फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   CDLU's Controller of Examination suicide at home

सिरसाः सीडीएलयू के परीक्षा नियंत्रक ने की खुदकुशी, वीसी पर लगे प्रताड़ित करने के आरोप

Thu, 05 Jul 2018 09:33 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरसा (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरसा (हरियाणा) Updated Thu, 05 Jul 2018 09:33 AM IST
विज्ञापन
CDLU's Controller of Examination suicide at home
मृतक की फाइल फोटो
चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर प्रवीण अगमकर ने बुधवार सुबह 10:30 बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित अपने क्वार्टर के बाथरूप में पत्नी की चुनरी से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। वहीं, यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों ने वीसी पर प्रो. अगमकर को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। प्रोफेसरों का कहना है कि वीसी जल्दी रिजल्ट जारी करने का दबाव बनाते थे।
विज्ञापन


इस कारण प्रो. अगमकर मानसिक दबाव में थे और उन्होंने खुदकुशी कर ली। जबकि वीसी ने इन आरोपों को निराधार बताया है। वीसी का कहना है कि अगमकर उनके भाई जैसे थे। वहीं, पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अगमकर की पत्नी ने पुलिस में कोई शिकायत नहीं दी है। अगमकर के परिजनों के वीरवार को छत्तीसगढ़ से आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। 
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, सुबह बाथरूम में अगमकर की चीख सुनकर पत्नी सुता अगमकर ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अपनी नौकरानी को बुलाया। नौकरानी ने भागकर गली में काम कर रहे माली और सिक्योरिटी गार्ड को आवाज दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


माली और गार्ड ने बाथरूम की कुंडी तोड़कर अंदर गए तो देखा अगमकर बाथरूम की खिड़की से लटके हैं। उन्हें उतार कर सीडीएलयू की एंबुलेंस से सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मूलरूप से छत्तीसगढ़ निवासी प्रो. प्रवीण अगमकर पत्नी सुता और बेटी ईवा के साथ रहते थे।

घटना के समय बेटी स्कूल गई थी। अगमकर सीडीएलयू में फिजिक्स पढ़ाते थे। उनके पास परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त चार्ज था। घटना की सूचना मिलने पर वीसी विजय कायत, रजिस्ट्रार असीम मिगलानी और सभी प्रोफेसर सिविल अस्पताल पहुंचे और विश्वविद्यालय में अवकाश घोषित कर दिया गया। वहीं, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने अगमकर का मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी है। 

वीसी अस्पताल से कार्यालय लौटे प्रोफेसरों ने किया हंगामा 

CDLU's Controller of Examination suicide at home
वीसी दफ्तर पर हंगामा करते प्रोफेसर
उधर, अगमकर के सुसाइड करने की जानकारी होते ही यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया। प्रोफेसरों और छात्रों में आक्रोश फैल गया। करीब 15 प्रोफेसरों ने वीसी के विरोध में अपना अतिरिक्त चार्ज छोड़ दिया है। इस संबंध में राज्यपाल को ई-मेल भेज दी है। नान टीचिंग कर्मचारियों ने भी राज्यपाल को हस्ताक्षर युक्त शिकायत भेजकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। इस दौरान कर्मचारियों और छात्रों ने भी वीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। वहीं, वीसी दफ्तर में एक प्रोफेसर ने वीसी के पीए से हाथापाई भी की। 

सिरसा। सिविल अस्पताल में प्रो. प्रवीण अगमकर के परिजनों को छोड़कर वीसी विजय कायत सीडीएलयू में अपने कार्यालय आ गए तो सभी प्रोफेसर भड़क गए। अगमकर की मौत से गुस्साए प्रोफेसर एसके गहलावत, दिलबाग सिंह, ईश्वर मलिक, राजेश मलिक, अशोक मक्कड़, रविंद्र अहलावत दोपहर करीब एक बजे यूनिवर्सिटी आ आए और कर्मचारियों को लेकर वीसी कार्यालय पहुंच गए। इन्होंने वीसी को परीक्षा नियंत्रक की मौत का जिम्मेदार ठहराया। वीसी पर आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को सांत्वना और श्रद्धांजलि देने के बजाय वीसी फाइलें निपटाने में लगे हैं। प्रोफेसरों ने आरोप लगाए कि वीसी ने रिजल्ट जल्द देने के लिए परीक्षा नियंत्रक पर दबाव बनाया था।

अगमकर ने कई बार रिजाइन दिया, लेकिन वीसी ने स्वीकार नहीं किया। रिजल्ट जल्दी जारी करने के दबाव में ही परीक्षा नियंत्रक प्रवीण अगमकर ने सुसाइड किया है। यह भी आरोप लगाया कि मंगलवार शाम को भी वीसी ने परीक्षा नियंत्रक को बुलाया था, लेकिन वीसी ने इस बात से इनकार किया है। वीसी ने कहा कि वह फाइल निकालने के लिए नहीं, बल्कि परीक्षा नियंत्रक के परिजनों को सूचना देने के लिए एड्रेस निकलवा रहे थे। इस दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई। प्रोफेसरों ने वीसी को कुर्सी छोड़कर कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा। यह भी कहा कि विश्वविद्यालय का कामकाज बंद किया जाए।

