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ATM से ठगी करने वाले गिरोह का हुआ पर्दाफाश, इस तरीके से करते थे वारदात, आप भी जान लीजिए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Updated Fri, 16 Nov 2018 08:11 PM IST
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प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एडीसीपी सिटी
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एक एटीएम ठग गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गिरोह बेहद ही शातिर अंदाज से वारदात को अंजाम देता था। उसके निशाने पर एक निश्चित उम्र के लोग होते थे। पल भर में वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो जाते थे। यह गिरोह पंजाब के जालंधर पुलिस के हत्थे चढ़ा है। गिरोह के आठ सदस्यों को जालंधर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से 36 एटीएम कार्ड व तीन दोपहिया वाहन बरामद किये गए हैं। ठगों के पास से 46 हजार की नकदी बरामद की गयी है।
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एडीसीपी सिटी परमिंदर भंडाल ने प्रेसवार्ता में बताया कि निर्मल सिंह पुत्र चन्नण सिंह निवासी रामामंडी ने शिकायत की थी कि वह पैसे निकलावने के लिए एटीएम पर गया तो जालसाजों ने उसका कार्ड बदलकर एटीएम से पैसा निकलवा लिया और उसके साथ जालसाजी की। जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था।
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भंडाल ने बताया कि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर नाकेबंदी कर गगनदीप पुत्र अशोक निवासी संतोखपुरा, राज देव पुत्र बली राम निवासी लंबा पिंड व इसका भाई राजकुमार, अबरीस सन्नी निवासी गांधी नगर, राजकुमार निवासी संतोषी नगर, अजय कुमार दाना निवासी अमरीक नगर, सूरज निवासी उपकार नगर, मान सिंह निक्का निवासी मुस्लिम कालोनी को गिरफ्तार कर लिया।
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गिरोह के सदस्यों की तलाशी लेने पर उनके पास से 36 एटीएम कार्ड बरामद हुए। आरोपियों के खिलाफ शहर के अलग अलग थानों में आधा दर्जन से अधिक केस दर्ज हैं। भंडाल के मुताबिक, गिरोह के सदस्य सफाई से एटीएम कार्ड के भीतर जाते किसी बुजुर्ग के पीछे चले जाते थे और जब उसकी ट्रांजेक्शन पूरी हो जाती तो कहने लगते कि अभी आपका एटीएम चल रहा है, इसलिए दोबारा कार्ड डालकर क्लोज करो।
बुजुर्ग व्यक्ति कार्ड डालकर पासवर्ड लगाता तो जालसाज उसको देख लेते। जैसे ही व्यक्ति एटीएम कार्ड निकालता तो जालसाज उसके हाथ पर हाथ मारते और बड़ी सफाई से एटीएम कार्ड को बदल देते थे। इसके बाद वह एटीएम कार्ड का इस्तेमाल कर खुद पैसा निकलवा लेते थे।