Chandigarh News: मैट्रिमोनियल एप पर दोस्ती कर करते थे ठगी, पुलिस ने चार नाइजीरियन समेत छह को दबोचा
महिला ने पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके अलग-अलग टीम बनाकर रेड की प्रिंस और पास्कल को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया। रेड के दौरान आरोपियों ने मोबाइल फोन तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लिया।
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साइबर क्राइम की टीम ने मैट्रिमोनियल एप के जरिए ठगी करने वाले चार नाइजीरियन, एक भारतीय मूल की महिला और एक अन्य को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर मैट्रिमोनियल एप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर चंडीगढ़ की एक महिला डॉक्टर से 47 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। गैंग के लोग मैट्रिमोनियल एप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर भोले भाले लोगों को ठगते थे।
महिला डॉक्टर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी मुलाकात मैट्रिमोनियल एप के जरिए क्रिस्टोफर नाम के एक व्यक्ति से हुई थी। क्रिस्टोफर ने बताया था कि वह एक डॉक्टर है और एम्स्टर्डम नीदरलैंड में रहता है। उन्होंने कुछ दिनों बाद व्हाट्सएप के जरिए बात करनी शुरू की। दोनों के बीच में अच्छी दोस्ती हो गई और शादी करने की सहमति बनी। क्रिस्टोफर ने महिला को फर्जी फ्लाइट की टिकट भेजकर भारत में आने की बात कहीं।
जनवरी में क्रिस्टोफर ने महिला को कहा कि उसने मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड किया है। उसके पास 2 लाख 80 हजार यूरो का डिमांड ड्राफ्ट है। एयरपोर्ट स्टाफ ने तय कस्टम चार्ज में इतनी रकम का डिमांड ड्राफ्ट जारी नहीं किया है। शिकायतकर्ता महिला के पास एक अलग नंबर से फोन आया उसने खुद को एयरपोर्ट कर्मी बताया।
उसने कहा कि यह रकम जारी करवाने के लिए कस्टम चार्ज और करेंसी कन्वर्जन चार्ज देना होगा। शिकायतकर्ता महिला ने बातों में आकर अलग अलग बैंक खातों से 47 लाख 22 हजार 600 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके लिए उसने बैंकों और अपने जानकारों से लोन लिया। महिला को बाद में पता चला की उसके साथ ठगी हुई है।
पुलिस ने आरोपियों को दिल्ली और नोएडा से किया गिरफ्तार
महिला ने पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके अलग-अलग टीम बनाकर रेड की प्रिंस और पास्कल को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया। रेड के दौरान आरोपियों ने मोबाइल फोन तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लिया। इस दौरान पुलिस को इनसे और जानकारियां मिली और नोएडा से कैली और जोशुआ को गिरफ्तार किया।
कैली ने रिमांड के दौरान बताया कि उसने एम्स्टर्डम से मुंबई की फर्जी एयर टिकट शिकायतकर्ता को भेजी थी। आरोपी क्रिश्चियन एंटनी ने ठगी करने के लिए फर्जी बैंक अकाउंट बनाए थे। वहीं शालिनी ने कैली की बहन और मां का रोल निभाया था। उसने सबूत मिटाने के लिए मोबाइल तोड़ने में प्रिंस और पास्कल की मदद की थी। पास्कल को छोड़ चारों नाइजीरियन वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी भारत में रह रहे थे।
पास्कल और प्रिंस कैली के कहने पर करते थे काम
पुलिस ने डॉक्टर की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ 18 जनवरी 2023 को धारा 419, 420, 201, 467,468, 120 बी, और फौरन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 25 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 3 मॉडम और एक लैंडलाइन फोन बरामद किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में मुख्य आरोपी कैली के कहने पर प्रिंस और पास्कल काम करते है। दोनों आरोपी अपराध करने में कैली की मदद करते थे। प्रिंस उसकी पत्नी और पास्कल एक ही घर में रहते थे। प्रिंस के खिलाफ दिल्ली के द्वारका में एनडीपीएस का एक केस दर्ज है। वह अंतरिम जमानत पर था।