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कर्ज से आहत किसान ने दी जान, सदमे में पोते ने भी निगल लिया जहर

Mon, 24 Jul 2017 09:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा(पंजाब) Updated Mon, 24 Jul 2017 09:30 AM IST
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Debt-ridden farmer commits suicide in Moga
कर्ज से आहत किसान ने दी जान
गांव तलवंडी नौबहार में कर्ज से परेशान एक किसान की जहर निगलने से मौत हो गई। दादा की मौत का सदमा न सहते हुए पोते ने भी जहरीली वस्तु निगल ली। वह अस्पताल में जिंदगी मौत की लड़ाई लड़ रहा है। 
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 किसान बलदेव सिंह (62) और उसका पोता जसपाल सिंह (20) शनिवार को खेत में फसल पर कीटनाशक दवा डालने गए थे। शाम 6 बजे के आसपास किसान बलदेव सिंह ने खेत में ही कीटनाशक दवा निगल ली, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। पोते जसपाल ने अपना दादा बलदेव सिंह को घर पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद जसपाल सिंह ने भी जहरीली दवा निगल ली। उसको पारिवारिक सदस्यों ने कोट ईसेखां के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया है, जहां पर उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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मृतक बलदेव सिंह के बेटे लखविंदर सिंह व अन्य पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि कर्ज की वजह से उनकी 11 एकड़ जमीन में से करीब 7 एकड़ जमीन बिक चुकी है। बाकी बची जमीन पर भी बैंक से लिए कर्ज के एवज में बैंक पास गिरवी है।
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परिवार पर आढ़ती, अन्य साहूकारों और बैंक का 40 लाख कर्ज

Debt-ridden farmer commits suicide in Moga
दादा की मौत के सदमे में पोते ने भी निगल लिया जहर
उन्होंने बताया कि आढ़ती, अन्य साहूकारों और बैंक समेत उन पर करीब 40 लाख कर्ज है। लखविंदर सिंह ने बताया कि उनका बेटा जसपाल सिंह 12वीं  पास है। अब आईलेट्स कर विदेश जाना चाहता है, यह परिवार की क्षमता से बाहर है। उनके पिता बलदेव सिंह कर्ज की परेशानी, घर की आर्थिक तंगी और पोते की विदेश पढ़ने की इच्छा पूरी न कर पाने की वजह से परेशान रहते थे।

किसान यूनियन ने जताया दुख
भारतीय किसान यूनियन (कादियां) के जिला महासचिव गुलजार सिंह घल्लकलां ने इस घटना पर दुख प्रकट करते कहा कि कैप्टन सरकार ने चुनाव के समय किसानों के कर्ज को प्रमुखता से उभरकर सत्ता हासिल की थी। अब करीब पांच महीने बीतने के बावजूद  कैप्टन सरकार किसानी कर्ज संबंधित ठोस फैसला नहीं ले सकी है। इस वजह से किसानों की आत्महत्याओं का दौर बदस्तूर जारी है। 

कर्ज से परेशान एक और किसान ने जान दी 

Debt-ridden farmer commits suicide in Moga
suicide
उधर, बरनाला में भी एक किसान ने अपनी जान दे दी। इसके साथ एक दिन में कर्ज से मरने वाले किसानों की संख्या दो हो गई। बरनाला के नजदीकी गांव सेखा के एक किसान ने कर्ज के कारण ट्रेन तले आकर खुदकुशी कर ली। रेलवे पुलिस चौकी के इंचार्ज ओम प्रकाश ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि सेखा के रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति ने ट्रेन तले आकर खुदकुशी कर ली है। मृतक की शिनाख्त रणजीत सिंह निवासी सेखा के तौर पर हुई। उसके परिजनों को सूचित कर दिया गया। 

सूचना मिलने पर मृतक किसान की पत्नी शिंदर कौर पंचायत के साथ मौके पर पहुंची। उसने बताया कि उनके पास सिर्फ चार बीघा जमीन है, जो गिरवी रखी है। उनके परिवार पर चार लाख रुपये का कर्ज है, जो जमीन गिरवी होने के कारण लगातार बढ़ता जा रहा था। उनके तीन बच्चे हैं। आमदनी का कोई साधन नहीं बचा था। इस कारण उसका पति रणजीत सिंह पिछले दिनों से काफी परेशान रहने लगा था। उसे इस मुश्किल से निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा था और आज उसने आत्महत्या कर ली। चौकी इंचार्ज ओम प्रकाश ने बताया कि मृतक किसान की पत्नी के बयान पर धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है। 
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