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पिता और छोटे भाई की मौत के 38 घंटे बाद मासूम ने तोड़ा दम, पापा ने घरेलू कलह में दिया था जहर

Wed, 10 Apr 2019 12:08 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Wed, 10 Apr 2019 12:08 AM IST
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Child also died after father and younger brother's death in Rohtak
सांकेतिक तस्वीर

महम में पत्नी और ससुराल के अन्य लोगों से विवाद के चलते दो बेटों को सल्फास खिलाने के बाद पिता के आत्महत्या करने के मामले में पीजीआई में भर्ती छह साल के मासूम हनु ने भी करीब 38 घंटे बाद सोमवार देर रात दम तोड़ दिया।

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वहीं बेटे की मौत के तुरंत बाद ही आरोपी मां शव छोड़कर अस्पताल से फरार हो गई। मौत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। गमगीन माहौल में मंगलवार को फरमाणा गांव में बच्चे का अंतिम संस्कार किया गया।
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मूलरूप से फरमाणा हाल आबाद महम के 35 वर्षीय बलवान ने पत्नी, ससुरालियों से विवाद से तंग होकर रविवार को दोपहर छह वर्षीय बेटे हनु और 4 वर्षीय बेटे मान को सल्फास देने के बाद खुद भी जहर खा लिया था। इससे बलवान और मान की रविवार को मौत हो गई थी जबकि हनु का पीजीआई में उपचार चल रहा था। 

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बलवान की बहन इंदू ने भाभी ज्योति, उसकी मां गुड्डी और भाभी की बहन पूजा के खिलाफ जमीन और रुपयों को लेकर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। परिजनों ने बताया कि सोमवार देर रात हनु ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

उधर, मासूम की मौत के बाद पीजीआई में ही उसकी देखरेख में बैठी मां ज्योति फरार हो गई। इस बारे में महम के एसआई जयप्रकाश ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

लापरवाही : पुलिसकर्मी को तैनात करना मुनासिब क्यों नहीं समझा?
परिजनों का आरोप है कि आरोपी ज्योति के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पीजीआई में मासूम हनु के उपचार के दौरान सिर्फ ज्योति को छोड़ा गया। हालांकि, परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। मामला दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने पीजीआई में आरोपी ज्योति पर निगरानी रखना मुनासिब नहीं समझा। इसके कारण वह आसानी से फरार हो गई। 

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