फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh rape: recommend case for Fast Track court

चंडीगढ़ रेप: फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस!

Sat, 21 Dec 2013 01:45 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 21 Dec 2013 01:45 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh rape: recommend case for Fast Track court

दसवीं की छात्रा से रेप और छेड़छाड़ के आरोपी पांचों कांस्टेबलों को शुक्रवार को पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया। मामले में फरार पांचवें आरोपी कांस्टेबल अनिल को भी शुक्रवार दोपहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन


वह मनीमाजरा के पिपली वाला टाउन में रहता है। आरोपियों में दो हरियाणा और एक पंजाब से है। इस बीच डीसी और आईजी ने जिला अदालत को पत्र लिख कर अपील की है कि मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए।
विज्ञापन


हालांकि पुलिस पर आरोप लग रहा है कि वह मामले को दबाने के लिए लड़की पर दबाव बनाकर समझौता कराने का प्रयास कर रही है।

गुस्साये लोगों ने अदालत परिसर में आरोपियों को शुक्रवार को एकबार फिर से धुना। मामले को लेकर चंडीगढ़ और पंचकूला में कई जगह प्रदर्शन हुए। लोगों ने पुलिस के खिलाफ गुस्सा प्रकट किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


तीन दिन का पुलिस रिमांड
सेक्टर-11 पुलिस ने पांचों आरोपियों को शुक्रवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जिला अदालत में पेश किया। पुलिस की ओर से चार दिन का रिमांड मांगा गया था।

अदालत ने दलील सुनने के बाद तीन दिन का रिमांड पर उन्हें भेजा।  पुलिस की दलील थी कि कर्मचारियों ने जिन जगहों पर दुराचार किया और शारीरिक छेड़छाड़ की है उन स्थलों की निशानदेही करनी है।

इसके साथ ही वह हथियार एवं पिस्तौल रिकवर करनी है जो उन्होंने लड़की के सिर पर लगाकर धमकी दी थी।

अदालत में जमकर हंगामा
रेप करने वाले कांस्टेबल गैंग के आरोपियों को किसी भी वक्त पेश किए जाने की संभावना को देखते हुए सुबह से ही भीड़ अदालत परिसर में जुटने लगी थी।

इसमें भाजपा और एबीवीपी के कार्यकर्ता भी काफी संख्या में थे। सभी आरोपियों को कड़ी सजा की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे। जैसे ही आरोपियों को लेकर पुलिस पहुंची तो भीड़ ने उन्हें पीटा।

बीच-बचाव करने आए पुलिस कर्मियों को भी भीड़ ने तमाचे जड़े। जिला अदालत में लड़की की मदद के लिए भाजपा का महिला मोर्चा पार्षद आशा जसवाल के नेतृत्व में पहुंचा।


आशा जसवाल ने बताया कि पीड़ित बच्ची की हर तरह से मदद की जाएगी। इस मौके पर सेक्टर-15 निवासी एवं वकील दीपा दूबे भी मौजूद रही। दीपा दूबे का कहना है कि आरोपियों को कम से कम फांसी होनी चाहिए।

उनका कहना है कि अब महिला पुलिस से सुरक्षा मांगने के लिए जाएगा। उनका कहना है कि चंडीगढ़ पुलिस पर अब शहर की महिलाओं का विश्वास नहीं रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed