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इसने किसी को धन्नासेठ बनाया तो किसी को कर्जदार

Wed, 08 Apr 2015 11:14 AM IST
अरविंद बाजपेयी/अमर उजाला, चंडीगढ़
अरविंद बाजपेयी/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 08 Apr 2015 11:14 AM IST
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chandigarh money laundering case, exposure about mukesh mittal

मनी लांडरिंग मामले में अब परत दर परत राज खुलते जा रहे हैं। मुकेश मित्तल ने कागजों में किसी को धन्नासेठ बना दिया तो किसी को कर्ज में डुबो दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में अब तक हुए बयान के मुताबिक, इस केस से जुड़े जिन लोगों के बयान हुए हैं, उन्हें पता तक नहीं कि उनके नाम पर करोड़ों-अरबों के लेनदेन हुए हैं या फिर उनके नाम पर मोटा कर्ज चढ़ा है।

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प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांडरिंग केस से जुड़े मनीष कुमार से पूछताछ की। मुकेश मित्तल के क्लर्क प्रवीण कुमार और उसके भाई मनीष कुमार के नाम पर मुकेश मित्तल की एक कंपनी से चार करोड़ 60 लाख रुपये का लोन दिखाया गया है। प्रवर्तन निदेशालय को मुकेश मित्तल की कंपनी की बैलेंस शीट से यह जानकारी मिली है।
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बयान दर्ज कराने पहुंचे मनीष कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को बताया कि वह नौवीं पास है और उसे इस लोन के बारे में जानकारी तक नहीं है। जब उसकी आमदनी ही इतनी नहीं है तो फिर उसे करोड़ों रुपये का लोन कैसे मिल सकता है?

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मनीष के नाम तीन बैंक अकाउंट

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पूछताछ के दौरान मनीष कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय को बताया कि ट्राइसिटी में उसके नाम पर तीन बैंक एकाउंट हैं, लेकिन उन्हें वह ऑपरेट नहीं करता है। उसे यही कहा गया है कि ये तीनों कंपनी के एकाउंट हैं।
 
92 बीघे भी है मनीष के नाम
मनीष कुमार ने ईडी को बताया कि उसके नाम पर 92 बीघे जमीन हैं। हस्ताक्षर युक्त जो 60 चेक मुकेश मित्तल के घर से बरामद किए गए, उन पर उसने मुकेश मित्तल के कहने पर ही साइन किए थे।

लालचंद को भी नहीं पता, वह किसी कंपनी का डायरेक्टर भी है

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में मुकेश मित्तल के ड्राइवर लालचंद ने भी बयान दिया था कि वह पांचवीं पास है और सिर्फ अपना नाम लिखना जानता है। साहब जहां कहते थे, दस्तखत कर देता था।

उसे यह भी नहीं पता कि वह किसी कंपनी का डायरेक्टर भी है, जबकि मुकेश मित्तल ने उसे शरबिला बिल्डर एंड डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड, शिवालिक सर्विसेज एंड प्रमोटर्स, माउंट हिल सर्विसेज एंड प्रमोटर्स में डायरेक्टर बना रखा था।

कुछ समय बाद उसे दो कंपनियों से हटा दिया गया था। हालांकि आंकड़ों के मुताबिक, लालचंद के नाम नौ बैंक एकाउंट, पांच लग्जरी कारें (इनोवा, लौरा, वाक्सवैगन, होंडा सिटी, ऑडी), कंडाघाट में पड़ने वाले बिहारी घाट में 95 बीघा जमीन और कंडाघाट के पास जेपी यूनिवर्सिटी के पास पांच बीघा जमीन है।

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