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गेट की अच्छी तैयारी न हुई तो ट्रेन से कटा इंजीनियर

Thu, 08 Jan 2015 05:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा) Updated Thu, 08 Jan 2015 05:28 PM IST
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engineer commit suicide in depression of GATE

विद्युत नगर में रह रहे इंजीनियर तपेश कुमार गर्ग ने गेट में अंडर 50 रैंक की तैयारी न हो पाने के चलते ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। इंजीनियर का पिछले वर्ष गेट (ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग) में ऑल इंडिया 245वां रैंक आया था।

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वह इस रैंक पर नाखुश था और तब से गेट के अच्छे रैंक लेने की तैयारी कर रहा था। तपेश भठिंडा में एनएफएल (नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड) में इंजीनियर था। इन दिनों वह अपने घर आया हुआ था। उसका वेतन 60 हजार रुपये मासिक था, लेकिन वह अपने पद और वेतन से संतुष्ट नहीं था।
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जीआरपी ने मृतक इंजीनियर के शव का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। जीआरपी ने बताया है कि सूर्य नगर फाटक के पास सुबह 10 बजे हादसा हुआ। तपेश ने ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। उसकी जेब से अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट मिला है। परिजनों ने बताया कि वह नौ बजे तक घर पर ही था।
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रात को मनाया था मां का बर्थ-डे
इंजीनियर की मां ऊषा गर्ग बिजली निगम में असिस्टेंट के पद पर नौकरी करती हैं। तपेश गर्ग अपनी मां का बर्थ-डे मनाने के लिए घर आया था। छह जनवरी की रात परिवार ने मां का बर्थ-डे मनाया। उसके पिता सुरेश गर्ग की वर्ष 1994 में डेथ हो गई थी। वे निगम में एसडीओ के पद पर थे। परेशान बेटे ने सुबह आत्महत्या कर ली, जिस घर में रात को खुशियां मन रही थीं, सुबह वहां से बेटे की अर्थी उठी।

यह लिखा है सुसाइड नोट में

engineer commit suicide in depression of GATE

गर्ग का पूरा परिवार होनहार है। पिता सुरेश चंडीगढ़ से पैक क्वालीफाई थे। मां ऊषा असिस्टेंट लगी हुई हैं। तपेश का भाई बिट्टू दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में एमएस ऑर्थो के डॉक्टर हैं। परिजनों ने बताया है कि जब तपेश तीन साल का था तो पिता की मौत हो गई थी। मां ने उसे संघर्ष से पाला था। घर पर उसका नाम अज्जू थ्रा।

तपेश का तीन सदस्यों का परिवार था। उसके बड़े भाई डॉक्टर की 29 जनवरी को शादी तय की गई है। घर में शादी की तैयारियों के लिए फर्नीचर बनवाने का काम चल रहा था।  तपेश की जेब से जीआरपी को सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है कि इस समय मैं गेट की तैयारी करने के लिए असमर्थ हूं। इस बार दिमाग में कुछ जा ही नहीं रहा। बार-बार इतनी पढ़ाई करके परेशान हो गया हूं, मैं अपने लक्ष्य को पाने में असमर्थ हूं। सॉरी मम्मी और बिट्टू।

इंजीनियर के चाचा ने बताया कि तपेश का एक फरवरी को गेट का एग्जाम होना था। वह अकसर कहता था कि वह अंडर 50 रैंक प्राप्त करना चाहता है। वह तैयारी कर रहा था। पिछले वर्ष गेट परीक्षा में ऑल इंडिया लेवल पर उसका 245वां रैंक था।

13 जनवरी को था 27वां बर्थ-डे
लोहड़ी के दिन 13 जनवरी को तपेश का 27वां बर्थ-डे था। परिवार के लोगों का कहना है कि उसका बर्थ-डे मनाने के लिए अच्छी प्लानिंग की गई थी। पहले मां का बर्थ-डे, फिर भाई की शादी और फिर उसका खुद का बर्थ-डे। फिलहाल उसके जीवन में खुशियां ही खुशियां थीं।

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