{"_id":"59f011e04f1c1b79548b8fa2","slug":"chandigarh-sub-inspector-mohan-singh-arrested-in-bribe-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो लाख की रिश्वत लेते सब इंस्पेक्टर गिरफ्तार, जानिए डील क्या हुई थी?","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दो लाख की रिश्वत लेते सब इंस्पेक्टर गिरफ्तार, जानिए डील क्या हुई थी?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 25 Oct 2017 09:54 AM IST
विज्ञापन
रिश्वत कांड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीआई ने मंगलवार को चंडीगढ़ में एक सब इंस्पेक्टर को दो लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। 307 के एक केस को लेकर डील हुई थी। आरोप है कि सब इंस्पेक्टर मोहन सिंह ने 307 के एक केस से तीन आरोपियों को बाहर करने की एवज में नौ लाख रुपये मांगे थे। इनमें से दो लाख रुपये मंगलवार को सेक्टर-31 की मार्केट में शिकायतकर्ता देने पहुंचा तो सीबीआई ने मोहन सिंह को दबोच लिया। डेराबस्सी निवासी शिकायतकर्ता प्रेम सिंह बिष्ट की शिकायत पर सीबीआई ने ट्रैप लगाया हुआ था।
वहीं सीबीआई केट्रैप के बाद सेक्टर-31 थाने की एसएचओ इंस्पेक्टर जसविंदर कौर को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सीबीआई को दी गई शिकायत के मुताबिक मोहन सिंह जो नौ लाख रुपये मांग रहा था, उसमें से आठ लाख रुपये एसएचओ को देने की बात कही गई थी। सीबीआई ने देर रात तक इंस्पेक्टर जसविंदर कौर से भी पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक रिश्वत इंस्पेक्टर के नाम पर मांगी गई थी। इस मामले को चंडीगढ़ पुलिस अपने स्तर पर भी जांच करेगी।
प्रेम सिंह बिष्ट के मुताबिक उसका फाइनेंस का काम है और राम दरबार में उसका दफ्तर है। पिछले माह 17 तारीख को राम दरबार में झगड़ा हुआ था, जिसमें रवि नाम के युवक को चोट लगी थी। उसकी शिकायत पर सेक्टर-31 थाने में दस युवकों के खिलाफ 307 का केस दर्ज हुआ था। आरोपियों में उसके दफ्तर में काम करने वाले तीन युवक जोसफ, दीपू और अनिल भी हैं।
विज्ञापन
सिंह के मुताबिक मोहन सिंह 307 के केस की जांच कर रहा था और कई बार उसके दफ्तर में आकर धमकी दी। उसे मानसिक प्रताड़ना दी गई और कहा गया कि अगर इस केस से बचना है तो नौ लाख रुपये देने होंगे। सिंह केमुताबिक मोहन सिंह ने उसे कहा कि आठ लाख रुपये एसएचओ केहैं और एक लाख उसे चाहिए। इस प्रताड़ना की शिकायत कुछ दिन पहले चंडीगढ़ एसएसपी को भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में सीबीआई को शिकायत दी, तो उस पर ट्रैप लगा।
रिटायरमेंट को बचा है एक साल
सूत्रों के मुताबिक, एसआई मोहन की रिटायरमेंट में एक साल ही बचा है। वहीं पिछले दिनों मोहन सिंह की सेक्टर-31 थाने से ट्रांसफर हो गई थी, लेकिन वह फिर से वापस आ गया। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने एसएचओ जसविंद्र कौर से भी सवाल किए।
शिकायतकर्ता किडनैपिंग के केस में काट चुका है सजा
वहीं इस रिश्वत कांड का दूसरा पहलू यह है कि शिकायतकर्ता प्रेम सिंह केखिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह एक किडनैपिंग केकेस में सजा भी काट चुका है और चंडीगढ़ ट्रेजरी के सिस्टम को हैक कर चार करोड़ रुपये चुराने का मामला भी चल रहा है। दरअसल जब बिष्ट जेल में था तो उसे कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दी गई थी। इसी दौरान यह हैकिंग का खेल हुआ। वारदात में उसकेसाथी भी गिरफ्तार हुए थे और पैसा भी रिकवर हुआ था।
विज्ञापन
वहीं सीबीआई केट्रैप के बाद सेक्टर-31 थाने की एसएचओ इंस्पेक्टर जसविंदर कौर को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सीबीआई को दी गई शिकायत के मुताबिक मोहन सिंह जो नौ लाख रुपये मांग रहा था, उसमें से आठ लाख रुपये एसएचओ को देने की बात कही गई थी। सीबीआई ने देर रात तक इंस्पेक्टर जसविंदर कौर से भी पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक रिश्वत इंस्पेक्टर के नाम पर मांगी गई थी। इस मामले को चंडीगढ़ पुलिस अपने स्तर पर भी जांच करेगी।
विज्ञापन
प्रेम सिंह बिष्ट के मुताबिक उसका फाइनेंस का काम है और राम दरबार में उसका दफ्तर है। पिछले माह 17 तारीख को राम दरबार में झगड़ा हुआ था, जिसमें रवि नाम के युवक को चोट लगी थी। उसकी शिकायत पर सेक्टर-31 थाने में दस युवकों के खिलाफ 307 का केस दर्ज हुआ था। आरोपियों में उसके दफ्तर में काम करने वाले तीन युवक जोसफ, दीपू और अनिल भी हैं।
विज्ञापन
सिंह के मुताबिक मोहन सिंह 307 के केस की जांच कर रहा था और कई बार उसके दफ्तर में आकर धमकी दी। उसे मानसिक प्रताड़ना दी गई और कहा गया कि अगर इस केस से बचना है तो नौ लाख रुपये देने होंगे। सिंह केमुताबिक मोहन सिंह ने उसे कहा कि आठ लाख रुपये एसएचओ केहैं और एक लाख उसे चाहिए। इस प्रताड़ना की शिकायत कुछ दिन पहले चंडीगढ़ एसएसपी को भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में सीबीआई को शिकायत दी, तो उस पर ट्रैप लगा।
रिटायरमेंट को बचा है एक साल
सूत्रों के मुताबिक, एसआई मोहन की रिटायरमेंट में एक साल ही बचा है। वहीं पिछले दिनों मोहन सिंह की सेक्टर-31 थाने से ट्रांसफर हो गई थी, लेकिन वह फिर से वापस आ गया। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने एसएचओ जसविंद्र कौर से भी सवाल किए।
शिकायतकर्ता किडनैपिंग के केस में काट चुका है सजा
वहीं इस रिश्वत कांड का दूसरा पहलू यह है कि शिकायतकर्ता प्रेम सिंह केखिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह एक किडनैपिंग केकेस में सजा भी काट चुका है और चंडीगढ़ ट्रेजरी के सिस्टम को हैक कर चार करोड़ रुपये चुराने का मामला भी चल रहा है। दरअसल जब बिष्ट जेल में था तो उसे कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दी गई थी। इसी दौरान यह हैकिंग का खेल हुआ। वारदात में उसकेसाथी भी गिरफ्तार हुए थे और पैसा भी रिकवर हुआ था।