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बीडीएस में फेल होने पर छात्रा ने फंदा लगा जान दी
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 29 Nov 2013 11:19 PM IST
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परीक्षा में फेल होने पर बीडीएस की एक छात्रा ने सेक्टर-32 में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
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युवती की पहचान अनुकृति (22) के रूप में हुई है। वह मूलत: लखनऊ की रहने वाली थी।
पुलिस के अनुसार अनुकृति सेक्टर-25 स्थित डेंटल कॉलेज में द्वितिय वर्ष की छात्रा थी।
शुक्रवार को उसकी परीक्षा का परिणाम आया था। वह पार्ट-1 और पार्ट-2 दोनों में ही फेल हे गई थी।
इससे दुखी छात्रा ने फंदा लगा लिया।
शुक्रवार दोपहर को जब उनके पड़ोस में रहने वाला हेड कांस्टेबल उनके घर पर गया तो अनुकृति ने दरवाजा नहीं खोला। उसके बाद पड़ोस में रहने वाली एक अन्य महिला भी वहां आ गई।
जोर से धक्का देकर दरवाजा खोला गया तो अनुकृति पंखे से लटक रही थी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने अनुकृति को जीएमसीएच-32 में पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर किया। पुलिस के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइट नोट बरामद नहीं मिला।
पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है। घटना के समय मृतक के पिता एसीपी त्रिपाठी और उसकी मां लखनऊ गए हुए थे। अनुकृति के पिता आईटीबीपी में सीएमओ के पद पर तैनात हैं।
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सेक्टर-34 पुलिस के अनुसार युवती के कॉलेज से ही पता चला कि वह परीक्षा में फेल हुई है। उसके माता-पिता के आने के बाद दोबारा से कमरे का जायजा लिया जाएगा।
छात्रा को मिल सकता था गोल्डन चांस
पीयू डेंटल कॉलेज में बीडीएस प्रथम वर्ष की छात्रा अनुकृति की मौत की खबर सुनकर उनके सहपाठी और शिक्षक हैरान रह गए।
किसी को इस बात पर यकीन ही नहीं हो रहा था। एक शिक्षक ने बताया कि अनुकृति 2011 बैंच की स्टूडेंट थी। चार चांस मिलने के बाद भी उसका री-अपीयर क्लीयर नहीं हुआ था।
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वह अकेली ऐसी छात्रा नहीं थी। कई अन्य विद्यार्थियों का भी रि-अपीयर क्लीयर नहीं हुआ। अनुकृति को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए था।
पीयू प्रशासन समय-समय पर विद्यार्थियों को परीक्षा पास करने के लिए गोल्डन चांस भी देता है। मौत की खबर के बाद डेंटल कॉलेज के कई स्टूडेंट मृतका का घर भी पहुंचे।