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चर्च प्रकरण: 5 हिरासत में, ग्रामीणों ने घेरा थाना

Tue, 17 Mar 2015 03:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Tue, 17 Mar 2015 03:39 PM IST
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church controversy in hisar, haryana

हरियाणा विधानसभा के बाद राज्यसभा में गूंजे हिसार जिले के चर्च प्रकरण में नामजद 14 आरोपियों में से 5 को पुलिस ने हिरासत में लिया है। सुबह 5 बजे से थाने में लेकर आए आरोपियों से खुद एसीपी मनीषा चौधरी पूछताछ कर रही हैं।

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हिरासत में लिए लोगों में कैमरी गांव के सरपंच सत्यनारायण सहारण, पूर्व सरपंच बलबीर, अनिल और कुलदीप गोदारा आदि शामिल हैं। पांच लोगों को पुलिस हिरासत में लेने की खबर मिलते ही सुबह 11 बजे करीब 200 गांववासियों ने थाने का घेराव कर दिया।
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ग्रामीण पुलिस से हिरासत में लिए लोगों को छोड़ने की मांग कर रहे थे। खबर लिखे जाने तक थाने में आरोपियों से पूछताछ जारी थी और थाना परिसर में करीब 200 गांववासी डटा है।
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निर्माणाधीन चर्च में की गई थी तोड़फोड़

church controversy in hisar, haryana

गौरतलब है कि गत शनिवार को हिसार के गांव कैमरी में एक निर्माणाधीन चर्च पर कुछ लोगों ने हमला कर वहां लगे क्रॉस को तोड़ दिया था और उसके स्थान पर हनुमान जी की मूर्ति स्थापित कर दी थी। इसे लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया था और पादरी ने शिकायत दर्ज कराई थी।

इसके बाद प्रशासन ने मूर्ति को हटवाकर वहां पुन: क्रॉस लगवा दिया था। लेकिन सोमवार को यह मामला फिर गरमा उठा और पांच गांव के ग्रामीणों ने पंचायत कर पादरी पर धर्मांतरण का आरोप लगाया। वहीं कुछ हिंदूवादी संगठनों ने भी प्रदर्शन किया। पंचायत लघुसचिवालय में धर्मांतरण के खिलाफ ज्ञापन सौंपा है।

राज्य सभा में उठा मुद्दा

church controversy in hisar, haryana

राज्य सभा में भी चर्च में हुई तोड़फोड़ का मामला उठा। विपक्ष ने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। इस बीच, सरकार ने कहा है कि देश के सांप्रदायिक सौहार्द को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। सदन में चर्चा कराने का नोटिस देने वाले सीपीआई के डी राजा ने कहा कि देश में अल्पसंख्यकों का सुरक्षित न होना गंभीर स्थिति है। ‘मैं बड़े ही दर्द और पीड़ा के साथ इस मुद्दे को उठा रहा हूं। देश में ईसाईयों पर हमले बढ़े हैं। यह काफी चौंकाने वाला है।

इस गंभीर मामले से देश के सभी लोग चिंतित हैं।’ राजा ने भाजपा के एक नेता के उस बयान का भी उदाहरण दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि भगवान केवल मंदिर में बसते हैं और कहीं नहीं।

राजा से सहमति जताते हुए संसदीय मामलों के राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि संबंधित राज्य सरकारों को सभी जरूरी कदम उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने उचित नोटिस के बाद इस मुद्दे पर चर्चा कराए जाने पर भी सहमति जताई। नकवी ने कहा कि हम इस तरह की घटनाओं के खिलाफ हैं। जिन राज्यों में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं वहां की सरकारों को दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने चाहिए।

गृह मंत्रालय ने तलब की रिपोर्ट

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हिसार के कैमरी गांव में चर्च में हुई तोड़फोड़ और पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में नन के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना पर केंद्रीय गृह मंत्रालय सतर्क हो गया है। इस मामले में दोनों राज्यों से केंद्र ने रिपोर्ट तलब करते हुए पूछा है कि अब तक इस पर क्या कार्रवाई हुई। गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

