वाट्सऐप पर वायरल हुई ये विवादास्पद मूवी
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केंद्र सरकार की ओर से प्रतिबंधित विवादास्पद पंजाबी फिल्म ‘कौम दे हीरे’ अब वाट्सऐप पर वायरल हो रही है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारों पर आधारित विवादास्पद पंजाबी फिल्म ‘कौम दे हीरे’ पर पाबंदी बेअसर साबित हो चुकी है।
सेंसर बोर्ड की हरी झंडी के बावजूद केंद्र सरकार ने इस फिल्म पर रिलीज होने से महज एक दिन पहले 21 अगस्त को रोक लगा दी थी। इसके बाद 29 अगस्त को यह फिल्म यू-ट्यूब पर अपलोड कर दी गई।
जब सरकार ने इसे यू-ट्यूब से भी हटवा दिया तो अब यह वाट्सऐप के माध्यम से लोगों तक पहुंच गई है। जानकारी के अनुसार रिलीज होने से कुछ दिन पहले ही इस फिल्म पर रोक लगाने की मांग उठने लगी थी। केंद्र और राज्य सरकार की खुफिया एजेंसियों ने भी फिल्म को लेकर हालात बिगड़ने की आशंका जताई थी।
खुफिया एजेंसियों का मानना था कि इस फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या से लेकर उनके हत्यारों को फांसी दिए जाने तक को शूट किया गया है। एजेंसियों ने आशंका जताई थी कि फिल्म के मुख्य गीत से भी समाज की भावनाएं भड़क सकती हैं।
यूट्यूब के बाद वाट्सऐप पर
इस फिल्म को रोकने के लिए पंजाब यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बिक्रम सिंह चौधरी समेत भाजपा नेता प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दखल देने का आग्रह किया था।
इसके बाद केंद्र सरकार ने खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर 21 अगस्त को फिल्म के रिलीज होने पर रोक लगा दी। लेकिन केंद्र सरकार की रोक के बावजूद एक सप्ताह बाद ही 29 अगस्त को यह फिल्म यू-ट्यूब पर रिलीज कर दी गई।
यू-ट्यूब पर अपलोड होते ही सैकड़ों लोगों ने न सिर्फ फिल्म को देखा बल्कि इसे डाउनलोड भी कर लिया। सूचना मिलने पर हरकत में आई सरकार ने इसे यू-ट्यूब से हटवा दिया लेकिन अब इसे सोशल मीडिया व्हाट्सप्प पर एक दूसरे के पास पहुंचाया जा रहा है।