{"_id":"64ba3d8529c1570295067e31","slug":"court-convicted-a-person-who-indulged-in-sacrilege-at-takht-sri-kesgarh-sahib-of-punjab-2023-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ropar: बेअदबी के दोषी को पांच साल की कैद, तख्त श्री केसगढ़ साहिब में पी थी सिगरेट, जुर्माना भी लगाया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
Ropar: बेअदबी के दोषी को पांच साल की कैद, तख्त श्री केसगढ़ साहिब में पी थी सिगरेट, जुर्माना भी लगाया
Fri, 21 Jul 2023 03:34 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, रोपड़ (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, रोपड़ (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 21 Jul 2023 03:34 PM IST
सार
तख्त श्री केसगढ़ साहिब में जब गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप लाए जा रहे थे, तो दोषी परमजीत सिंह ने सिगरेट जला कर धुआं उस ओर फेंका। इसके बाद जलती हुई सिगरेट और माचिस रागी सिंहों की तरफ फेंककर आग लगाने की कोशिश की, लेकिन सेवादारों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब के श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब में सिगरेट पीकर बेअदबी करने वाले व्यक्ति को जिला अदालत ने दोषी करार दिया है। इस मामले में एसजीपीसी की ओर से केस लड़ने वाले वकील जतिंदर पाल सिंह ढेर ने बताया कि सेशन जज रमेश कुमारी की अदालत ने लुधियाना के मोहल्ला मुहराज नगर निवासी परमजीत सिंह को पांच साल की कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोषी को धारा 295 ए के तहत तीन साल और पांच हजार रुपये की सजा सुनाई, जबकि आईपीसी की धारा 436 और 511 में उसे बरी कर दिया गया है। धारा 435 में उसे पांच साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना की सुनाई गई है। जुर्माना न देने पर उसे 6 महीने की सजा और भुगतनी होगी।
यह भी पढ़ें: Amritsar: उग्रवाद के दौर में छह आतंकियों को किया था ढेर, अब ये ASI अपने विभाग की अनदेखी से ही नाराज
विज्ञापन
पुलिस ने पहले धारा 295 ए के तहत मामला दर्ज किया था। अब कोर्ट ने इस मामले में धारा 435 जोड़कर पांच साल की सजा दी है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की देखरेख में लीगल टीम ने लगातार इस मामले को आगे बढ़ाया और कानूनी लड़ाई लड़ी।
यह है मामला
तख्त श्री केसगढ़ साहिब में जब गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप लाए जा रहे थे, तो दोषी परमजीत सिंह ने सिगरेट जला कर धुआं उस ओर फेंका। इसके बाद जलती हुई सिगरेट और माचिस रागी सिंहों की तरफ फेंककर आग लगाने की कोशिश की, लेकिन सेवादारों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। रोपड़ बार काउंसिल के वकीलों ने उसका केस लड़ने से मना कर दिया था, जिसके बाद लीगल ऐड से उसे वकील दिया गया। एसजीपीसी की ओर से जतिंदरपाल सिंह ढेर और सरकारी वकील गुरप्रीत सिंह ने इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ी।
विज्ञापन
अदालत ने दोषी को धारा 295 ए के तहत तीन साल और पांच हजार रुपये की सजा सुनाई, जबकि आईपीसी की धारा 436 और 511 में उसे बरी कर दिया गया है। धारा 435 में उसे पांच साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना की सुनाई गई है। जुर्माना न देने पर उसे 6 महीने की सजा और भुगतनी होगी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Amritsar: उग्रवाद के दौर में छह आतंकियों को किया था ढेर, अब ये ASI अपने विभाग की अनदेखी से ही नाराज
विज्ञापन
पुलिस ने पहले धारा 295 ए के तहत मामला दर्ज किया था। अब कोर्ट ने इस मामले में धारा 435 जोड़कर पांच साल की सजा दी है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की देखरेख में लीगल टीम ने लगातार इस मामले को आगे बढ़ाया और कानूनी लड़ाई लड़ी।
यह है मामला
तख्त श्री केसगढ़ साहिब में जब गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप लाए जा रहे थे, तो दोषी परमजीत सिंह ने सिगरेट जला कर धुआं उस ओर फेंका। इसके बाद जलती हुई सिगरेट और माचिस रागी सिंहों की तरफ फेंककर आग लगाने की कोशिश की, लेकिन सेवादारों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। रोपड़ बार काउंसिल के वकीलों ने उसका केस लड़ने से मना कर दिया था, जिसके बाद लीगल ऐड से उसे वकील दिया गया। एसजीपीसी की ओर से जतिंदरपाल सिंह ढेर और सरकारी वकील गुरप्रीत सिंह ने इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ी।