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बाउंस हो गया महिला का चैक, दो साल की सजा मिली
अमर उजाला मोहाली
Updated Wed, 25 Dec 2013 09:32 AM IST
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चेक बाउंस के एक मामले में खरड़ अदालत ने मोहाली निवासी एक महिला को दो वर्ष की सजा सुनाई है। आरोपी पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार गांव देसू माजरा निवासी अलबिंदर सिंह से मोहाली निवासी जगजीत कौर उर्फ जगप्रीत कौर ने वर्ष 2006 में 19 लाख रुपये उधार लिए थे।
जगजीत कौर ने रुपये वापस करते समय उसे तीन चेक दिए। इनमें एक चेक एक लाख रुपये का था। दूसरा चेक तीन लाख एवं तीसरा चेक 15 लाख रुपये का था।
अलबिंदर ने जब पहला चेक अपने खाते में जमा किया, तो एक लाख रुपये का चेक क्लीयर हो गया। 4 जनवरी 2006 को तीन लाख एवं 6 जनवरी 2006 को तीसरा चेक 15 लाख रुपये वाला लगाया, तो पांच दिन बाद उनकी बैंक ने चेक को बाउंस घोषित कर दिया।
बैंक ने स्पष्ट किया कि खाता धारक महिला ने चेक के भुगतान पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता ने जब महिला से संपर्क किया, तो उसने रुपये वापस करने से ही मना कर दिया। फिर अलबिंदर सिंह ने खरड़ अदालत में चेक बाउंस होने संबंधी केस दायर किया।
सब डिवीजनल ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट केएस धालीवाल की अदालत ने आरोपी महिला को दोषी पाते हुए दो वर्ष की सजा के साथ पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने की हालत में एक माह की सजा और भुगतनी पड़ेगी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार गांव देसू माजरा निवासी अलबिंदर सिंह से मोहाली निवासी जगजीत कौर उर्फ जगप्रीत कौर ने वर्ष 2006 में 19 लाख रुपये उधार लिए थे।
जगजीत कौर ने रुपये वापस करते समय उसे तीन चेक दिए। इनमें एक चेक एक लाख रुपये का था। दूसरा चेक तीन लाख एवं तीसरा चेक 15 लाख रुपये का था।
अलबिंदर ने जब पहला चेक अपने खाते में जमा किया, तो एक लाख रुपये का चेक क्लीयर हो गया। 4 जनवरी 2006 को तीन लाख एवं 6 जनवरी 2006 को तीसरा चेक 15 लाख रुपये वाला लगाया, तो पांच दिन बाद उनकी बैंक ने चेक को बाउंस घोषित कर दिया।
बैंक ने स्पष्ट किया कि खाता धारक महिला ने चेक के भुगतान पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता ने जब महिला से संपर्क किया, तो उसने रुपये वापस करने से ही मना कर दिया। फिर अलबिंदर सिंह ने खरड़ अदालत में चेक बाउंस होने संबंधी केस दायर किया।
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सब डिवीजनल ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट केएस धालीवाल की अदालत ने आरोपी महिला को दोषी पाते हुए दो वर्ष की सजा के साथ पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने की हालत में एक माह की सजा और भुगतनी पड़ेगी।
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