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Hindi News ›   Chandigarh ›   chandigarh : Loot case unsolved even after three years 

चंडीगढ़ का वो लूट कांड, जो तीन साल से है अनसुलझा, दस अधिकारी बदले, आगे नहीं बढ़ी जांच

Mon, 11 Jan 2021 12:43 PM IST
निवेदिता वर्मा अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 11 Jan 2021 12:43 PM IST
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chandigarh : Loot case unsolved even after three years 
चंडीगढ़ में अनसुलझी है लूट की वारदात। - फोटो : फाइल फोटो

चंडीगढ़ में तीन साल पहले कोल्ड स्टोर के मालिक अजीत जैन के परिवार को घर में बंधक बनाकर करीब साढ़े चार करोड़ के आभूषण लूटने का मामला अभी तक सुलझ नहीं पाया है। इन सालों में दो एएसपी, एक डीएसपी, दो एसएचओ और क्राइम ब्रांच से दो डीएसपी समेत तीन इंस्पेक्टरों का तबादला हो गया, लेकिन लुटेरों का कोई पता नहीं चल सका। 

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पुलिस पूछताछ से तंग आकर वारदात के कुछ दिन बाद अजीत जैन के ड्राइवर ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले की जांच पहले थाना पुलिस ने की, जब कोई सुराग नहीं लगा तो मामले को क्राइम ब्रांच के पास सौंप दिया गया, लेकिन लुटेरों का कोई ठोस सुराग नहीं लग पाया। इस मामले में पुलिस के पास सुराग के नाम पर एक सीसीटीवी फुटेज थी, जिसमें चार नकाबपोश लुटेरे एक काले रंग की सेंट्रो कार में जाते दिखे थे।
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ऐसे हुई थी लूट
9 जनवरी 2018 की शाम 7:21 बजे चार नकाबपोश बदमाश सेक्टर-33 स्थित अजीत जैन के घर में घुसे और उनकी पत्नी व बेटी को बंधक बना लिया। इनमें तीन आरोपी आपस में पंजाबी और हरियाणवी में बात कर रहे थे, जबकि एक आरोपी कुछ नहीं बोल रहा था। इस दौरान अजित जैन की बेटी ने भागने की कोशिश भी की लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। अजीत जैन की पत्नी रितु ने जब विरोध किया तो लुटेरों ने उन पर पर हमला भी किया, इससे उनकी नाक के नीचे हल्की चोटें आई थीं। करीब 20 मिनट तक लुटेरों ने दोनों को बंधक बनाए रखा। इसके बाद आरोपी घर से करोड़ों रुपये के हीरे, सोने और चांदी के आभूषण लूटकर फरार हो गए। पड़ोस के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपियों की काले रंग की सेंट्रो कार कैद हो गई लेकिन अंधेरा होने के चलते कार का नंबर साफ नहीं नजर आ रहा था।
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ड्राइवर ने ट्रेन के आगे कूदकर कर ली थी आत्महत्या
पूछताछ के दौरान जैन ने अपने ड्राइवर अविनाश यादव पर भी शक जताया था। अविनाश का उनके घर पर आना-जाना लगा रहता था। पुलिस ने जब अविनाश से कड़ाई से पूछताछ की तो वह काफी डर गया और 18 जनवरी को अंबाला-कालका रेलवे लाइन पर ट्रेन के सामने कूदकर उसने आत्महत्या कर ली। 

अविनाश के परिजनों ने आरोप लगाया कि उसे लगातार परेशान किया जा रहा था। इस मामले में जीआरपी ने अजीत जैन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत केस भी दर्ज किया। आरोप यह भी था कि पुलिस से तंग आकर अविनाश ने आत्महत्या की है।

पुलिस ने इन पहलुओं पर जांच की

  • ट्राइसिटी में पंजीकृत काली सेंट्रो कारों की लिस्ट खंगाली
  • सभी थानों में चोरी हुई सेंट्रो कार की डिटेल खंगाली
  • वारदात स्थल व आसपास का मोबाइल डंप डाटा उठाया
  • पंजाब और हरियाणा के जेलों में बंद अपराधियों से पूछताछ
  • अजीत जैन के रिश्तेदारों समेत करीबियों से भी पूछताछ
  • परिजनों के बयान पर लुटेरे का स्केच तैयार किया गया
  • टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया
  • आसपास के राज्यों में सक्रिय गैंगों की डिटेल खंगाली गई
  • चंडीगढ़ समेत आसपास के राज्यों के जेलों से पैरोल पर छूटे अपराधियों की लिस्ट खंगाली
  • अजीत जैन के पास काम करने वाले पुराने व नए कर्मियों से पूछताछ

इन कारणों से पुलिस की जांच हुई बंद 
  • अंधेरे की वजह से सेंट्रो कार का पूरा नंबर सीसीटीवी में कैद न होना
  • मोबाइल डंप डाटा से कोई सुराग न लगना
  • ड्राइवर अविनाश के आत्महत्या से केस में बदलाव आना
  • काले रंग की सेंट्रो कार की कोई डिटेल न मिलना
  • पुलिस की मुखबिरी का नाकाम रहना
100 से ज्यादा चक्कर काटे, पुलिस ने कुछ नहीं किया : अजीत जैन
पीड़ित अजीत जैन का कहना है कि लूट की वारदात में आरोपियों ने उनके घर से करीब साढ़े चार करोड़ रुपये के आभूषण लूटे थे, जिसकी लिस्ट उन्होंने पुलिस को सौंपी थी। 9 जनवरी को पूरे तीन वर्ष हो गए हैं। ऐसा लगता है कि पुलिस इस केस को भूल चुकी है। पिछले तीन सालों में सेक्टर-34 थाना, क्राइम ब्रांच के अलावा आला अधिकारियों के पास 100 से ज्यादा चक्कर इसी उम्मीद से लगाए थे कि शायद अपराधियों को पकड़ने में पुलिस जल्दबाजी दिखाए, लेकिन उनसे सिर्फ एक ही लाइन सुनने को मिलती है कि अभी कोशिश जारी है, देखते हैं।

थाने व क्राइम ब्रांच में इनका हुआ तबादला

  • डीएसपी दीपक यादव
  • एएसपी निहारिका भट्ट
  • एएसपी नेहा यादव
  • एसएचओ अजय कुमार
  • एसएचओ बलदेव कुमार
क्राइम ब्रांच
  • डीएसपी पवन कुमार
  • डीएसपी अमराव सिंह
  • इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह
  • इंस्पेक्टर रंजीत सिंह
  • इंस्पेक्टर शेर सिंह

अभी इस मामले की जांच चल रही है लेकिन ऐसा कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे अपराधियों तक पहुंचा जा सके। टीम आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। -राजीव अंबास्ता, डीएसपी, क्राइम ब्रांच, चंडीगढ़

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