फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Bike rider died after colliding with bull in Bathinda of Punjab

Bathinda News: सांड से टकराकर बाइक चालक की मौत, छह माह की बच्ची के सिर से उठा पिता का साया

Sun, 22 May 2022 10:02 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sun, 22 May 2022 10:02 PM IST
सार

नगर निगमों के पास पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट 1976 के विभिन्न प्रावधानों के तहत शहर की सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को संभालने की जिम्मेदारी निगम की है लेकिन निगम अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा। यही नहीं निगम लोगों से हर साल दो करोड़ रुपये काउ सेस वसूल करता है। 

विज्ञापन
Bike rider died after colliding with bull in Bathinda of Punjab
मृतक की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पिछले तीन दशक से बठिंडा में सड़कों व गलियों में घूम रहे लावारिस जानवरों को पकड़ने के लिए नगर निगम व जिला प्रशासन मशक्कत कर रहा है। इस काम में करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल सकी है। आए दिन जानवरों के कारण हादसों में लोगों की जान जा रही है लेकिन प्रशासन व नगर निगम कुंभकरणी नींद से नहीं जाग रहा। 

विज्ञापन


शनिवार की देर रात स्टैला होटल के समीप स्लिप रोड पर एक बाइक के आगे अचानक सांड आ गया। हादसे में बाइक चालक सांड से टकरा कर गंभीर घायल हो गया। घटना की सूचना आसपास के लोगों ने समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसाइटी बठिंडा को दी। संस्था के वालंटियर साहिब सिंह, दीपांशु अरोड़ा एंबुलेंस सहित मौके पर पहुंचे और गंभीर घायल युवक को तुरंत आदेश अस्पताल पहुंचाया, जहां उसके सिर में गंभीर चोट लगने के कारण कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सुखदीप सिंह सिधु पुत्र हरपाल सिंह निवासी हजुरा-कपूरा कालोनी के तौर पर हुई। मृतक शादीशुदा था और उसकी छह माह की बच्ची है।
विज्ञापन


चार साल पहले मच्छी चौक में रात के समय जानवरों से टकराकर एक साइकिल सवार मजदूर की मौत हो गई। विक्की कुमार मजदूरी कर वापस घर जा रहा था तो सामने से आ रहे तीन लावारिस पशुओं ने उसे टक्कर मार दी। इससे पहले लावारिस जानवरों के कारण पिछले छह साल में 10 लोगों की मौत हुई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

यही नहीं लापरवाह नगर निगम के खिलाफ लोगों को आक्रोश भी निरंतर बढ़ता रहा है। 2016 में लावारिस पशु की टक्कर से एक व्यक्ति घायल हो गया था, जो कोमा में चला गया। पीड़ित की पत्नी ने 30 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 

जिम्मेदार है नगर निगम
नगर निगमों के पास पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट 1976 के विभिन्न प्रावधानों के तहत शहर की सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को संभालने की जिम्मेदारी निगम की है लेकिन निगम अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा। यही नहीं निगम लोगों से हर साल दो करोड़ रुपये काउ सेस वसूल करता है। 

वकील एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने बताया कि अगर कोई भी व्यक्ति लावारिस पशु की टक्कर या उसके हमले से घायल होता है तो वह संबंधित निगम से मुआवजे की मांग कर सकता है। अगर हादसों में घायल लोग आगे आकर इस तरह की पहल करें तो सो रहे प्रशासन और निगम की आंख खुल सकती है।

इस कारण बढ़ी समस्या
जिला प्रशासन की अगुवाई में कोटकपूरा रोड स्थित गांव हररायपुर में चल रहे कैटल पौंड (गोशाला) में 4 नए शेड बनाए जाने का फैसला फरवरी 2018 में लिया गया था लेकिन इसमें प्रशासन व निगम के बीच तालमेल नहीं होने से काम धीमी गति से चल रहा है। लगभग 1 करोड़ 43 लाख 73 हजार रुपये की लागत से शुरू होने वाले काम के पूरा होने से शहर में करीब 500 जानवरों को रखा जाना था। 

हररायपुर गोशाला में इस समय 6 शेड हैं जहां करीब 500 पशु रखे हैं। वहीं शहर की सड़कों पर 25 सौ पशु घूम रहे हैं। गोशाला के एक शेड में 150 पशुओं को रखने की क्षमता है। निगम करीब 15 शेड बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसमें 6 शेड पूरे हैं जबकि 4 शेड के लिए काम चल रहा है लेकिन बाकी रह रहे पांच अन्य शेड को बनाकर कब तैयार किया जाएगा इसे लेकर न तो जिला प्रशासन और न ही नगर निगम क्लीयर है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed