फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   district courts unique decision in rape case at fatehbad

'लिव इन रिलेशन में बच्चा हो जाए तो भी रेप नहीं'

Sun, 12 Jul 2015 11:36 AM IST
Updated Sun, 12 Jul 2015 11:36 AM IST
विज्ञापन
district courts unique decision in rape case at fatehbad

रेप के केस में जिला अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है कि अगर बालिग जोड़ा लिवइन रिलेशन में रह रहा है तो बच्चा हो जाए तो उसे रेप केस नहीं माना जाएगा। इस आधार पर महिला के आरोपों को खारिज करते हुए कोर्ट ने आरोपी को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया।

विज्ञापन


अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने आरोपी को न केवल निर्दोष करार दिया बल्कि शिकायतकर्ता महिला को स्पष्ट कहा कि बिना उसकी सहमति के तीन साल तक शारीरिक संबंध स्थापित नहीं किए जा सकते। अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।
विज्ञापन


मामले के अनुसार 27 सितंबर 2014 को फतेहाबाद निवासी एक महिला ने गांव झलनियां निवासी युवक पर दुराचार का मामला दर्ज करवाया था। महिला के अनुसार तीन वर्ष पूर्व युवक उसके पति को काम दिलवाने के लिए गांव झलनियां ले गया और वहीं पर रहने के लिए ढाणी में कमरा दे दिया। जब उसका पति काम पर जाता तो युवक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह क्रम लगातार चलता रहा। उसके पश्चात युवक ने उसका उसके पति से तलाक करवा दिया। तलाक के बाद महिला का पति हिसार रहने लगा और युवक उससे शारीरिक संबंध बनाता रहा। जिससे उन दोनों बीच एक पुत्र हुआ। उसके बाद युवक ने उसे घर से निकाल दिया और शादी करने से मना कर दिया।

महिला ने सहमति से संबंध बनाए

district courts unique decision in rape case at fatehbad

बचाव पक्ष में आरोपी युवक ने अदालत में बताया कि उसने दुराचार नहीं किया बल्कि महिला ने सहमति से संबंध बनाए। पति से तलाक के बाद महिला ने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने जमीन बेचकर दस लाख रुपये भी महिला को दिए। लेकिन अब महिला बच्चे के नाम पर जमीन में हिस्सा मांग रही थी।

अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता महिला के आरोप विरोधाभासी हैं। इस तरह के बयानों से साबित होता है कि महिला व आरोपी लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। महिला ने अपने बयानों में यह भी कहा कि वह आरोपी के साथ कई बार हिसार गई। ऐसे में दो बालिगों ने अपनी सहमति से संबंध बनाए। ऐसे में मामला दुराचार का नहीं बनता। महिला की बिना सहमति से कोई अकेला पुरुष तीन साल तक जबरदस्ती शारीरिक संबंध नहीं बना सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed