चंडीगढ़ पुलिस ढील न बरतती तो न लुटते 'ईश्वर'
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अगर पुलिस थोड़ी सी हरकत दिखाती तो शायद हरियाणा विधि विभाग के अवर सचिव ईश्वर सिंह के साथ अपहरण के बाद उनकी डिजायर कार लूटने की वारदात न होती और बदमाश भी पकड़े जाते।
ईश्वर सिंह के साथ हुई वारदात से करीब एक घंटा पहले बदमाशों ने सेक्टर-21 निवासी शरणजीत सिंह की स्विफ्ट डिजायर कार छीनने का प्रयास किया था।
एक बदमाश ने कार की चाबी निकालने की कोशिश की, लेकिन शरणजीत सिंह किसी तरह से बच निकले। घर आकर शरणजीत सिंह (62) ने पुलिस कंट्रोल को अपने साथ हुई वारदात के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद पीसीआर की गाड़ी शरणजीत सिंह के घर पर गई।
शरणजीत सिंह 10 मिनट में अपने घर पहुंच गए थे, लेकिन घटनास्थल पर पुलिस ने स्थिति का जायजा नहीं लिया। क्योंकि विधि विभाग के ईश्वर सिंह के साथ वारदात 6 बजे सेक्टर-43 की जिला अदालत के पास हुई।
जबकि शरणजीत सिंह के साथ हुई वारदात का भी घटनास्थल यहीं था। शरणजीत सिंह के साथ हुई वारदात के बाद कई पुलिस कर्मचारियों ने फोन पर उनसे घटना की जानकारी ली। शरणजीत सिंह के साथ हुई वारदात से एक बात स्पष्ट है कि बदमाशों को डिजायर गाड़ी की ही जरूरत थी।
अपराध करने का तरीका एक जैसा
ईश्वर सिंह और शरजीत सिंह के साथ हुई वारदात को अंजाम देने का तरीका बदमाशों का एक ही रहा। पंजाब एजूकेशन बोर्ड के रिटायर अधिकारी शरणजीत सिंह ने बताया कि वह अपनी बेटी को बस स्टैंड छोड़ने के लिए आए थे।
उनकी बेटी को शिमला जाना था। जब वह अपनी कार में वापस लौट रहे थे तो जिला अदालत के पास पीछे से एक मारुति कार आई, जिसके चालक ने रुकने का इशारा करते कहा कि उसने रास्ता पूछना है।
इस पर शरणजीत सिंह रुक गए, लेकिन उनकी गाड़ी स्टार्ट थी। मारुति कार में से एक बदमाश बाहर आया और उसने सेक्टर-17 बस स्टैंड का रास्ता पूछा। पूछते हुए उसने डिजायर गाड़ी की चाबी पर हाथ डाला इतने में शरणजीत सिंह जल्द संभल गए और उन्होंने कार छीनने से रोकते हुए बदमाश को धकेल दिया। इसके बाद शरणजीत सिंह ने पहला गेयर डालते हुए गाड़ी आगे बढ़ा ली।
शरणजीत सिंह के अनुसार उन्हें लगा कि मारुति कार सवार बदमाश उनका पीछा कर सकते हैं। इसलिए घर आकर ही उन्होंने पुलिस कंट्रोल में सूचना दी। शरणजीत सिंह के अनुसार उस समय कुछ अंधेरा भी था।
मालूम हो कि ईश्वर सिंह के साथ हुई वारदात में भी बदमाशों ने सेक्टर-17 बस स्टैंड का रास्ता पूछने के लिए ही उन्हें रोका था। शरणजीत सिंह के पास जो मारुति कार से बदमाश निकल कर आया था, उसकी उम्र 25 से 28 साल के बीच थी।
नहीं लगा बदमाशों का सुराग
वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों का सुराग पुलिस अभी तक नहीं लगा पाई है जबकि इस मामले की जांच की जिम्मेवारी सेक्टर-36 पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच को भी सौंपी गई है। पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों की भी तस्वीर ईश्वर सिंह को दिखाई है। पुलिस होटलों का रिकार्ड भी चेक कर रही है।
पुलिस को उम्मीद है कि वारदात से पहले की रात बदमाश किसी होटल में रुके होंगे। डीएसपी साउथ एसएस मलिक का कहना है कि वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई है।
उनका कहना है कि जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा। बस स्टैंड के आसपास के एरिया में गश्त बढ़ा दी गई है। वारदात के बाद ईश्वर सिंह की डिजायर गाड़ी का नंबर पूरे पंजाब में पुलिस की सूचना में लाया गया है। चंडीगढ़ पुलिस पंजाब पुलिस के भी संपर्क में है।
पुलिस ने किए बदमाशों के स्केच जारी
हरियाणा के विधि विभाग के अवर सचिव ईश्वर सिंह से लूट के मामले में पुलिस ने मंगलवार शाम को तीन बदमाशों के स्केच जारी किए हैं। यह स्केच पुलिस ने ईश्वर सिंह की मदद से ही तैयार किए हैं जिन्हें पंजाब पुलिस को भी भेज दिए गए हैं।
डीएसपी ने दी गश्त बढाने की हिदायत
डीएसपी साउथ एसएस मलिक ने दक्षिणी सेक्टर के थाना प्रभारियों के साथ बैठक की। बैठक में सेक्टर-31 पुलिस थाना प्रभारी कृपाल सिंह, सेक्टर-34 थाना प्रभारी राजेश शुक्ला, सेक्टर-36 थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने भाग लिया, जिसमें डीएसपी ने अपने अपने एरिया में गश्त बढ़ाने की हिदायत दी।