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Hindi News ›   Chandigarh ›   Brutally murder of 16 years old boy, Highcourt asked to police

नाबालिग के हाथ-पैर काट, सिर के किए दो टुकड़े, पुलिस के हाथ अभी तक खाली

Sat, 08 Jul 2017 10:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 08 Jul 2017 10:15 AM IST
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Brutally murder of 16 years old boy, Highcourt asked to police
हत्या - फोटो : प्रतिकात्मक चित्र
मेवात क्षेत्र में 16 साल के युवक के हाथ-पैर काट उसके सिर के दो टुकड़े करने के मामले में पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। एसपी नूंह ने मामले की जांच से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट में कहा कि काफी प्रयास के बावजूद अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
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इस मामले में हाईकोर्ट ने एसपी को फटकार लगाते हुए कहा कि इस प्रकार का रवैया सही नहीं है। घटना को एक साल बीत गया है और पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। जांच को सही प्रकार से पूरा किया जाए और अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाए। यदि अगली सुनवाई तक कुछ ठोस समाने नहीं आया तो मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी। 
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मामले में एडवोकेट एमडी खान ने मृतक के पिता की ओर से याचिका दाखिल करते हुए कहा कि 4 जुलाई 2016 को गांव में एक शव खेतों में पड़ा मिला था। इस बारे में चौकीदार ने पुलिस को सूचना दी थी और शव को अज्ञात मान लिया गया था। जब याची का बेटा एक दिन पूरा लापता रहा तो याची ने पूछताछ करनी आरंभ की। इसके बाद उस शव को देखकर याची ने उसे पहचान लिया। 
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'क्यों न जांच सीबीआई को दे दें'

Brutally murder of 16 years old boy, Highcourt asked to police
Demo Pic - फोटो : google
याची ने बताया कि आगे जांच में उसे पता चला कि एक लड़की के साथ उसके बेटे को कुछ लोगों ने देख लिया था। इसके बाद से ही वह लड़की भी लापता है। याची ने कहा कि शव की स्थिति ऐसी थी, जिसे देखकर कितनी निर्ममता से हत्या की गई है, उसका अंदाजा लगाया जा सकता था। शव के सिर के दो टुकड़े हो गए थे और गला भी काटा गया था।

इसके साथ ही दोनों हाथ-पैर बुरी तरह से तोड़े गए थे। जब याची ने इस हत्या के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए थाने के चक्कर लगाना आरंभ किया तो पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। याची ने आईजी रेवाडी रेंज से भी फरियाद की परंतु कोई कदम नहीं उठाया गया।

इसका कारण याची को पता चला कि आरोपी पूर्व ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर के करीबी हैं। इसके कारण अब याची के पास न्यायालय के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचा है, जहां से वह इंसाफ पा सके। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हरियाणा सरकार, डीजीपी, एसपी नूंह, एसएचओ सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
 
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