45 लाख की लूट: बैंक का डिप्टी मैनेजर ही निकला मास्टरमाइंड, नकदी, रिवाल्वर व कारतूस बरामद
12 मई को बाइक सवार दो शातिरों ने 45 लाख की लूट को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले की जांच की तो बैंक का डिप्टी मैनेजर ही वारदात का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने दो को गिरफ्तार कर लिया है और एक आरोपी अभी फरार है।
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पुलिस ने 12 मई को कोटक महिंद्रा बैंक के 45 लाख रुपये लूटने वाले दो शातिरों को गिरफ्तार करने का दावा किया है, जबकि एक शातिर फरार है। इस लूटपाट का मास्टरमाइंड बैंक का डिप्टी मैनेजर गुरप्रताप सिंह निवासी गांव आलमके का निकला। उसी ने दो दोस्तों को लूट की साजिश में शामिल किया था।
पुलिस ने बैंक के डिप्टी मैनेजर और उसके दोस्त डॉ. परमजीत सिंह निवासी प्रभात सिंह वाला उताड़ को काबू किया है और 45 लाख रुपये की नकदी, वारदात में इस्तेमाल रिवाल्वर व कारतूस बरामद कर लिया है। इनका तीसरा साथी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी हस्तेके थाना सदर फरार है।
उधर, थाना अमीर खास पुलिस ने बैंक के डिप्टी मैनेजर समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्जकर आगे की जांच शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि 12 मई को बैंक का डिप्टी मैनेजर गुरप्रताप सिंह व बैंक मुलाजिम लवप्रीत सिंह कार में मुक्तसर बैंक से 45 लाख रुपये की नकदी जलालाबाद बैंक की ब्रांच की ओर से ला रहे थे कि जलालाबाद-मुक्तसर रोड स्थित गांव सैदोका के नजदीक दो बाइक सवार शातिरों ने रिवाल्वर के बल पर नकदी लूट ली।
फिरोजपुर रेंज के डीआईजी हरदयाल सिंह मान व एसएसपी दीपक हिलोरी ने बताया कि लूटपाट की वारदात को अंजाम देने वालों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई। इस वारदात की आधुनिक तरीके से जांच की गई। तफ्तीश के दौरान पुलिस का शक आरोपी डॉ. परमजीत सिंह पर गया और उसे काबू कर पूछताछ शुरू की तो इससे पुलिस को बैंक की लूटी हुई 45 लाख रुपये की नकदी, लाइसेंसी 32 बोर की रिवाल्वर व कारतूस बरामद हुए।
पूछताछ के दौरान परमजीत ने बताया कि वारदात में बैंक का डिप्टी मैनेजर गुरप्रताप सिंह भी शामिल है। लूट की साजिश गुरप्रताप ने ही रची थी। पुलिस ने गुरप्रताप को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों ने बताया कि उनका तीसरा साथी गुरप्रीत सिंह है। डॉ. परमजीत और गुरप्रीत दोनों गुरप्रताप के दोस्त हैं और एक ही स्कूल में पढ़े हैं।
सभी एक-दूसरे को पिछले 20 साल से जानते हैं। पुलिस के मुताबिक गुरप्रताप हमेशा बैंक के लिए मुक्तसर से कैश लेकर आता था। इसीलिए तीनों आरोपियों ने बैंक की नकदी लूटने की योजना बनाई थी। परमजीत पर वर्ष 2017 में थाना सदर जलालाबाद में एनडीपीएस का मामला दर्ज है, जबकि गुरप्रीत पर ब्यास (अमृतसर) थाना में किसी मामले में केस दर्ज है। एसएसपी ने कहा कि गुरप्रीत फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।