पत्नी का खूनी खेल, पहले दाल में दिया जहरीला पदार्थ और फिर सुआ घोंपकर पति को मार डाला
सेंट्रल टाऊन में रहने वाले हरविंदर पाल सिंह सेखों को अपने साथियों के साथ मौत के घाट उतारने वाली उसकी पत्नी पुष्पिंदर कौर को सीआईए वन की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में आरोपी महिला का साथ देने और सुपारी लेने वाले दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। उनकी पहचान गांव दाद निवासी जसप्रीत सिंह उर्फ जस और उसके दोस्त शिमलापुरी निवासी राजेश कुमार उर्फ जिंदल उर्फ जोनी के रूप में हुई है।
पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने बताया कि 13 अगस्त को हरविंदरपाल की मौत हुई तो देर शाम हिमाचल प्रदेश से उसकी मां नसीब कौर आई थी। कुछ दिन यहां रहने के बाद नसीब कौर ने हिमाचल जाकर उन्हें शिकायत भेजी थी कि उसके बेटे की हत्या हुई है। इस पर उन्होने जांच टीम का गठन किया।
जांच में पुलिस के सामने कई कहानियां सामने आई और पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने हत्या की वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाला बर्फ वाला सुआ, बड़ा और छोटा कुशन, परना, चार्जर वाली तार, दो दस्ताने और चादर बरामद की है।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार पुष्पिंदर की जीपीएल नाम की अकादमी थी। आरोपी जसप्रीत भी वहां पढ़ने के लिए आता था। इस दौरान पुष्पिंदर और जसप्रीत में संबंध बन गए। कुछ समय पहले जसप्रीत और पुष्पिंदर के संबंधों के बारे में हरविंदर पाल सिंह को पता चल गया था।
वह अक्सर पुष्पिंदर के साथ मारपीट करता था। पुष्पिंदर अपने पति की मां से तंग थी और उसने जसप्रीत के साथ बात की और पति को ही रास्ते से हटाने की प्लानिंग बनाई। आरोपी महिला ने जसप्रीत के साथ तीन लाख रुपये में सौदा तय कर लिया और एक लाख रुपये बतौर एडवांस दे दिए।
पहले दाल में डालीं नशीली गोलियां फिर की हत्या
पुलिस कमिश्नर के अनुसार आरोपी महिला ने पूछताछ में बताया कि 13 अगस्त की रात दस बजे से पहले उसने हरविंदरपाल सिंह को दाल में मिला कर नशीली दवा दी। हरविंदरपाल के बेहोश होने के बाद जसप्रीत और उसके दोस्त राजेश को अंदर बुला लिया। आरोपियों ने मिल कर हरविंदरपाल के पीठ के पीछे और गर्दन के पास सुआ मारकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या करने के बाद तीनों ने कमरे को पूरी तरह से साफ किया। सुबह चार बजे पुष्पिंदर ने रिश्तेदारों और इलाका निवासियों को बताया कि उसके पति की हार्ट अटैक से मौत हो गई। घर पर हरविंदरपाल की मां ने काफी शोर मचाया था, लेकिन किसी ने नहीं मानी तो अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाद में फोन हाथ लगने पर नसीब कौर ने इसकी शिकायत पुलिस को दी और सारा मामला खुल कर सामने आया।