अन्य मामलों के खुलासे की दलील देते हुए उनका रिमांड मांगा। इस पर सीजेएम ने दोनों का 3-3 दिन का रिमांड दिया। वहीं अर्जुन और धीरज को अन्य अदालत में पेश किया गया। वहां से उन्हें 2-2 दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। सोनू चौधरी गिरोह का मुखिया बताया जा रहा है। क्राइम ब्रांच के डीएसपी पवन कुमार के अनुसार चारों युवक बैंकों में पैसा जमा कराने और निकालने आए लोगों को बातों में फंसाकर उनके नोटों से नकली नोट की गड्डी बदल देते थे। ये अक्सर बुजुर्ग और युवाओं को शिकार बनाते थे। ये उन्हें लालच देकर उनसे नोट बदल लेते थे। जब तक लोगों को ठगे जाने का अहसास होता था, ये वहां से रफूचक्कर हो जाते थे।
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों की निशानदेही पर कागज की गड्डी और नोट की कटिंग करने वाली मशीन बरामद कर ली है। डीएसपी क्राइम के अनुसार इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सेक्टर-26 स्थित टिंबर मार्केट के पास पेट्रोल पंप पर नाका लगाकर प्रमोद और सोनू को गिरफ्तार किया था। उस समय उनके पास से कागज के नोट की दो गड्डी 100-100 के दो असली नोट के साथ बरामद हुई। उनकी निशानदेही के आधार पर उनके दो साथियों अर्जुन और धीरज को पुलिस ने फन रिपब्लिक मनीमाजरा के पास से गिरफ्तार किया। चारों की गिरफ्तारी से पुलिस ने धोखाधड़ी के अलग-अलग थानों में दर्ज 3 मामलों का खुलासा करने का दावा किया है।
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वहां सरकारी वकील मनजिंदर सिंह ने आरोपियों से रिकवरी और अन्य मामलों के खुलासे की दलील देते हुए उनका रिमांड मांगा। इस पर सीजेएम ने दोनों का 3-3 दिन का रिमांड दिया। वहीं अर्जुन और धीरज को अन्य अदालत में पेश किया गया। वहां से उन्हें 2-2 दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। सोनू चौधरी गिरोह का मुखिया बताया जा रहा है। क्राइम ब्रांच के डीएसपी पवन कुमार के अनुसार चारों युवक बैंकों में पैसा जमा कराने और निकालने आए लोगों को बातों में फंसाकर उनके नोटों से नकली नोट की गड्डी बदल देते थे। ये अक्सर बुजुर्ग और युवाओं को शिकार बनाते थे। ये उन्हें लालच देकर उनसे नोट बदल लेते थे। जब तक लोगों को ठगे जाने का अहसास होता था, ये वहां से रफूचक्कर हो जाते थे।
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क्राइम ब्रांच ने आरोपियों की निशानदेही पर कागज की गड्डी और नोट की कटिंग करने वाली मशीन बरामद कर ली है। डीएसपी क्राइम के अनुसार इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सेक्टर-26 स्थित टिंबर मार्केट के पास पेट्रोल पंप पर नाका लगाकर प्रमोद और सोनू को गिरफ्तार किया था। उस समय उनके पास से कागज के नोट की दो गड्डी 100-100 के दो असली नोट के साथ बरामद हुई। उनकी निशानदेही के आधार पर उनके दो साथियों अर्जुन और धीरज को पुलिस ने फन रिपब्लिक मनीमाजरा के पास से गिरफ्तार किया। चारों की गिरफ्तारी से पुलिस ने धोखाधड़ी के अलग-अलग थानों में दर्ज 3 मामलों का खुलासा करने का दावा किया है।
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इस तरह करते थे वारदात
गिरफ्तार
- फोटो : Demo Pic
वारदात से पहले प्लानिंग के तहत गिरोह के 2 सदस्य एक साथ बैंक में जाते थे। इस दौरान उनमें से एक के पास 50, 100, 500 और 1000 के नोट की कागज की गड्डियां होती थी। इनमें सबसे ऊपर और नीचे का नोट असली होता था। ये लोग ऐसे लोगों पर नजर रखते थे जो बैंक में पैसे जमा करने आते हों या फिर निकालने। टारगेट मिलने के बाद ये व्यक्ति को कोई दुखभरी कहानी सुनाकर नोट बदलने के बदले 10 से 15 हजार रुपये ज्यादा देने का झांसा देकर नोट बदल लेते थे। ये लोग इतने शातिर थे कि शिकार को ठगी का पता चलने से पहले ही मौके से भाग जाते थे।
कई शहरों में कर चुके हैं ठगी
डीएसपी पवन कुमार के अनुसार गिरोह का मुखिया सोनू है। वह इससे पहले बंगलूरू में ऐसे ही वारदात कर चुका था। लेकिन, भाषा संबंधी दिक्कत के कारण वह बंगलूरू छोड़ उत्तर भारत आ गया। इसके बाद इसने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, मुंबई, जोधपुर, दिल्ली, पटना, शिमला में इसी तरह लोगों को शिकार बनाया। पिछले 8 महीनों से गिरोह के चारों सदस्य चंडीगढ़ में सक्रिय थे। आरोपियों के खिलाफ मनीमाजरा, सेक्टर-26 और सेक्टर-17 थाने में धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं।
कई शहरों में कर चुके हैं ठगी
डीएसपी पवन कुमार के अनुसार गिरोह का मुखिया सोनू है। वह इससे पहले बंगलूरू में ऐसे ही वारदात कर चुका था। लेकिन, भाषा संबंधी दिक्कत के कारण वह बंगलूरू छोड़ उत्तर भारत आ गया। इसके बाद इसने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, मुंबई, जोधपुर, दिल्ली, पटना, शिमला में इसी तरह लोगों को शिकार बनाया। पिछले 8 महीनों से गिरोह के चारों सदस्य चंडीगढ़ में सक्रिय थे। आरोपियों के खिलाफ मनीमाजरा, सेक्टर-26 और सेक्टर-17 थाने में धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं।