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Hindi News ›   Chandigarh ›   Big ATM Fraud in Ludhiana, Punjab crime news

ATM मशीनों में डालते थे कम पैसे, ये तरीका आजमा मारी सवा करोड़ की ठगी

Fri, 01 Sep 2017 10:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब) Updated Fri, 01 Sep 2017 10:16 AM IST
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Big ATM Fraud in Ludhiana, Punjab crime news
एटीएम में कम पैसे डालकर सवा करोड़ की ठगी
एटीएम में कम पैसे डालकर करीब सवा करोड़ रुपये की ठगी करने के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने आठ महीने में करीब एक करोड़ 17 लाख रुपये की ठगी की है। इस काम में आरोपियों के साथ कंपनी के दो पूर्व मुलाजिम भी मिले हुए थे।
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पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 56 लाख रुपये की नगदी, एक कैमरा, दो लाख के सोने के जेवर, छह अलग अलग कंपनियों के मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक्टिवा स्कूटर बरामद किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी वरुण सचदेवा, हरप्रीत सिंह, सुखपाल सिंह उर्फ रोणक और रंजीत कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने कहा कि वरुण और हरप्रीत एसआईएस कैश सर्विस प्राइवेट लिमिटेड में बतौर कैश कस्टोडियल काम करते थे। कंपनी की तरफ से दो मुलाजिमों को आधा आधा पासवर्ड दिया जाता था।
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आरोपियों के पास बैंक से पैसे लेकर एटीएम मशीनों में डालने की अथॉरिटी भी थी। आरोपी सिक्योरिटी वैन के साथ एटीएम में पैसे डालने के लिए जाते थे, लेकिन उनके साथ जाने वाले गन मैन और ड्राइवर को पता नहीं होता था कि कितने पैसे डालने है और कितने वापस ले जाने हैं। आरोपियों को जिस एटीएम में दस लाख रुपये कैश डालना होता था, वहां पर वे पांच लाख या उससे कुछ ज्यादा पैसे डालते थे बाकी अपने पास रख लेते थे।
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Big ATM Fraud in Ludhiana, Punjab crime news
एटीएम में कम पैसे डालकर सवा करोड़ की ठगी
अगर कैश खत्म हो जाता था तो मशीन चलती नहीं थी तो आरोपी ही उसे ठीक करने जाते थे। आरोपियों को पता चल जाता था कि वहां कैश खत्म हो गया होगा। आरोपी उससे पहले ही दूसरे एटीएम में जाकर कैश निकालते और उसे डालकर एटीएम मशीन चला देते थे। अगर कभी चेकिंग की बारी आती तो आरोपी चेकिंग टीम को उन एटीएम मशीनों में ले जाते जहां पर कैश पूरा डाला होता था। इस तरीके से आरोपी किसी के हाथ नहीं आते थे।   

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि आरोपियों की ठगी के बारे में पहले कंपनी में काम करने वाले आरोपी सुखपाल सिंह को लग गया। उसने आरोपियों को ब्लैकमेल किया। आरोपियों ने उसे तीन लाख रुपये दिए और चुप करवा दिया। वरुण और हरप्रीत ने सुखपाल और उसके साथी को भी पैसे दे दिए ताकि वह किसी को कुछ न बताए।  

ऑडिट करने पर खुला इतनी बड़ी ठगी का राज 
जब कंपनी को शक हुआ तो पता चला कि आरोपियों ने अलग अलग बैंक से करीब साढ़े 49 लाख रुपये की ठगी की है। जब कंपनी ने बीस अन्य एटीएम मशीनों का ऑडिट कराया तो पता चला कि आरोपियों ने सभी एटीएम मशीनों से 1.17 करोड़ रुपये से ऊपर का घपला किया है। इसके बाद कंपनी अधिकारियों ने पुलिस के पास शिकायत की। पुलिस ने जांच की तो आरोपियों को काबू कर लिया।  

ठगी के पैसों से खरीदा सोना 
आठ से दस महीनों में दोनों आरोपियों ने ठगी की। इसके बाद आरोपी दिल्ली, वृंदावन, मुंबई और गोवा घूमकर आए। आरोपियों ने इस दौरान दो लाख रुपये के सोने के जेवर और अलग अलग मोबाइल फोन भी खरीदे। आरोपी इन शहरों में महंगे होटलों में भी रहे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पता लगा रही है कि कहीं इस काम में कोई ओर मुलाजिम शामिल तो नहीं।   
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