टल्ली ड्राइवर ने दौड़ाई बस, 40 बच्चों की जान हथेली पर
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स्कूल बस के ड्राइवर के पास न तो लाइसेंस था और न आरसी। शराब पीकर तेज रफ्तार से बस चला रहा था और उसमें सवार थे लगभग 40 स्टूडेंट्स और एक लेडी अटेंडेंट। मंगलवार सुबह बस जैसे ही बलौंगी पहुंची तो स्पेशल नाके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोक लिया।
पूछताछ की तो ड्राइवर को कोई जवाब नहीं सूझा, न ही वह कोई दस्तावेज पेश कर पाया। पुलिस ने भी सेक्टर-71 स्थित स्मॉर्ट वंडर स्कूल की इस बस को जब्त कर लिया। चालक जसविंदर सिंह निवासी मढ़ोली को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दूसरी बस मंगवाकर बच्चों को स्कूल छोड़ा गया। मौके पर स्कूल मैनेजमेंट भी पहुंच गई थी। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी।
मंगलवार सुबह पौने आठ बजे के करीब ट्रैफिक जोन वन के इंचार्ज गुरमीत सिंह सोहल की अगुवाई में बलौंगी में नाका लगाया गया था। तभी खरड़ की साइड से स्मॉर्ट वंडर स्कूल की बस आ रही थी। ड्राइवर बस को काफी तेजी से चला रहा था। इसी बीच पुलिस अधिकारियों की बस पर नजर पड़ गई। उन्होंने बस चालक को रुकने का इशारा किया। चालक ने बस रोक दी।
जैसे ही वह बस से नीचे उतरा तो ट्रैफिक इंचार्ज को उसके मुंह से शराब की बू आ गई। उन्होंने तभी अल्कोमीटर लगाकर चेक किया तो 87 मिलीलीटर अल्कोहल पाई गई। इसके बाद उन्होंने उसे लाइसेंस व अन्य दस्तावेज दिखाने को कहा, तो वह कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाया।a
हैंगओवर उतारने के लिए पी थी
ड्राइवर का कहना था कि उसने रात को शराब पी थी। हैंगओवर उतारने के लिए सुबह और पी ली। स्कूल मैनेजमेंट के अधिकारी जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने चालान कैश भुगतने की बात कही, परंतु अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी।
महिला अटेडेंट ने नहीं पहनी थी वर्दी
ट्रैफिक इंचार्ज ने बताया कि स्कूल की तरफ से बस में महिला अटेंडेंट जरूर तैनात की गई थी। परंतु उसने वर्दी नहीं पहनी थी। यह भी नियमों का उल्लंघन है। इसके चलते भी बस का चालान किया गया है।
अदालत में होगी पेशी
पहले यह चालान डीटीओ ऑफिस में भरा जाता था। परंतु अब नियम बदले हैं। स्कूल मैनेजमेंट को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होकर चालान भरना होगा।
स्कूल बस के लिए ये हैं गाइडलाइन
1. स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए।
2. बस के आगे स्कूल बस लिखा होना चाहिए। अगर हायर की गई है, तो उस पर ऑन स्कूल ड्यूटी लिखना होगा।
3. बस में फर्स्ट एड बॉक्स और फायर सेफ्टी उपकरण होने चाहिए।
4. स्कूल बस ड्राइवर के पास पांच साल का हैवी व्हीकल चलाने का तजुर्बा होना चाहिए।
5. बस ड्राइवर और कंडक्टर ने वर्दी पहनी होनी चाहिए। उसकी नेम प्लेट लगी होनी चाहिए।
6. ड्राइवर का प्रॉपर मेडिकल होना चाहिए।
7. बस ड्राइवर पर किसी भी तरह के सीरियस चार्ज नहीं होने चाहिए।
8. स्कूल बस में स्मोकिंग, शराब पीना, तंबाकू चबाना और पान मसाले खाने पर प्रतिबंध।
9. बस में हाई रेजोल्यूशन वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए।