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डेरा प्रेमी कत्ल कांड में बिट्टू, भूतना और 10 अन्य बरी
ब्यूरो/अमर उजाला, मानसा
Updated Sat, 10 May 2014 10:05 AM IST
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चर्चित डेरा सच्चा सौदा प्रेमी लिली कत्ल कांड का फैसला शुक्रवार को एडिशनल सेशन जज मानसा राज कुमार गर्ग की अदालत ने सुनाते हुए अकाली दल पंच प्रधानी के चेयरमैन दलजीत सिंह बिट्टू, खाड़कू बलवीर सिंह भूतना समेत 10 व्यक्तियों को बरी कर दिया है।
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गांव आलमपुर मंदरा के तीन व्यक्तियों को अदालत ने उम्रकैद और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 28 जुलाई, 2009 को मानसा की अदालत में पेशी भुगतने के बाद वापस जा रहे गांव आलमपुर मंदरा के डेरा प्रेमी लिली कुमार का कुछ व्यक्तियों ने गांव चकेरियां के नजदीक गोलियां मारकर कत्ल कर दिया था।
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इस आरोप में थाना सदर मानसा की पुलिस ने उस समय गांव आलमपुर मंदरा के दलजीत सिंह टैणी, डा. छिंदा व मिट्ठू सिंह को शामिल करने के बाद इस कत्ल कांड में अकाली दल पंच प्रधानी के चेयरमैन दलजीत सिंह बिट्टू, बलवीर सिंह भूतना, प्रो. गुरबीर सिंह व अन्य नौजवानों को शामिल किया था। इनमें से एक नौजवान बिंदर सिंह को नाबालिग करार देकर बरी कर दिया था। उक्त मामले में बलवीर सिंह भूतना को छोड़कर सभी व्यक्तियों को अदालत ने जमानत दे दी थी।
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शुक्रवार को इस केस का फैसला सुनाते एडिशनल सेशन जज राज कुमार गर्ग की अदालत ने दलजीत सिंह बिट्टू, गुरदीप सिंह राजू व मनधीर सिंह लुधियाना, बलवीर सिंह भूतना, गमदूर सिंह, राज सिंह कोटधरमू, करण सिंह वासी झंडूके, मक्खन सिंह सरदूलगढ़, अमृतपाल सिंह कोटधरमू व प्रो. गुरबीर सिंह को उक्त मामले में बरी कर दिया गया है। जबकि इस दोष में गांव आलमपुर मंदरा के दलजीत सिंह टैणी, डा. छिंदा व मिट्ठू सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई है और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मानसा में सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त
फैसला सुनाने के मौके पर पुलिस द्वारा अदालत कैंपस, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस सुरक्षा प्रबंध सख्त किए गए। दलजीत सिंह बिट्टू ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए इसको सच्चाई की जीत करार दिया। सिख जत्थेबंदियों द्वारा केस की पैरवी एडवोकेट अजीत सिंह भंगू ने की।