11 हजार वोल्ट के खंभे पर चढ़कर बिजली की तार जोड़ रहे वर्कर की करंट लगने से मौत
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चंडीगढ़ के सेक्टर-47 में 11 हजार वोल्ट के खंभे पर चढ़कर बिजली की तार जोड़ रहे एक कांट्रेक्टर वर्कर की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब वह टूटी तारों को आपस में जोड़ रहा था। तभी अचानक तारों में करंट दौड़ आया और झटका लगने के बाद वह खंभे से करीब 30 फुट की ऊंचाई से नीचे आ धमका, जिससे उसका सिर फट गया। उसे इलाज के लिए जीएमसीएच-32 में ले जाया गया, जहां उसकी हालात गंभीर होते देख डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया।
लेकिन इलाज के दौरान रात करीब 2 बजे उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान सेक्टर-49ए निवासी अमरनाथ (35) के रूप में हुई है। वहीं मामले की सूचना पर पहुंची सेक्टर-31 थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को सूचित कर दिया है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 304ए के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों ने बताया कि अमरनाथ एक बेटी, बेटा और पत्नी के साथ सेक्टर-47 ए के टृयूबवेल स्थित मकान में रहता था। पिछले काफी समय से बिजली विभाग के ठेकेदार विशाल शर्मा के पास काम कर रहा था। रोज की तरह वह गुरुवार सुबह 9.00 बजे घर से निकला। इसके बाद वह सेक्टर-47सी स्थित 11 हजार वोल्ट के खंभे की तारों को जोड़ना लगा।
परिजनों ने बताया कि इस दौरान वहां पर जेई राजकुमार और अन्य वर्कर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि शाम करीब 4:20 बजे अमरनाथ को जोरदार झटका लगा। जिससे वह करीब 30 फुट की उचाई से नीचे आ गिरा। फर्श पक्की होने के कारण उसका सिर फट गया और खून निकलने लगा। शोर-शराबे के बाद आसपास के लोग जमा हो गए। आनन फानन में उसे उसे अस्पताल ले जाया गया। सेक्टर-47 के आरडब्ल्यूएस के प्रधान सुखविंदर सिंह ने बताया कि जिस समय यह हादसा हुआ उस वक्त उसके पास न ही बेल्ट, गलब्स और न ही सेफ्टी के नाम पर अन्य कोई चीज थी।
सुबह 10 से शाम 4 बजे तक थी बिजली कट
घटना के बाद जब बिजली विभाग के ठेकेदार विशाल शर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि अमरनाथ उनके पास काफी समय से काम कर रहा था। सेक्टर-47सी में 11 हजार वोल्ट खंभे की तार टूटी हुई थी, जिसे सही करने के लिए अमरनाथ व अन्य लोग पहुंचे थे। यह सारी कार्रवाई जेई की देखरेख में हो रहा था। विशाल के अनुसार कि गुरुवार सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बिजली कट का टाइम था, जिसे देखते हुए सुबह 10 बजे से ही काम शुरू कर दिया था। लेकिन यह सब कैसे हो गया कुछ पता नहीं चला।
जेई बोला- नहीं कराया था वर्क परमिट कैंसिल
जेई राजकुमार ने बताया कि अमरनाथ टूटी हुई तारों को ठीक कर रहा था। इस दौरान करंट लगने के बाद वह नीचे गिर गया, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि काम के दौरान वर्क परमिट कैसिंल नहीं कराया था, बावजूद इसके तारों में अचानक करंट आ गया।
नहीं है कोई सहारा
मृतक की पत्नी जीरा ने बताया कि उनकी 12 और 14 साल की दो बेटियां हैं। घर में कमाने वाला सिर्फ उनका पति ही था। उन्हीं की कमाई से घर का खर्चा और बच्चों की पढ़ाई हो रही थी। अब उनका कोई सहारा नहीं है। उन्हें चिंता सता रही है कि उनके बच्चों की अब परवरिश कैसे होगी।
आखिरकार कौन है मौत का जिम्मेदार
हादसा इतना जबरदस्त था कि करंट का झटका लगते ही वह नीचे गिर गया। अब सवाल यह उठता है कि जब सुबह 10 से 4 बजे तक अगर बिजली कट के निर्देश थे तो अमरनाथ 4 बजे के बाद भी तारों को क्यों जोड़ता रहा। क्या उसे इस बात की जानकारी थी कि बिजली कट का समय 4 बजे तक ही है। आखिरकार उसकी मौत का जिम्मेदार कौन है जिसकी गलती कि वजह से अमरनाथ की जान गई।
अभी तक मौत के कारणों का सही पता नहीं चल सका है। हो सकता है बैलेंस न बना पाया हो या फिर करंट से मौत हुई हो। यह जांच का विषय है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही सही पता चल सकेगा। इस मामले में जिसकी भी लापरवाही होगी, उसके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी। -गोपाल दत्त जोशी, महासचिव, यूटी पावर मैन यूनियन
सुरक्षा के मानक
यदि कोई कर्मचारी बिजली के तारों को ठीक कर रहा है तो उसके पास टोपी, ग्लब्स, सेफ्टी बेल्ट और ड्रेस के अलावा कई अन्य चीजें जरूरी होती हैं। वहीं, सेक्टर-47 के आरडब्ल्यूएस के प्रधान सुखविंदर सिंह का कहना है कि हादसे के समय बिजली कर्मी के पास सेफ्टी बेल्ट, ग्लब्स और अन्य चीजें नहीं थीं।