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कांस्टेबल रीटा को न ढूंढ सकी चंडीगढ़ पुलिस
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 02 Aug 2014 10:40 AM IST
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54 दिन से गायब लेडी कांस्टेबल रीटा को तलाश करने में चंडीगढ़ पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस मामले की जांच करने के लिए तैयार नहीं है। यह मामला अब यूटी पुलिस हरियाणा पुलिस को सौंपने की तैयारी कर रही है। इस पर डीएसपी और एसएसपी ने अपनी मंजूरी भी दे दी है।
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आईजी आरपी उपाध्याय की मंजूरी के बाद सोमवार को यह केस हरियाणा के पानीपत पुलिस को भेज दिया जाएगा। रीटा का परिवार भी लगातार चंडीगढ़ पुलिस पर दबाव बन रहा है कि यह केस हरियाणा पुलिस को ट्रांसफर किया जाए।
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सेक्टर-17 पुलिस ने केस हरियाणा में भेजने की फाइल तैयार कर ली है, जिसमें लिखा गया है कि घटनास्थल पानीपत का ही बनता है और उन्होंने अपने स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। रीटा मूल रूप से हरियाणा के जिला पानीपत के गांव चुकलाणा की रहने वाली हैं।
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परिवार को है कांस्टेबल रविंदर पर शक
कांस्टेबल रीटा के पिता रमेश कुमार ने कांस्टेबल रविंदर पर अपनी बेटी के गायब होने का शक जताया है। उनका कहना है कि यूटी पुलिस कांस्टेबल रविंदर से कोई भी सुराग नहीं निकलवा पा रही है। ऐसे में हरियाणा पुलिस में केस ट्रांसफर हो जाना चाहिए। जबकि पुलिस ने अभी तक रविंदर को आरोपी भी नहीं बनाया है।
रीटा के गायब होने का मामला हरियाणा पुलिस को जांच के लिए रेफर किया जा रहा है। परिवार की ओर से भी अपील की गई थी कि केस हरियाणा पुलिस को भेज दिया जाए। वह हरियाणा से ही गायब हुई थी इसलिए घटनास्थल वहां का ही बनता था।
- डा. सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी
अब तक हुई इतनी कार्रवाई
. नार्को टेस्ट से आगे नहीं बढ़ पाई पुलिस
. 10 जून को अपहरण का मामला दर्ज किया
. पुलिस की टीम तीन से चार बारी रीटा के गांव में गई और वहां पर एक दर्जन से ज्यादा लोगों से पूछताछ की
. कांस्टेबल रविंदर से कई बार पूछताछ की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली
. गायब रीटा के तीनों मोबाइल फोन, उसकी सहेलियों और कांस्टेबल रविंदर के मोबाइल नंबरों की काल डिटेल खंगाली गई
. जिस जगह पर रीटा के मोबाइल की अंतिम लोकेशन आई वहां पर जाकर पूछताछ की गई। करनाल में रीटा की अंतिम काल लोकेशन आई थी
. कांस्टेबल रविंदर के नार्को टेस्ट करवाने की मंजूरी जिला अदालत से ली, लेकिन गुजरात से अभी तक टेस्ट के लिए तारीख नहीं मिली
. हरियाणा और दिल्ली में मिले अज्ञात शवों को चेक किया गया
इस सवाल का जवाब अब भी अधूरा
रीटा के पास तीन मोबाइल फोन थे, जिनमें से एक मोबाइल फोन 9 जून को कोई और प्रयोग कर रहा था। इसी दिन रीटा गायब हुई थी। यह मोबाइल फोन करनाल के एक गेस्ट हाउस में चल रहा था, लेकिन पुलिस इस सवाल का जवाब नहीं तलाश पाई कि कौन रीटा से उसके ही मोबाइल फोन पर उसके दूसरे फोन पर बात कर रहा था।
क्यों हुआ रविंदर पर शक
कॉल डिटेल से पुलिस को पता चला है कि रीटा और रविंदर ने करीब दो हजार कॉल एक दूसरे को की हैं। 8 जून की शाम को रीटा करनाल से गायब हुई थी और सुबह उसकी रविंदर से बात भी हुई थी। पुलिस के अनुसार करीब तीन साल से रीटा पीसीआर में तैनात है और रविंदर की पहले ड्यूटी पीसीआर में ही थी। रीटा और रविंदर ने एक साथ नौकरी की। रविंदर एक्स सर्विसमैन भी हैं। 7 जून को रीटा ने रविंदर के माध्यम से घर के लिए कैंटीन से एक मिक्सी भी ली थी।