सावधान! रोजगार के नाम पर लूट का नया ‘प्लान’
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जिला में ‘रोजगार’ के नाम ‘प्लान’ का खेल जमकर खेला जा रहा है। एक आकर्षक प्लान दिखाकर लोगों को फंसाया जाता है, जबकि इसके बाद शुरु होता है प्लान ज्वाइन करने वालों के शोषण का सिलसिला। इसी को लेकर कई लोग अपना बकाया लेने के लिए भटक रहे हैं।
इन दिनों जिला में कुछ ऐसी कंपनियां अपना जाल फैला रही हैं, जो इनवेस्टमेंट के नाम पर आर्थिक शोषण कर रही हैं। इन कंपनियों ने अपना जाल एजेंटों के माध्यम से फैला रखा है, जो लोगों को अपनी कंपनी का प्लान दिखा रहे हैं। कई लोग इस प्लान को ज्वाइन कर रहे हैं और इसके बाद शुरु होता है, ज्वाइन करने वाले का आर्थिक शोषण।
पहले इन कंपनियों ने अपना प्लान हजारों रुपए की ज्वाइनिंग से रखा था, लेकिन अब यह कुछ सौ रुपये तक पहुंच चुका है। ज्वाइनिंग की रकम कुछ सौ रुपये होने के चलते यह लोग आसानी से इनके झांसे में आ रहे हैं।
पीड़ितों के अनुसार पहली बार ज्वाइनिंग के बाद दूसरा प्लान दिखाया जाता है, जिसमें कुछ ज्यादा इनवेस्टमेंट मांगी जाती है, जबकि इसके बादफिर दूसरा प्लान समझाया जाता है। इसी में व्यक्ति उलझ रहा है। इसके अलावा कभी रैबिट फार्म में इनवेस्टमेंट तो कभी प्लान के बाद खरीददारी में कमीशन का लालच देकर यह सब किया जा रहा है।
यह कहना है पीड़ितों का
इस बारे में कैंट के अमित सिंह, पूजा जोशी, कविता चौहान, इंद्र लाल, सूरजभान, दीपक गौड़ का कहना है कि उन्होंने एक प्लान ज्वाइन किया था, जिसके बाद कई दिक्कतें आईं।
फिर एजेंटों ने दूसरा प्लान दिखाया जिसके बाद इनकम शुरू होने की बात कही गई। लेकिन यह भी धराशायी हो गया। हालांकि दो से तीन हजार रुपये ही गए हैं, लेकिन प्लान ने उनको आर्थिक चपत अवश्य लगा दी।
इसी तरह कुछ लोग रैबिट फार्म के नाम पर इनवेस्टमेंट लेते हैं, जबकि कुछ अन्य स्कीमें दिखाकर लुभा रहे हैं।
सब फ्रॉड हैं, पीड़ितों की है भरमार
इस बारे में नेशनल एंटी करप्शन पब्लिक पावर के कर्ण कुमार, गुरमीत सिंह ने कहा कि ऐसी कंपनियां शार्ट टर्म के लिए मार्केट में आती हैं और अपना मतलब सीधा करने के बाद गायब हो जाती हैं। इसके बाद तो एजेंट व इनवेस्टर माथा पीटते हैं।
एजेंटों का कमीशन नहीं मिलता और इनवेस्टर के रुपये डूब जाते हैं। इस मामले में पुलिस को भी शिकायतें दी हैं, लेकिन फिर भी यह कंपनियां अपना गोरखधंधा चला रही हैं।