मंत्रालय ने हरियाणा सरकार से पूछा है कि मामले पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है, कितने आरोपी पकड़े गए हैं और कितनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। साथ ही चर्च की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। गृह मंत्रालय ने यह भी आदेश दिए हैं कि राज्य सह सुनिश्चित करें कि भविष्य में ऐसी घटना नहीं होगी।

'जबरन धर्मांतरण कराने की शिकायत मिली'

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हरियाणा की विधानसभा से लेकर राज्यसभा में गूंजा हिसार की निर्माणाधीन 'चर्च' का सच जानेंगे तो आप चौंक जाएंगे। मामले का खुलासा खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विधानसभा में दिए बयान में किया।

उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति चर्च का निर्माण करा रहा था, उसके खिलाफ जबरन धर्मांतरण कराने की शिकायत मिली है। जिस गांव में चर्च का निर्माण किया जा रहा है, वहां कोई भी परिवार ईसाई समुदाय का नहीं है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र में तीन-चार साल पहले जगदीश नामक व्यक्ति ने सात एकड़ जमीन खरीदकर एक कालोनी काटी थी। इसी कालोनी में सुभाष मसीह नामक व्यक्ति एक मकान किराए पर लेकर रह रहा था। वह घर के पास ही 250 गज जमीन 12 लाख रुपये में खरीदकर दो कमरे का मकान बना रहा था।

गत आठ फरवरी को वह निर्माण में लगे मजदूरों को बाइबिल का पाठ पढ़ा रहा था, जिस पर मजदूरों ने ऐतराज जताया। मामले ने तूल पकड़ा तो गांव के सरपंच ने भी सुभाष मसीह को समझाकर मामला शांत कराया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना के बाद सुभाष कुछ दिन के लिए कहीं चला गया और लौटकर उसने 14 लोगों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज कराया। सुभाष मसीह ने दो कमरे के मकान को ही चर्च बताया है। इसे लेकर ग्रामीणों में रोष है और वे आयुक्त से मिलने वाले हैं। इस बीच उमेध सिंह नामक व्यक्ति ने सुभाष मसीह पर जबरन धर्मांतरण कराने की कोशिश का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है।

चर्च में तोड़फोड़ पर राजनीति शुरू

church controversy in hisar, haryana

उमेध ने अपनी शिकायत में कहा है कि सुभाष उसे अपने घर ले गया, जहां पहले से कुछ लोग मौजूद थे। सबने मिलकर प्रार्थना की और फिर सुभाष ने उसे नौकरी दिलाने का लालच देते हुए ईसाई बनने को कहा। सुभाष ने यह भी कहा कि वह उसकी शादी भी करा देगा। इस बीच सुभाष हिंदू देवी-देवताओं के लिए अपशब्द बोलने लगा, जिस पर अमोध का उससे विवाद हो गया। तब सुभाष और वहां मौजूद अन्य लोगों ने अमोध से मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया।

इसलिए दी सदन में जानकारी: सीएम
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि उन्होंने मामले की जानकारी इसलिए दी है, ताकि प्रदेश में शांति बनी रहे। किसी तरह की अफवाह न फैले। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का आदर होना चाहिए। अगर कुछ गलत होगा तो उसे अवश्य रोका जाएगा।

तोड़फोड़ खुद की या ग्रामीणों ने: इनेलो
मुख्यमंत्री सोमवार को जब सदन में बयान दे रहे थे तब इनेलो केरणवीर गगंवाल ने कहा कि कैमरी गांव उनके हलके का है। वहां सभी ग्रामीणों का कहना है कि चर्च में उन्होंने तोड़फोड़ नहीं की गई। गंगवाल ने सवाल किया कि आखिर चर्च में किसने तोड़फोड़ की। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव नजदीक देखकर कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए ऐसी हरकत पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि चर्च में तोड़फोड़ सुभाष मसीह ने खुद की है या ग्रामीणों ने की।

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