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Hindi News ›   Chandigarh ›   CBI raid on railway officer in 3 state for advertising scam

3 राज्यों में सीबीआई छापेमारी में चौंकाने वाला सच

Wed, 21 Jan 2015 05:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब) Updated Wed, 21 Jan 2015 05:38 PM IST
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CBI raid on railway officer in 3 state for advertising scam

सीबीआई की तरफ से 6.09 करोड़ रुपये के घोटाले में रेल डिवीजन फिरोजपुर के एक डीसीएम रैंक के अधिकारी समेत पांच रेलकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज होने और छापेमारी की खबर लीक होने पर आरोपी सतर्क हो गए थे, इसीलिए सीबीआई को छापेमारी के दौरान ज्यादा कुछ नहीं मिला।

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आशंका जताई जा रही है कि खबर दिल्ली बड़ोदा हाउस से लीक हुई है। सीबीआई ने मामला दर्ज कर संबंधित विभाग को सूचित किया था, जबकि ये गोपनीय था। इसीलिए फिरोजपुर के कामर्शियल विभाग में तैनात एक आरोपी क्लर्क सीबीआई की छापेमारी से चार दिन पहले ही जम्मू अपने घर चला गया था।
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वहां से भी सीबीआई टीम के हाथ कुछ नहीं लगा। सीबीआई ने सोमवार को रेल डिवीजन फिरोजपुर के कामर्शियल विभाग में विज्ञापन के लिए अलॉट की गई विभागीय जमीन में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में फंसे रेल अधिकारियों के घरों में छापामारी की थी।
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सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने अब अलग तरीके से जांच शुरू कर दी है। सीबीआई घोटाले में फंसे रेलकर्मियों की संपत्ति का ब्यौरा एकत्र करेगी। कई आरोपियों ने अपनी कोठियां बना ली हैं। सीबीआई उक्त जमीन पर बनी कोठियों पर खर्च हुए पैसों का हिसाब-किताब एकत्र कर रही है।

सीबीआई अब इन बिंदुओं पर करेगी जांच

CBI raid on railway officer in 3 state for advertising scam

1. आरोपियों ने कब जमीन खरीदी थी, कोठी का निर्माण कब किया गया था
2. उस समय जमीन की क्या कीमत थी
3. घर का कौन-कौन व्यक्ति नौकरी करता है और उनकी आय कितनी है
4. कोठी में कितना पैसा लगा था। उस समय सामग्री की क्या कीमत थी।
5. कहीं आय से ज्यादा पैसा कोठी में तो नहीं लगाया गया।
6. आरोपियों के बच्चे कौन से स्कूल में पढ़ रहे हैं। उनका साल का कितना खर्चा है।
7. आरोपियों ने कहां-कहां जमीनें खरीदी।

सीबीआई ने सोमवार को एक साथ 17 जगहों पर छापेमारी की थी। लुधियाना में कुछ प्राइवेट एडवरटाइजमेंट एजेंसियों पर भी छापेमारी की गई थी। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई को जितना माल मिलने की उम्मीद थी, उतना नहीं मिला। मामला दर्ज होने व छापेमारी की भनक आरोपियों को लग चुकी थी इसीलिए सीबीआई के हाथ ज्यादा कुछ नहीं लगा।

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