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छेड़छाड़ मामले में मोरनी चौकी इंचार्ज को क्लीन चिट
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 23 Jan 2014 10:15 AM IST
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छात्राओं से छेड़छाड़ करने और अश्लील हरकतें करने के मामले में दो एसीपी द्वारा की गई जांच के बाद मोरनी चौकी इंचार्ज को पाक साफ करार दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि संस्थान में जाकर कई छात्राओं से पूछताछ की गई, जिसके बाद निष्कर्ष पर पहुंचा गया। जांच में सामने आया कि जिन तीन छात्राओं ने शिकायत दी थी, वे तीनों एक मामले में आरोपी युवक के भाई के घर में बतौर पीजी रहती हैं।
इस युवक पर चौकी इंचार्ज ने सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया था। अमर उजाला ने इस बात को पहले ही उजागर कर दिया था।
एसीपी विजेंद्र सिंह के मुताबिक, कहीं न कहीं उन तीन लड़कियों को पुलिस पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया, ताकि पुलिस दबाव में आ जाए और आरोपी युवक बच जाए। उन्होंने कहा कि बैहलों गांव निवासी आरोपी फिलहाल फरार है और उसके गिरफ्तारी वारंट निकाले गए हैं।
दो दिन पहले बैहलों स्थित बहुतकनिकी संस्थान की तीन छात्राओं ने ग्रामीणों के साथ पुलिस के आला अधिकारियों को चौकी इंचार्ज के खिलाफ शिकायत दी थी, जिसमें एएसआई राजेंद्र सिंह पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे।
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इस शिकायत पर डीसीपी अश्विन शेणवी ने एसीपी विजेंद्र सिंह व एसीपी पूर्णिमा सिंह को जांच के लिए निर्देश दिए थे।
इसके बाद तीनों अधिकारियों ने संस्थान में जाकर कई छात्राओं से पूछताछ की। इसके अलावा संस्थान के वुमन सेल में भी जांच की गई, जिसमें कभी किसी छात्रा ने कोई ऐसी शिकायत नहीं दी थी।
छेड़छाड़ का एक आरोपी फिलहाल जेल में
दरअसल, लोहड़ी की रात कुछ छात्राओं के साथ छेड़छाड़ हुई थी। आधा दर्जन युवक जबरदस्ती छात्राओं के घर में घुस गए थे। इसके बाद छात्राओं ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने मौके पर पहुंच कार्रवाई की।
कई युवकों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, जिसमें इशू नाम के युवक को जेल भेजा जा चुका है। इसी दौरान एक युवक पर आरोप लगा कि उसने चौकी इंचार्ज के साथ हाथापाई की, जिसके चलते उस पर भी मामला दर्ज हुआ। तब से वह फरार है और उसके बाद ही चौकी इंचार्ज के खिलाफ शिकायत दी गई।
संस्थान में जाकर गहनता से जांच की गई है। सभी आरोप झूठे पाए गए हैं। कहीं न कहीं तीन छात्राओं का इस्तेमाल आरोपी युवक को बचाने के लिए किया गया है। इस मामले में अब जो भी कानूनी कार्रवाई बनती होगी, वह की जाएगी।
- विजेंद्र सिंह, एसीपी, पंचकूला
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अधिकारियों का कहना है कि संस्थान में जाकर कई छात्राओं से पूछताछ की गई, जिसके बाद निष्कर्ष पर पहुंचा गया। जांच में सामने आया कि जिन तीन छात्राओं ने शिकायत दी थी, वे तीनों एक मामले में आरोपी युवक के भाई के घर में बतौर पीजी रहती हैं।
इस युवक पर चौकी इंचार्ज ने सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया था। अमर उजाला ने इस बात को पहले ही उजागर कर दिया था।
एसीपी विजेंद्र सिंह के मुताबिक, कहीं न कहीं उन तीन लड़कियों को पुलिस पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया, ताकि पुलिस दबाव में आ जाए और आरोपी युवक बच जाए। उन्होंने कहा कि बैहलों गांव निवासी आरोपी फिलहाल फरार है और उसके गिरफ्तारी वारंट निकाले गए हैं।
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दो दिन पहले बैहलों स्थित बहुतकनिकी संस्थान की तीन छात्राओं ने ग्रामीणों के साथ पुलिस के आला अधिकारियों को चौकी इंचार्ज के खिलाफ शिकायत दी थी, जिसमें एएसआई राजेंद्र सिंह पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे।
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इस शिकायत पर डीसीपी अश्विन शेणवी ने एसीपी विजेंद्र सिंह व एसीपी पूर्णिमा सिंह को जांच के लिए निर्देश दिए थे।
इसके बाद तीनों अधिकारियों ने संस्थान में जाकर कई छात्राओं से पूछताछ की। इसके अलावा संस्थान के वुमन सेल में भी जांच की गई, जिसमें कभी किसी छात्रा ने कोई ऐसी शिकायत नहीं दी थी।
छेड़छाड़ का एक आरोपी फिलहाल जेल में
दरअसल, लोहड़ी की रात कुछ छात्राओं के साथ छेड़छाड़ हुई थी। आधा दर्जन युवक जबरदस्ती छात्राओं के घर में घुस गए थे। इसके बाद छात्राओं ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने मौके पर पहुंच कार्रवाई की।
कई युवकों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, जिसमें इशू नाम के युवक को जेल भेजा जा चुका है। इसी दौरान एक युवक पर आरोप लगा कि उसने चौकी इंचार्ज के साथ हाथापाई की, जिसके चलते उस पर भी मामला दर्ज हुआ। तब से वह फरार है और उसके बाद ही चौकी इंचार्ज के खिलाफ शिकायत दी गई।
संस्थान में जाकर गहनता से जांच की गई है। सभी आरोप झूठे पाए गए हैं। कहीं न कहीं तीन छात्राओं का इस्तेमाल आरोपी युवक को बचाने के लिए किया गया है। इस मामले में अब जो भी कानूनी कार्रवाई बनती होगी, वह की जाएगी।
- विजेंद्र सिंह, एसीपी, पंचकूला