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Hindi News ›   Chandigarh ›   Assistant manager turns out to be mastermind of robbery worth Rs 25 lakh in Ludhiana

Ludhiana: आठ घंटे में पुलिस ने सुलझाई 25 लाख रुपये की लूट की गुत्थी, असिस्टेंट मैनेजर ही निकला मास्टरमाइंड

Wed, 29 Nov 2023 06:29 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 29 Nov 2023 06:29 PM IST
सार

पुलिस ने जब मलकीत से पूछताछ की तो वह सही से जवाब नहीं दे सका। इस कारण पुलिस का शक और गहराने लगा। सीसीटीवी कैमरे से जब फोटो सामने आई तो पता चला कि यह एक पुराना मुलाजिम जतिन है। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया। 

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Assistant manager turns out to be mastermind of robbery worth Rs 25 lakh in Ludhiana
पुलिस की गिरफ्त में तीनों आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब के लुधियाना में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के बाहर से पेट्रोल पंप मैनेजर और उसके असिस्टेंट से 25 लाख रुपये लूट के मामले को कमिश्नरेट पुलिस ने करीब आठ घंटे में ही हल करने का दावा किया है। इस लूटकांड को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि असिस्टेंट मैनेजर ही निकला। उसने पेट्रोल पंप के अकाउंटेंट और पुराने मुलाजिम के साथ मिल पूरी वारदात को अंजाम दिया था।

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आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम दी लेकिन अपनी ही कुछ गलतियों के कारण पुलिस के जाल में फंस गए। पुलिस ने जांच के दौरान इस मामले में असिस्टेंट मैनेजर और डिलीवरी मैन ताजपुर रोड के बाबा जीवन सिंह नगर निवासी मलकीत सिंह उर्फ सोनू, मुंडियां खुर्द स्थित श्री राधा कृष्ण कॉलोनी के रहने वाले पेट्रोल पंप के अकाउंटेंट सागर विज और अमृतसर साहिब के गांव जोश मुहार निवासी पूर्व मुलाजिम जतिंदर सिंह उर्फ जतिन को गिरफ्तार किया है। 
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आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 23.41 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली है जबकि बाकी पैसों का पुलिस पता लगाने में जुटी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है। पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चाहल ने बताया कि आरोपी मलकीत सिंह आहूजा फिलिंग स्टेशन पर बतौर अस्सिटेंट मैनेजर और डिलीवरी मैन के तौर पर काम करता था जबकि सागर विज अकाउंटेंट था। 

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रोजाना पेट्रोल पंप पर आने वाली नकदी को लेकर आरोपियों ने लूट की साजिश रची। आरोपियों ने इसी पंप से नौकरी छोड़ने वाले जतिन से बात की। जतिन इस समय एक सिक्योरिटी सर्विस में काम करता था। अधिक पैसों का लालच और जल्द में अमीर बनने के लालच में जतिन भी मान गया। 

ऐसे तय किया वारदात का दिन

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने साजिश रची थी कि जिस दिन ज्यादा नकदी होगी उसी दिन लूट की वारदात को अंजाम दिया जाएगा। मैनेजर प्रदीप के साथ अक्सर मंजीत सिंह पैसे जमा कराने बैंक जाता था। अकाउंटेंट सागर से हिसाब करने और पैसे लेकर ही प्रदीप और मंजीत रोजाना निकलते थे। इस कारण आरोपियों को पूरी जानकारी थी। 

सागर हिसाब कर पहले ही चला गया और जतिन के साथ बाइक पर हो गया। जैसे ही प्रदीप और मलकीत पैसे लेकर पंप से निकले तो मलकीत ने दोनों को जानकारी दे दी। प्रदीप गाड़ी पार्क कर रहा था। इसी दौरान प्लानिंग के मुताबिक मलकीत पहले ही पैसे वाला बैग लेकर बाहर निकल गया। इसी दौरान आरोपी बैग लेकर फरार हो गए। जब प्रदीप गाड़ी लगाकर निकला तो मलकीत ने उसे बताया।

पूछताछ में गहराया शक... और खुल गया राज

पुलिस ने जब मलकीत से पूछताछ की तो वह सही से जवाब नहीं दे सका। इस कारण पुलिस का शक और गहराने लगा। सीसीटीवी कैमरे से जब फोटो सामने आई तो पता चला कि यह एक पुराना मुलाजिम जतिन है। इसके बाद जतिन का पता लगाया तो पता चला कि बाइक पर सवार कोई और नहीं बल्कि पंप का अकाउंटेंट सागर ही है। इसके बाद पुलिस ने तीनों को काबू कर लिया। पुलिस अब पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने करीब दो लाख रुपये कहां खर्च किए हैं।

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