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पुलिस प्रशासन के खिलाफ अकेली लड़ रही गैंगरेप पीड़िता

Sat, 05 Apr 2014 12:44 AM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 05 Apr 2014 12:44 AM IST
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Chandigarh rape: victim fight to police administration

खुडा लाहौरा में कांस्टेबलों द्वारा दुराचार मामले की पीड़िता पुलिस के खिलाफ न्याय की लड़ाई अकेले ही लड़ रही है। आरोपी कांस्टेबलों को पुलिस के अधिकारियों की ओर से पूरा सहयोग मिल रहा है। शिकायत दर्ज कराते समय 19 दिसंबर को पीड़िता से जो दुर्व्यवहार हुआ उस मामले की जांच रिपोर्ट अभी तक अटकी है। जांच कर रहे एसएसपी ट्रैफिक का कहना है कि वे चुनाव के बाद ही रिपोर्ट सौंप सकेंगे। इतना ही नहीं पीड़िता को बयान से मुकरने वाली लेडी कांस्टेबल का नाम सामने आने के बाद भी पुलिस की ओर से उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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पत्र लिखकर पुलिस की जांच टीम पर ये आरोप लगाए

Chandigarh rape: victim fight to police administration

पीड़िता के भाई ने 22 दिसंबर को आईजी आरपी उपाध्याय को पत्र लिखकर पुलिस की जांच टीम पर ये आरोप लगाए थे। पत्र में कहा गया कि पुलिस थाने में अधिकारियों ने उनकी बहन पर आरोपी पुलिस कर्मचारियों के साथ समझौता करने का दबाव बनाया गया।

पीड़िता के बयान दर्ज करते समय आरोपी अक्षय और सुनील को सामने बैठाया गया। दोनों आरोपियों को कुर्सी पर बैठाया गया, जबकि पीड़िता और उसके भाई को नीचे कोने में बैठने को कहा। तत्कालीन जांच अधिकारी ने कहा कि यह बलात्कार नहीं प्रेम प्रसंग का मामला है। तत्कालीन जांच अधिकारी का व्यवहार पीड़िता के प्रति सही नहीं था। इसकी जांच करवाई जाए। उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है, मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी में उन्हीं अधिकारियों को शामिल किया गया, जिन पर दबाव बनाने का आरोप है।

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आरोपी की पत्नी कांस्टेबल कविता को खुली छूट

Chandigarh rape: victim fight to police administration

पीड़िता के वकील ब्रजेश्वर जसवाल का कहना है कि आरोपी कांस्टेबल अनिल की पत्नी (कांस्टेबल कविता) एसआईटी की जांच के समय से ही पीड़िता के संपर्क में थी। आरोपी महिला कांस्टेबल ने ही पीड़िता के साथ आरोपियों के परिजनों का समझौता करवाने का प्रयास किया। उनका कहना है कि महिला कांस्टेबल की पीड़िता के साथ कई बार मोबाइल पर बात हुई है। यह सब कुछ मोबाइल डिटेल से साबित हो रहा है।

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बाबा रामदेव को मोहरा बनाया

Chandigarh rape: victim fight to police administration

पीड़ित पक्ष के अनुसार उनकी पहचान उजागर करने के लिए बाबा रामदेव को भारी भीड़ के साथ पुलिस अधिकारी उनके घर लेकर पहुंचे। इस वजह से पूरा परिवार अपमानित हुआ और मजबूरन उन्हें अपना पुश्तैनी घर बेचना पड़ा। वे जहां भी घर लेते हैं, पुलिस के दबाव में मकान मालिक जल्द ही उनसे घर खाली करवा लेते हैं। पीड़िता की पहचान उजागर होने पर युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष हरमेल केसरी की ओर से पुलिस विभाग में बाबा रामदेव की शिकायत की गई लेकिन यह जांच भी ठंडे बस्ते में डाल दी गई है।

न्याय की लड़ाई में अकेली रह गई पीड़िता

Chandigarh rape: victim fight to police administration

मामला उजागर हुआ तो भाजपा और कांग्रेस ने सड़कों पर इस मामले को लेकर काफी राजनीति की। मगर धीरे-धीरे पूरा मामला ही मैनेज हो गया और न्याय की लड़ाई में पीड़िता अकेली रह गई। पीड़िता के भाई का कहना है कि शुरू से उनकी बहन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि पूरा परिवार काफी परेशानी से जूझ रहा है। इसलिए सुरक्षा की भी मांग की गई है। बाबा रामदेव ने घर आकर मदद देने का वायदा किया और मीडिया में वाहवाही लूटी मगर उनका वादा भी झूठा साबित हुआ।

एसएसपी ट्रैफिक मीनष चौधरी के मुताबिक पीड़िता के भाई की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच पूरी होने वाली है। लोकसभा चुनाव के बाद रिपोर्ट आईजी को सौंप दी जाएगी।

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