सुबह सुसाइड नोट, शाम को बोला 'जिंदा हूं मैं'
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सेक्टर-21 के एक परिवार में उस वक्त शोक का माहौल बन गया, जब एक सदस्य का सुसाइड नोट मिला। सारा दिन की परेशानी और भागदौड़ के बाद अचानक फोन की घंटी बजी और पता चला कि वह सदस्य जिंदा है। फोन खुद उसी सदस्य ने किया।
मिली जानकारी अनुसार, मकान नं. 205 निवासी 41 वर्षीय डॉ. प्रदीप मल्होत्रा ने सुसाइड नोट लिखकर गाड़ी में छोड़ दिया, जिसे देखते ही परिजनों के होश उड़ गए।
काफी तलाश करने के बावजूद जब प्रदीप का कोई सुराग नहीं मिला तो उनकी पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाद में उनकी कार पंचकूला में बरामद कर ली गई। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि डॉ. प्रदीप राजस्थान के माउंट आबू मंदिर में हैं।
पत्नी को रास्ते में छोड़ा था
डॉ.प्रदीप सोमवार सुबह करीब 11 बजे अपनी पत्नी रोमा मल्होत्रा के साथ चंडीगढ़ के सेक्टर-34 स्थित इंस्टीट्यूट जा रहे थे, लेकिन उन्होंने अपनी पत्नी को रास्ते में ही छोड़ दिया।
बाद में डॉ.प्रदीप के इंस्टीट्यूट नहीं पहुंचने की खबर मिलते ही पत्नी की बेचैनी बढ़ गई और कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को मामले की शिकायत दी। पुलिस ने मंगलवार को सेक्टर तीन के जिमखाना क्लब के पास डॉ. प्रदीप की कार बरामद कर ली, जिसमें एक मोबाइल भी मिला।
कूरियर से भी भेजा सुसाइड नोट
सेक्टर-पांच थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को कूरियर के जरिये भी डॉ.प्रदीप का पत्र मिला, जिसमें उसने अपने परिजनों को लिखा कि वह सुसाइड करने जा रहा है।
किसी भी व्यक्ति से मेरा कोई लेना-देना है, उसमें मेरे परिजनों को न पूछा जाए, क्योंकि उनका इसमें कोई दोष नहीं है। शाम करीब सात बजे माउंट आबू से परिवार वालों को उनका फोन आने के बाद उनकी परेशानी दूर हुई।