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बच्चे स्कूल से लौटे तो मां को देखकर चीखने चिल्लाने लगे, खून से सनी पड़ी थी
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरदासपुर(पंजाब)
Updated Fri, 03 Nov 2017 09:04 AM IST
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बीएसएफ जवान की पत्नी की हत्या
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बच्चे स्कूल से लौटे तो मां को देखकर चीखने चिल्लाने लगे। आवाज सुनकर लोग दौड़े आए तो देखा कि उनकी मां खून से लथपथ पड़ी तड़प रही थी। घटना पंजाब के गुरदासपुर की है। दीनानगर के सिंघोवाल रोड पर बुधवार की दोपहर घर में अकेली बीएसएप जवान की पत्नी का अज्ञात लोगों ने तेजधार हथियार से गला काटकर कत्ल कर दिया। मृतक महिला की पहचान 35 वर्षीय अंजू बाला पत्नी सुभाष चंद्र निवासी सिंघोवाल रोड के रुप में हुई है। उसका पति बीएसएफ में नौकरी करता है और उनके दो छोटे लड़के है।
शहर के वार्ड नंबर 8 कृष्णा एंकलेव की रहने वाली अंजू बाला का सेनिक पति सुभाष चंद्र सोमवार को दो महीने की छुट्टी काटकर वापस गया था। भतीजे अनिल कुमार निवासी बांठावाल के अनुसार वह सुबह साढ़े 10 बजे के करीब चाची अंजू बाला को घर में दूध देककर गया था और उस समय वह घर का काम कर रही थीं। उनके दोनों बेटे अभिषेक व माणा स्कूल गए थे। दोनों बच्चों के बताने अनुसार ढाई बजे के करीब स्कूल से घर लौटे तो बाहर का गेट खुला हुआ था,
जब भीतर जाकर देखा तो उनकी मां खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थीं और उसके सिर और गले पर तेजधार हथियार के निशान थे। कालोनी में शोर मचाने पर लोग इक्ट्ठे हो गये और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। महिला को पास के कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर में ले जाया गया, डाक्टरों ने उसे मृत करार दिया। ए.एस.पी वरुण शर्मा आई.पी.एस व एसएचओ अशोक कुमार भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घर को सील करके जांच शुरू की।
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कुछ समय के बाद ही एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस ने घर की छत, साथ लगती किसी की हवेली, घर के पिछले पास पड़ते खेत तथा गुज्जरों के डेरे में जाकर जांच की।
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शहर के वार्ड नंबर 8 कृष्णा एंकलेव की रहने वाली अंजू बाला का सेनिक पति सुभाष चंद्र सोमवार को दो महीने की छुट्टी काटकर वापस गया था। भतीजे अनिल कुमार निवासी बांठावाल के अनुसार वह सुबह साढ़े 10 बजे के करीब चाची अंजू बाला को घर में दूध देककर गया था और उस समय वह घर का काम कर रही थीं। उनके दोनों बेटे अभिषेक व माणा स्कूल गए थे। दोनों बच्चों के बताने अनुसार ढाई बजे के करीब स्कूल से घर लौटे तो बाहर का गेट खुला हुआ था,
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जब भीतर जाकर देखा तो उनकी मां खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थीं और उसके सिर और गले पर तेजधार हथियार के निशान थे। कालोनी में शोर मचाने पर लोग इक्ट्ठे हो गये और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। महिला को पास के कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर में ले जाया गया, डाक्टरों ने उसे मृत करार दिया। ए.एस.पी वरुण शर्मा आई.पी.एस व एसएचओ अशोक कुमार भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घर को सील करके जांच शुरू की।
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कुछ समय के बाद ही एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस ने घर की छत, साथ लगती किसी की हवेली, घर के पिछले पास पड़ते खेत तथा गुज्जरों के डेरे में जाकर जांच की।
एसएसपी बोले- लूट नहीं हुई कोई
बीएसएफ जवान की पत्नी की हत्या
एसएसपी भुल्लर ने बताया घर को सील करके गहनता से जांच की जा रही है। फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है। उन्होंने घर में लूट होने की बात को सिरे से नकारा और कहा कि फिलहाल ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है।
मृतका का ससुराल परिवार दीनानगर के गांव बांठावाल का रहने वाला है और उसके पति ने चार पांच साल पहले शहर में घर बनाया था। पति की गैर मौजूदगी में बच्चो के पास सोने के लिए उनका भतीजा अनिल कुमार या अन्य पारिवारिक सदस्य गांव से आता था।
108 एंबुलेंस के न पहुंचने से लोगों ने जताया रोष
महिला के कत्ल संबंधी जब पारिवारिक सदस्यों को पता चला तो उन्होंने उसे गंभीर घायल समझते हुए सीएचसी ले जाने की कोशिश की और इसके लिए अनेकों बार 108 नंबर पर फोन किया। मदद के लिए एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस पर कालोनी की महिलाओं व अन्य ने इसे बड़ी लापरवाही का करार देते हुए रोष जताया। लोगों का कहना था कि अगर एंबुलेंस समय पर आ जाती तो शायद अंजू बाला को बचाया जाता।
मृतका का ससुराल परिवार दीनानगर के गांव बांठावाल का रहने वाला है और उसके पति ने चार पांच साल पहले शहर में घर बनाया था। पति की गैर मौजूदगी में बच्चो के पास सोने के लिए उनका भतीजा अनिल कुमार या अन्य पारिवारिक सदस्य गांव से आता था।
108 एंबुलेंस के न पहुंचने से लोगों ने जताया रोष
महिला के कत्ल संबंधी जब पारिवारिक सदस्यों को पता चला तो उन्होंने उसे गंभीर घायल समझते हुए सीएचसी ले जाने की कोशिश की और इसके लिए अनेकों बार 108 नंबर पर फोन किया। मदद के लिए एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस पर कालोनी की महिलाओं व अन्य ने इसे बड़ी लापरवाही का करार देते हुए रोष जताया। लोगों का कहना था कि अगर एंबुलेंस समय पर आ जाती तो शायद अंजू बाला को बचाया जाता।