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चंडीगढ़ के बैंक मैनेजर का शव नहर से मिला, 7 दिन से था लापता
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
Updated Fri, 03 Mar 2017 12:38 AM IST
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लापता बैंक मैनेजर का शव नहर से मिला
- फोटो : अमर उजाला
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23 फरवरी से लापता चंडीगढ़ सेक्टर-47 स्थित इंडसइंड बैंक के मैनेजर सौरभ राठी का शव बुधवार रात को ज्योतिसर नहर में मिला। सौरभ राठी मूल रुप से रोहतक के प्रेमनगर वासी हैं। उनकी पत्नी गोहाना में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है, जबकि पिछले एक माह से सौरभ राठी चंडीगढ़ सेक्टर-24 में रह रहे थे।
राठी गत 23 फरवरी को जब रास्ते से लापता हुए उस समय वे चंडीगढ़ से रोहतक अपने घर लौट रहे थे। परिजनों ने इस संदर्भ में अपहरण की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों के अनुसार अंतिम बार जब सौरभ से फोन पर संपर्क किया गया, उस समय उसकी गाड़ी में दो और लोग सवार थे वे कौन थे, इसका अभी तक कुछ पता नहीं लगा। बताया गया है कि सौरभ राठी की माता सावित्री देवी पत्नी स्वर्गीय दिलबाग सिंह की शिकायत पर रोहतक सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज किया था, जबकि चंडीगढ़ पुलिस भी सौरभ की तलाश में जुटी थी।
मगर इसी दौरान बुधवार आधी रात को उसके परिजनों को कुरुक्षेत्र पुलिस से सूचना मिली कि ज्योतिसर नगर से एक शव मिला है। उसकी जेब से मिले मोबाइल में उनका नंबर और एसएमएस भी मिले हैं। यह सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य काफी संख्या में कुरुक्षेत्र पहुंचे और शव की शिनाख्त करने पर पहचान सौरभ राठी पुत्र स्वर्गीय दिलबाग सिंह राठी के रुप में हुई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए कुरुक्षेत्र के लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल भेजा गया गया, लेकिन शव की हालत काफी खराब होने की वजह से इसे रोहतक पीजीआई भेज दिया गया।
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राठी गत 23 फरवरी को जब रास्ते से लापता हुए उस समय वे चंडीगढ़ से रोहतक अपने घर लौट रहे थे। परिजनों ने इस संदर्भ में अपहरण की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों के अनुसार अंतिम बार जब सौरभ से फोन पर संपर्क किया गया, उस समय उसकी गाड़ी में दो और लोग सवार थे वे कौन थे, इसका अभी तक कुछ पता नहीं लगा। बताया गया है कि सौरभ राठी की माता सावित्री देवी पत्नी स्वर्गीय दिलबाग सिंह की शिकायत पर रोहतक सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज किया था, जबकि चंडीगढ़ पुलिस भी सौरभ की तलाश में जुटी थी।
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मगर इसी दौरान बुधवार आधी रात को उसके परिजनों को कुरुक्षेत्र पुलिस से सूचना मिली कि ज्योतिसर नगर से एक शव मिला है। उसकी जेब से मिले मोबाइल में उनका नंबर और एसएमएस भी मिले हैं। यह सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य काफी संख्या में कुरुक्षेत्र पहुंचे और शव की शिनाख्त करने पर पहचान सौरभ राठी पुत्र स्वर्गीय दिलबाग सिंह राठी के रुप में हुई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए कुरुक्षेत्र के लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल भेजा गया गया, लेकिन शव की हालत काफी खराब होने की वजह से इसे रोहतक पीजीआई भेज दिया गया।
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रास्ते से मिला बैग अपहरणकर्ताओं का होने की आशंका
लापता बैंक मैनेजर का शव नहर से मिला
- फोटो : अमर उजाला
रास्ते से मिला बैग अपहरणकर्ताओं का होने की आशंका
मृतक सौरभ राठी के भाई शशांक राठी के मुताबिक इस मामले की जांच चंडीगढ़ साइबर क्राइम की टीम भी कर रही थी। चंडीगढ़ साइबर क्राइम की टीम को जांच के दौरान पता चला कि सौरभ राठी का फोन चंडीगढ़ बस अड्डे के निकट बंद हुआ था। शशांक के अनुसार अंबाला से हांसी जाने वाले रास्ते में नग्गल पुलिस को हाईवे से एक बैग मिला था। परिवार को शक है कि यह बैग उन युवकों का था, जिन्होंने सौरभ का अपहरण किया था।
कार, लैपटाप और मोबाइल का नहीं मिला सुराग
मृतक के जीजा पंचकूला बिजली निगम में कार्यरत पवन कुमार ने बताया कि सौरभ की जेब से कुरुक्षेत्र पुलिस को मोबाइल मिला था। इस मोबाइल के नंबर और परिवार वालों द्वारा भेजे गए एसएमएस के आधार उनसे संपर्क किया गया, लेकिन सौरभ का दूसरा एंड्रायड फोन कहां है, उसका लैपटाप और इंडिका कार नंबर सीएच 04 के 2871 का अभी तक पुलिस को सुराग नहीं लग सका। हालांकि मृतक की जेब से मोबाइल के अलावा करीब 12 हजार रुपये नगद मिले हैं।
मृतक सौरभ राठी के भाई शशांक राठी के मुताबिक इस मामले की जांच चंडीगढ़ साइबर क्राइम की टीम भी कर रही थी। चंडीगढ़ साइबर क्राइम की टीम को जांच के दौरान पता चला कि सौरभ राठी का फोन चंडीगढ़ बस अड्डे के निकट बंद हुआ था। शशांक के अनुसार अंबाला से हांसी जाने वाले रास्ते में नग्गल पुलिस को हाईवे से एक बैग मिला था। परिवार को शक है कि यह बैग उन युवकों का था, जिन्होंने सौरभ का अपहरण किया था।
कार, लैपटाप और मोबाइल का नहीं मिला सुराग
मृतक के जीजा पंचकूला बिजली निगम में कार्यरत पवन कुमार ने बताया कि सौरभ की जेब से कुरुक्षेत्र पुलिस को मोबाइल मिला था। इस मोबाइल के नंबर और परिवार वालों द्वारा भेजे गए एसएमएस के आधार उनसे संपर्क किया गया, लेकिन सौरभ का दूसरा एंड्रायड फोन कहां है, उसका लैपटाप और इंडिका कार नंबर सीएच 04 के 2871 का अभी तक पुलिस को सुराग नहीं लग सका। हालांकि मृतक की जेब से मोबाइल के अलावा करीब 12 हजार रुपये नगद मिले हैं।