मोगा: पीड़िता के पिता ने बताया, क्यों किया समझौता?
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ऑर्बिट बस कांड में मारी गई नाबालिग अर्शदीप कौर के परिजन रविवार को जिला प्रशासन से समझौते के बाद पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए।
फरीदकोट में अर्शदीप के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद गांव लंडेके में भारी सुरक्षा के बीच 4 दिन बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। देर शाम मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
अर्शदीप के पिता सुखदेव सिंह ने कहा कि वे बेटी की मौत पर हो रही राजनीति से परेशान हो गए थे, इसलिए समझौता करने का फैसला किया। अब मेरे परिवार को जो भी आर्थिक मदद मिली है, वह उससे संतुष्ट हैं।
सुखदेव सिंह ने बताया कि उन्होंने राजनीतिक दलों से संघर्ष खत्म करने की भी अपील की। इस मौके पर जिला पुलिस प्रमुख जतिंदर सिंह खैहरा ने कहा कि पीड़ित परिवार ने गिरफ्तार आरोपियों की शिनाख्त कर ली है।
संस्कार में शामिल हुए बादल व कई कांग्रेसी नेता
इससे पहले रविवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के आने की खबर के बाद सिविल अस्पताल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। लेकिन नारेबाजी और लोगों का गुस्सा बढ़ते देख जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री को अस्पताल में आने से रोक दिया। इस पर बादल रेस्ट हाउस पहुंच गए।
देर शाम मुख्यमंत्री ने यहीं पीड़ित परिवार से मुलाकात की। अर्शदीप के अंतिम संस्कार में जालंधर के सांसद चौ. संतोख सिंह, पीपीसीसी प्रधान प्रताप सिंह बाजवा, विजय इंद्र सिंगला समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद थे।
डीसी परमिंदर सिंह गिल ने दावा किया कि परिजनों की सहमति से बिना किसी दबाव के ही इस मसले का हल हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन हमेशा परिवार के साथ है। परिवार को कुल 24 लाख की आर्थिक मदद दी गई है।
पहले इनकार फिर स्वीकार
सिविल अस्पताल में सुबह 10 बजे एडिशनल डायरेक्टर जनरल पुलिस (आई) इकबाल प्रीत सिंह सहोता, आईजी गुरप्रीत दियो, आईजी बठिंडा जोन परमराज सिंह उमरानंगल, डीसी परमिंदर सिंह गिल और जिला पुलिस प्रमुख जतिंदर सिंह खैहरा ने पीड़ित परिवार को मनाने की कोशिश की। लेकिन परिजन समझौते को राजी नहीं हुए।
अर्शदीप के पिता सुखदेव सिंह ने कहा कि उन्हें इंसाफ चाहिए। अगर इंसाफ नहीं दे सकते तो अर्शदीप को जिंदा वापस ला दो। इस पर अधिकारी चले गए। दोपहर सवा दो बजे सभी अधिकारी फिर सिविल अस्पताल पहुंचे और पीड़ित सुखदेव सिंह को विशेष अनुदान राशि का चेक देकर दस्तखत करवा लिए।
यह हुआ समझौता
जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को बच्चों की पढ़ाई के लिए चार लाख समेत 24 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी
अनुसूचित जाति आयोग की तरफ से छह लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा
परिवार के एक सदस्य को बोर्ड या निगम में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी पर विचार
समझौते का कोई दबाव नहीं: सुखदेव
अर्शदीप के पिता सुखदेव सिंह ने कहा कि विरोधी पार्टियों ने उनकी बेटी की मौत पर राजनीति करनी शुरू कर दी थी। इस कारण उन्होंने बेटी के शव का पोस्टमार्टम करवाने का फैसला किया है। उन्होंने दावा किया कि उन पर समझौते का कोई दबाव नहीं है।
हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया, आज सुनवाई
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मोगा की घटना का स्वत: संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट इस पर सोमवार को सुनवाई करेगा। मोगा में बस में कथित छेड़छाड़ के बाद मां-बेटी को फेंक दिया गया था जिसमें बेटी की मौत हो गई थी और मां घायल हो गई थी। यह बस बादल परिवार की कंपनी आर्बिट एविएशन की थी।
इस संबंध में मिले एक पत्र पर हाईकोर्ट ने इस मामले को बेंच के समक्ष रखने का निर्देश दिया है। सोमवार को जस्टिस सतीश कुमार मित्तल और जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की डिवीजन बेंच इस मामले पर सुनवाई करेगी। एजेंसी
सुरक्षा घेरे में परिवार
अर्शदीप कौर का पोस्टमार्टम करवाने पहुंचे पिता, छोटे भाई को वीवीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था। पिता-पुत्र को मोगा पुलिस के एसपी की अगुवाई वाली पुलिस पार्टी ने घेरे में ले रखा था और मीडिया या अन्य किसी व्यक्ति से उनकी बातचीत पर नजर रखी जा रही थी।
राहुल लोकसभा में उठाएंगे मोगा कांड
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अब संसद के बजट सत्र में बचे दिनों में और आक्रामक हो सकते हैं। पंजाब के मोगा कांड को लेकर राहुल मोदी सरकार और पंजाब की अकाली दल सरकार को आड़े हाथ ले सकते हैं। कांग्रेस भी पंजाब सरकार को घेरने के लिए संसद के दोनों सदनों में पूरी ताकत झाेंक देगी।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अर्शदीप की मौत मेरे लिए बहुत पीड़ादायक है। किसी की मौत की किसी भी तरह भरपाई नहीं की जा सकती है।
-प्रकाश सिंह बादल, मुख्यमंत्री