पापा, मैने आपकी ख्वाहिश पूरी कर दी, लौट आओ
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पापा आप चाहते थे कि मैं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतूं। मैंने आपकी ख्वाहिश पूरी कर दी, अब तो वापस आ जाओ। यह कहना है 14 साल के विशाल शर्मा का।
विशाल सेक्टर-17 की नाइलिट इमारत हादसे में मरने वाले फाइटर डड्डूमाजरा निवासी रविंद्र शर्मा उर्फ बिट्टू का बेटा है। जिस दिन (8 जून) को एयरफोर्स में तैनात रविंद्र आग बुझाने में जुटे थे, उस दिन ही विशाल ने गोवा में आयोजित कराटे प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था। विशाल का कहना है कि गोवा जाते वक्त पिता ने कहा था बेटा गोल्ड मेडल जीतकर आना।
पिता के लाया शर्ट
विशाल ने बताया पिता केे लिए गोवा से शर्ट और मां के लिए चूड़ियां लाया है। उसने ने बताया फादर्स-डे पर पापा को गिफ्ट करनी थी। अब किसे गिफ्ट करूं।
एयरफोर्स में जाऊंगा
विशाल सेक्टर-39 के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 9वीं का छात्र है। जब वह घर लौटा तो पिता की मौत की खबर सुनकर वह सन्न रह गया। विशाल का कहना है पिता उसके रोल माडल हैं। बड़ा होकर वह भी पिता की तरह एयरफोर्स के दमकल विभाग में नौकरी करेगा।
चाचा भी कराटे के खिलाड़ी
विशाल के चाचा राज पाल शर्मा भी कराटे की कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। राज पाल का कहना है रविंद्र गांव के दूसरे युवकों को भी खेल के लिए प्रोत्साहित किया करते थे, ताकि वह नशे से दूर रहें।
कुर्बानी पर ताली बजाते थे रविंद्र
रविंद्र की बहन सरोज का कहना है जब वह टीवी पर किसी के शहीद होने की खबर सुनते थे तो गर्व से ताली बजाते थे। इस पर भाभी नाराज हो जाती थीं। तो भाई कहते थे कि आपको क्या पता कुर्बानी क्या चीज है।
बड़े बेटे के लिए चाहिए नौकरी
रविंद्र की मौत के बाद अब घर पर कमाने वाला कोई नहीं बचा है। परिवार के सदस्य बड़े बेटे धीरज के लिए नौकरी की मांग कर रहे हैं। 20 जून को रविंद्र के अंतिम भोग डाला जाएगा।