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एरियर घोटाला: अनुभाग अधिकारियों, डीडीओ पर कार्रवाई की फाइल दबाई, घोटाला करने वालों की जड़ें गहरी
Thu, 24 Nov 2022 09:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह
यशपाल शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 24 Nov 2022 09:01 AM IST
सार
नोटिस के बाद स्कूल शिक्षा विभाग जवाबदेही तय करना भूल गया। डीडीओ, एसओ के दबाव में डीईओ-डीईईओ शिक्षकों की सूची नहीं दे रहे। दोषियों के खिलाफ स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव को अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी है, लेकिन वह भी मौन हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
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विस्तार
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग में 400 करोड़ का एरियर घोटाला करने वालों की जड़ें गहरी हैं। जिलास्तर से लेकर मुख्यालय तक घोटाले के तार जुड़े हैं। 70 फीसदी डीडीओ, अनुभाग अधिकारियों की संलिप्तता सामने आने पर विभाग ने कार्रवाई तो शुरू की, लेकिन फाइल बीच में ही दबा दी गई। विभाग भी डीईओ को नोटिस जारी करने के बाद जवाबदेही तय करना भूल गया।
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डीडीओ और अनुभाग अधिकारियो के दबाव में डीईओ-डीईईओ ने आज तक उन शिक्षकों की सूची ही मुख्यालय को नहीं भेजी, जिन्हें गलत तरीके से एरियर तय कराया और पात्र न होने पर छह फीसदी ब्याज भी ले लिया। सेकेंडरी और मौलिक शिक्षा विभाग के मुख्य लेखा अधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित कर पूरे मामले की जांच स्कूलों में जांच करने के निर्देश दिए गए थे, उन पर भी आज तक अमल नहीं हुआ है।
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मुख्य लेखा अधिकारी स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से मुहैया कराए जाने वाले रिकॉर्ड पर ही निर्भर हैं, जबकि वित्त विभाग के उनको स्पष्ट निर्देश हैं कि गलत तरीके से नियमों की व्याख्या कर एरियर और ब्याज लेने वालों से तुरंत रिकवरी की जाए। दोषियों के खिलाफ स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव को अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी है, लेकिन वह भी मौन हैं।
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वित्त विभाग ने तो भ्रष्टाचार में संलिप्त अनुभाग अधिकारियों, लेखा अधिकारियों, वरिष्ठ लेखा अधिकारियों व मुख्य लेखा अधिकारियों की पहचान कर ली है, वित्त मंत्री केनाते मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मंजूरी मिलते ही इन पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी। पूरा मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आ चुका है।
निदेशालय मंगवाई जा चुकी फतेहाबाद के 150 शिक्षकों की सर्विस बुक
सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय के मुख्य लेखा अधिकारी ने घोटाले का पता चलने पर डीईओ फतेहाबाद से उनके जिलों के अनुभाग अधिकारियों के नाम सहित एरियर के मामलों को सत्यापित करने की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद मुख्य लेखा अधिकारी के निर्देश पर गठित टीम ने फतेहाबाद के स्कूलों का दौरा कर रिकॉर्ड भी जांचा, उसके संदेहास्पद होने पर 150 शिक्षकों की सर्विस बुक निदेशालय मंगवाई गईं। ये जेबीटी, भाषा अध्यापकों और पदोन्नत होकर एलिमेंट्री हेडमास्टर बन चुके शिक्षकों की थीं। सर्विक बुक के साथ भेजे गए पत्र में साफ किया गया है कि इन शिक्षकों ने 13 जनवरी 2006 से एरियर लिया है। एसओ की तरफ से सत्यापित सर्विस बुक की तुलनात्मक स्टेटमेंट में यह साफ है कि इन्होंने दूसरे जिले का उदहारण देते हुए एरियर प्राप्त किया है। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई और सर्विस बुक को वापस फतेहाबाद भेज दिया गया।
एरियर का नहीं हुआ पुननिर्धारण
स्कूल शिक्षा विभाग रेवाड़ी व फतेहाबाद के डीईओ को पत्र जारी कर शिक्षकों के एरियर व ब्याज का पुननिर्धारण करने के निर्देश जारी कर चुका है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुआ। विभाग ने दो साल पहले निर्देश जारी किए थे कि एसओ द्वारा सत्यापित एरियर और ब्याज सही बना है या नहीं, उसकी रि-फिक्सेशन की जाए। विभाग के पास भी यह आंकड़ा नहीं है कि कुल कितने एरियर के केस दायर हुए और कितने शिक्षकों को लाभ देने के लिए स्पीकिंग आर्डर जारी किए गए।