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बैंक में जाली खाते खुलवा करोड़ों के काले धन के कारोबार का पर्दाफाश
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा(पंजाब)
Updated Thu, 17 Nov 2016 07:55 PM IST
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black money
नोट बंदी करने से पहले ही मनीचेंजर और पूर्व बैंक मैनेजर की ओर से करोड़ों की ब्लैक मनी को व्हाइट मनी करने का मामला सामने आया है। सिटी पुलिस ने बैंक में जाली खाते खुलवाकर करोड़ों के काले धन के कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस मामले में आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व मैनेजर और स्थानीय मनीचेंजर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
डीएसपी सिटी हरिंदर सिंह डोड ने बताया कि स्थानीय राम गंज मंडी में गणपति मनीचेंजर के मालिक अशोक कटारिया निवासी संत नगर और आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व मैनेजर नीतीश मल्होत्रा गांव दाहली जिला रोहतक (हरियाणा) के खिलाफ जालसाजी से बैंक में खाता खुलवा कर करोड़ों का लेन देन कर आमदन कर की चोरी व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक एनआरआई जगदेव सिंह निवासी राजगुरु नगर मोगा और सिमरनजीत कौर निवासी नगाहा रोड, मोगा ने जिला पुलिस प्रमुख को शिकायत की थी कि उनके दस्तावेजों पर आईसीआईसीआई बैंक में खाते खुलवा कर करोड़ों का लेन देन किया गया है।
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डीएसपी सिटी हरिंदर सिंह डोड ने बताया कि स्थानीय राम गंज मंडी में गणपति मनीचेंजर के मालिक अशोक कटारिया निवासी संत नगर और आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व मैनेजर नीतीश मल्होत्रा गांव दाहली जिला रोहतक (हरियाणा) के खिलाफ जालसाजी से बैंक में खाता खुलवा कर करोड़ों का लेन देन कर आमदन कर की चोरी व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
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पुलिस के मुताबिक एनआरआई जगदेव सिंह निवासी राजगुरु नगर मोगा और सिमरनजीत कौर निवासी नगाहा रोड, मोगा ने जिला पुलिस प्रमुख को शिकायत की थी कि उनके दस्तावेजों पर आईसीआईसीआई बैंक में खाते खुलवा कर करोड़ों का लेन देन किया गया है।
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खाता धारकों को आयकर विभाग के नोटिस मिले
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पुलिस के मुताबिक जालसाजी से खोले एक खाते में लगातार तीन दिन 29.64 लाख, 9.77 लाख और 9.79 लाख जमा किया गया है। इस घोटाले का तब भेद खुला जब खाता धारकों को आयकर विभाग का नोटिस मिला।
इस मामले के तत्कालीन डीएसपी (आई) सतपाल सिंह गिल की ओर से जांच की गई है। चुनाव आयोग की हिदायतों के मुताबिक उनका तीन दिन पहले ही यहां से पीसीआर लुधियाना में तबादला हो गया है।
पीड़ितों की प्राथमिक शिकायत की पड़ताल के दौरान खुलासा हुआ कि उनके पहचान पत्र (आई डी प्रूफ) से फर्जी हस्ताक्षर करवा कर आरोपी मनीचेंजर ने आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवा लिया। इस खाते में से करोड़ों रुपये का लेन देन किया गया था।
पुलिस के मुताबिक बीती 19 जुलाई को भी सिटी पुलिस ने इस आरोपी मनीचेंजर के भाई राज कटारिया और स्थानीय आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व मैनेजर विशाल मित्तल के खिलाफ जालसाजी से खाते खोल कर करोड़ों का लेन देन कर आयकर टैक्स चोरी करने आदि धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। इस केस में आरोपी अशोक कटारिया भी नामजद है।
इस मामले के तत्कालीन डीएसपी (आई) सतपाल सिंह गिल की ओर से जांच की गई है। चुनाव आयोग की हिदायतों के मुताबिक उनका तीन दिन पहले ही यहां से पीसीआर लुधियाना में तबादला हो गया है।
पीड़ितों की प्राथमिक शिकायत की पड़ताल के दौरान खुलासा हुआ कि उनके पहचान पत्र (आई डी प्रूफ) से फर्जी हस्ताक्षर करवा कर आरोपी मनीचेंजर ने आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवा लिया। इस खाते में से करोड़ों रुपये का लेन देन किया गया था।
पुलिस के मुताबिक बीती 19 जुलाई को भी सिटी पुलिस ने इस आरोपी मनीचेंजर के भाई राज कटारिया और स्थानीय आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व मैनेजर विशाल मित्तल के खिलाफ जालसाजी से खाते खोल कर करोड़ों का लेन देन कर आयकर टैक्स चोरी करने आदि धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। इस केस में आरोपी अशोक कटारिया भी नामजद है।