वीसी ने इससे इनकार कर दिया। तब प्रोफेसर दिलबाग सिंह गुस्से में पहले उनके चरणों की ओर लपके। वीसी पीछे हटे तो उन्हें पीछे से धकेलकर बाहर की ओर ले जाने लगे। इसी बीच सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें रोकना चाहा। तभी छात्र नेता कर्ण कसवां ने सिक्योरिटी गार्ड का हाथ पकड़ लिया। दोनों पक्षों में बात तू तड़ाक पर आ गई। गहमागहमी के बीच वीसी हताश होकर दूसरी कुर्सी पर बैठ गए। प्रोफेसर राजेश मलिक, अशोक मक्कड़, एसके गहलावत ने कहा कि आप परीक्षा नियंत्रक की मौत के जिम्मेदार हो। इस वीसी ने कहा कि वह मेरा भी भाई था।

वीसी कार्यालय में दो घंटे तक होता रहा हंगामा

CDLU's Controller of Examination suicide at home
वीसी दफ्तर पर हंगामा करते छात्र नेता
वीसी कार्यालय में करीब दो घंटे तक हंगामा होता रहा। सिटी पुलिस ने किसी तरह प्रोफेसरों को शांत कराया। प्रोफेसरों ने कहा कि वह मामले की जांच सीबीआई से करवाना चाहते हैं।वीसी ने कहा कि वह सरकार को सीबीआई जांच के लिए लिखेंगे। इसी बीच कर्मचारी नेता कुलदीप गहलावत ने कहा कि हमने पीए होरी लाल शर्मा और डिप्टी रजिस्ट्रार राजेश बंसल को हटाने के लिए आपको लिखा था, लेकिन आपने कार्रवाई नहीं की।

तब वीसी ने प्रोफेसरों से कहा कि वे बाद में आपस में बैठकर इनके तबादले पर चर्चा कर लेंगे। कुलदीप ने प्रोफेसर राजेश मलिक से कहा कि वीसी से लिखित में लें। तब वीसी ने कहा कि वह उन्हें आर्डर कैसे दे रहा है। वीसी ने अपने पीए को कर्मचारी नेता कुलदीप के खिलाफ धमकी देने की शिकायत देने के लिए कहा। वहीं प्रोफेसरों ने सिटी थाना प्रभारी विनोद काजला से सारा रिकॉर्ड सील करने के लिए कहा। वीसी ने कहा कि उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। आप अभी रिकॉर्ड इनके सामने ही छानबीन कर सकते हैं। 

वीसी के पीए से हाथापाई 
वीसी कार्यालय में प्रोफेसर और वीसी में कहासुनी के बीच प्रोफेसर दिलबाग सिंह की वीसी के पीए होरी लाल शर्मा से पहले बहस हुई फिर हाथापाई हो गई। दोनों ने एक दूसरे को धक्के मारे। अन्य कर्मचारियों ने दोनों को अलग किया। दिलबाग सिंह और अकादमिक सेल की असिस्टेंट रजिस्ट्रार मुन्नी के बीच भी बहस के साथ धक्कामुक्की हुई।

15 प्रोफेसरों ने अतिरिक्त चार्ज छोड़ा, ई-मेल राज्यपाल को भेजी

CDLU's Controller of Examination suicide at home
अस्पताल पहुंची मृतक की पत्नी
वीसी के विरोध में प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने डीएसडब्लू और डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन, प्रोफेसर रविंद्र पाल ने चीफ वार्डन, प्रोफेसर एसके गहलावत ने डीन ऑफ रिसर्च और डायरेक्टर रेडियो का अतिरिक्त चार्ज छोड़ दिया।

प्रोफेसर विक्रम सिंह ने डीन ऑफ कालेजिज, डायरेक्टर कंप्यूटर और रूसा का अतिरिक्त चार्ज छोड़ दिया। अशोक मक्कड़ ने एंटी रैगिंग कमेटी, डा. शैलेंद्र सिंह ने एडीएसडब्लू, डा. जेएस जाखड़ ने एफएए, डॉ. अभय सिंह ने कन्वीनर एनएसएस, डा. राममेहर ने हॉस्टल वार्डन, डॉ. अमित ने पीआरओ व डिप्टी परीक्षा नियंत्रक, डॉ. अशोक ने एसएससी, सुशील कुमार ने डायरेक्टर यूएसआईसी, धर्मवीर सिंह ने हॉस्टल वार्डन, पंकज शर्मा ने लाइब्रेरियन और प्रोफेसर सुल्तान सिंह ने डिस्टेंस एजुकेशन का अतिरिक्त कार्यभार छोड़ने संबंधी ई-मेल राज्यपाल को भेज दी है। प्रोफेसरों ने कहा कि वे पढ़ाई के अतिरिक्त कोई अन्य चार्ज नहीं लेंगे। जब तक सरकार वीसी विजय कायत को नहीं हटाती, तब तक वे विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे नहीं। उन्होंने मांग की कि प्रोफेसर प्रवीण अगमकर की मौत की जांच सीबीआई से करवाई जाए।

प्रोफेसर प्रवीण अगमकर पर जल्दी रिजल्ट जारी करने के किसी प्रकार का दबाव नहीं था। मेरे कार्यकाल में उन्होंने कभी भी पद से इस्तीफा नहीं दिया। वह मेरे भाई जैसे थे। मैं खुद मामले की निष्पक्ष जांच चाहता हूं। मैं कार्यालय में फाइल निपटाने के लिए नहीं आया था, बल्कि परीक्षा नियंत्रक के परिजनों का एड्रेस सर्च कराने के लिए आया था। उनकी मौत के लिए मुझे जिम्मेदार ठहराना गलत है।  - विजय कायत, वीसी सीडीएलयू सिरसा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed