50 हजार रिश्वत लेते सीबीआई के हत्थे चढ़ा आयकर अधिकारी, सीए और करीबी रिश्तेदार भी गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुधवार रात हुए एक नाटकीय घटनाक्रम में चंडीगढ़ से आई विशेष सीबीआई टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में फतेहाबाद के आयकर अधिकारी चंद्रभान नारंग सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई टीम द्वारा गिरफ्तार लोगों में नारंग के अलावा उनका एक करीबी रिश्तेदार महेंद्र और एक सीए सुशील सिंगला भी शामिल है।
आयकर अधिकारी के खिलाफ रतिया नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन जसपाल सिंह पाली ने शिकायत दी थी। बुधवार रात को गिरफ्तारी के बाद आयकर अधिकारी चंद्रभान नारंग सहित तीनों लोगों को सीबीआई की टीम ने भूना रोड स्थित रेस्ट हाउस में नजरबंद रखा और गुरुवार दोपहर को कागजी कार्रवाई पूरी कर तीनों को अपने साथ चंडीगढ़ ले गई।
सीबीआई टीम का नेतृत्व डीएसपी जगदीश व इंस्पेक्टर शरद ने किया। टीम में उनके अलावा सब इंस्पेक्टर प्रभजोत सिंह, गुरप्रीत सिंह सहित कई अन्य कर्मचारी भी शामिल थे। चंद्रभान नारंग मूलत: अग्रोहा के रहने हैं लेकिन अब वे परिवार सहित फरीदाबाद में रहते हैं। उनका मकान भी अब फरीदाबाद में ही है। शिकायतकर्ता एवं नगर पालिका रतिया के पूर्व चेयरमैन जसपाल सिंह पाली ने बताया कि साल 2010-11 में उन्होंने अपना मंडी का आढ़ती बदला था।
पुराने आढ़ती से हिसाब होने के बाद तकरीबन 13 लाख रुपये के करीब उनके पास कैश था और उसके पास इस कैश के जे-फार्म थे। जिसके चलते उसने इस कैश को अलग-अलग किश्तों में बैंक में जमा करवा दिया। इसके बाद उसे कई साल तक आयकर विभाग ने कोई नोटिस नहीं दिया, लेकिन इस बीच फतेहाबाद में आए आयकर अधिकारी चंद्रभान नारंग के दफ्तर से उनकी रतिया स्थित दुकान पर नोटिस आया तो वे नारंग के सामने पेश हुए और कैश के बारे में सारी जानकारी उनको दे दी।
जसपाल सिंह का आरोप है कि आईटीओ चंद्रभान नारंग ने उनकी एक नहीं सुनी और मामले के सही कागजात का बहाना करके उसे फतेहाबाद के एक सीए के पास भेज दिया। जसपाल ने कहा कि जब वह सीए से मिला तो पहले तो उन्होंने उसके सारे कागजात चेक किए और इसके बाद फिर उसे और आईटीओ नारंग को आमने-सामने बिठा दिया। जसपाल सिंह का आरोप है कि इस बैठक में आईटीओ नारंग ने उसे एक लाख रुपये लेने के बाद ही मामले का निपटारा करने की धमकी दी।
जब उसने मिन्नतें की तो मामला 75 हजार में सेटल हो गया। 50 हजार रुपये दो दिन में देने की बात कही गई थी। जसपाल सिंह का आरोप है कि हालांकि उसने आईटीओ से तीन-चार दिन का समय मांगा था, लेकिन अगले दिन से ही आईटीओ उसे लगातार फोन कर पैसों की डिमांड करता रहा। जिसके बाद तंग आकर उसने सीबीआई की चंडीगढ़ शाखा में जाकर अपनी शिकायत दी।
इसके बाद बुधवार देर रात को तीन अलग-अलग जगहों पर आयकर अधिकारी चंद्रपाल नारंग, उसका रिश्तेदार महेंद्र उर्फ बिट्टू और सीए सुशील सिंगला को एक ही टाइम में गिरफ्तार कर लिया। महेंद्र के हाथ में 50 हजार रुपये आए थे इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद सीबीआई की विशेष टीमें उसके साथ बुधवार को पहुंची और जाल बिछाकर आयकर अधिकारी चंद्रभान नारंग को माडल टाऊन स्थित उसके किराए के मकान से काबू कर लिया।