{"_id":"61b39a35973e752854241e3b","slug":"court-again-issued-non-bailable-warrant-against-other-accused-including-mla-bains","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायक बैंस पर दुष्कर्म का आरोप: एसआईटी गठित करने पर कोर्ट ने लगाई फटकार, गैर-जमानती वारंट फिर जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायक बैंस पर दुष्कर्म का आरोप: एसआईटी गठित करने पर कोर्ट ने लगाई फटकार, गैर-जमानती वारंट फिर जारी
Sat, 11 Dec 2021 12:01 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 11 Dec 2021 12:01 AM IST
सार
दुष्कर्म मामले में अदालत ने विधायक सिमरजीत सिंह बैंस व अन्य आरोपियों के खिलाफ एक बार फिर गैर-जमानती वारंट जारी किया है। वहीं बिना अनुमति एसआईटी गठित करने पर लुधियाना अदालत ने फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि जब इस मामले में चालान पेश किया जा चुका है तो बिना अदालत की अनुमति के कैसे एसआईटी का गठन किया जा सकता है।
विज्ञापन
विधायक सिमरजीत सिंह बैंस
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दुष्कर्म मामले में विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और डायरेक्टर ब्यूरो ऑफ चंडीगढ़ और डीआईजी फरीदकोट रेंज को शुक्रवार लुधियाना की कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। दुष्कर्म मामले में डायरेक्टर ब्यूरो ऑफ चंडीगढ़ की तरफ से एक एसआईटी गठित कर दोबारा जांच करने के मामले पर अदालत ने कड़ा संज्ञान लिया है।
विज्ञापन
अदालत ने फटकार लगाते हुए कहा कि कोर्ट की अनुमति के बगैर एसआईटी का गठन कर मामले की दोबारा जांच कैसे शुरू कर दी गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार यह अदालत की अवमानना की तरह है। इस संबंध में डीआईजी फरीदकोर्ट रेंज को एक डीओ लेटर जारी करने के लिए भी कहा गया है। वहीं शुक्रवार को पुलिस विधायक बैंस सहित अन्य को अदालत में पेश करने में नाकाम रही है। इस पर अदालत ने कड़ी आपत्ति जातते हुए तीसरी बार गैर-जमानती वारंट जारी करते 23 दिसंबर का समय दिया है। इन वारंट को भी पुलिस कमिश्नर के माध्मय से भेज इनका सख्ती से पालन करवाने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
पीड़िता के वकील हरीश राय ढांडा ने बताया कि ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फस्ट क्लास हरसिमरनजीत कौर की अदालत की तरफ से जारी दूसरी बार गैर-जमानती वारंट को पुलिस ने तामिल नहीं करवा सकी है। पुलिस ने अदालत में अपनी रिपोर्ट में कहा कि वह विधायक बैंस सहित अन्य आरोपियों के घर पर दबिश दे रहे है लेकिन वह घर पर नहीं मिल रहे है। वहीं इस मामले में डायरेक्टर ब्यूरो ऑफ पंजाब और डीजीआई फरीदकोट रेंज ने दोबारा जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया था।
विज्ञापन
इस बात का कड़ा संज्ञान लेते अदालत ने साफ कहा कि अदालत से बिना कोई अनुमति कैसे एसआईटी का गठन किया जा सकता है। जबकि इस मामले में चालान तक पेश हो चुका है। अदालत ने साफ कहा कि डायरेक्टर ब्यूरो ऑफ चंडीगढ़ एंव डीआईजी फरीदकोट रेंज ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है, जिसे अदालत की अवमानना की तरफ माना जा सकता है।
इन आदेश की एक कॉपी डीआईजी रेंज फरीदकोट को भेजने के लिए कहा गया है। यहां बताते चले कि लुधियाना निवासी एक महिला की शिकायत डिवीजन नंबर छह पुलिस ने विधायक सिमरजीत सिंह बैंस, परमजीत सिंह बैंस उफ पम्मा, सुखचैन सिंह, प्रदीप कुमार उर्फ गोपी शर्मा, बलजिंदर कौर और जसवीर कौर उर्फ भाभी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।