रेप के नाम पर शिक्षक से ब्लैकमेलिंग, 3 धरे
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रेप के नाम पर एक शिक्षक को ब्लैकमेल किया जा रहा था। मामले में चौकी इंचार्ज भी शामिल था। शिकायत मिलने पर विजीलेंस टीम ने बृहस्पतिवार शाम को डेढ़ लाख रुपये लेते हुए महिला सहित तीन लोगों को काबू किया है, जबकि चौकी इंचार्ज मौके पर से फरार हो गया। विजीलेंस पुलिस ने चारों के खिलाफ ब्लैकमेल करने और षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज किया है। मामला, हरियाणा के फतेहबाद जिले का है।
विजीलेंस को दी शिकायत में मांगेराम ने बताया कि एक महिला शकुंतला और गांव काताखेड़ी निवासी मलकीत और गुरविंद्र ने गुरुनानकपुरा पुलिस चौकी में शिकायत देकर उस पर रेप के आरोप लगाए थे। गुरुनानक पुरा पुलिस चौकी के प्रभारी सूरजमल ने मांगेराम को बुलाकर मामला निपटाने के लिए ढाई लाख रुपये की मांग की।
रुपये न देने पर रेप का केस दर्ज करने की धमकी दी जा रही थी। मांगे राम ने बताया कि एक लाख रुपये वह पहले ही दे चुके थे, डेढ़ लाख और मांगे जा रहे थे।
मामले में विजीलेंस ने कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्त्ता मांगेराम को हजार-हजार के 150 नोट कैमिकल लगाकर दिए। मांगेराम ने मलकीत और गुरविंद्र से बातचीत की। मलकीत ने उसे रतिया चुंगी स्थित अपने तूड़ा के कारोबार के ऑफिस में बुलाया। मांगेराम ने वहां निश्चित प्लानिंग के अनुसार पैसे पकड़ाए। वहां वह महिला भी मौजूद थी। तीनों आपस में पैसे बांट रहे थे कि मौके पर ही टीम ने उन्हें दबोच लिया। उसके बाद टीम तुरंत गुरुनानकपुरा चौकी के प्रभारी सूरजमल को दबोचने के लिए वहां पहुंची, लेकिन वह पहले ही वहां से फरार हो चुका था।
फिरौती, ब्लैकमेल समेत षड्यंत्र रचने का केस
भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि चारों के खिलाफ फिरौती, ब्लैकमेल करने व षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज किया है। शुक्रवार को इन्हें अदालत में पेशकर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि पहले के एक लाख रुपये की वसूली हो सके।
भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि गुरुनानक पुरा चौकी इंचार्ज सूरजमल ने इस रेप संबंधी कोई भी सूचना एसएचओ या उच्च अधिकारियों को नहीं दी थी। सब मामला वह अपने स्तर पर ही कर रहा था। यह मामला उच्च अधिकारियों के नोटिस में भी नहीं था।
शपथ पत्र भी किया बरामद
टीम ने मांगेराम की कथित शिकायत और महिला द्वारा दिया गया शपथ पत्र भी मौके पर से बरामद किया है। इस शपथ पत्र पर महिला से लिखवा रखा था कि वह अपनी शिकायत वापस ले रही है। पैसे मिलने के बाद यह शपथ पत्र थाने में दिया जाना था।
पहले भी चल रहे हैं दो मामले
विजिलेंस के अनुसार यह एक संगठित गिरोह है। इनमें एक महिला अपने जाल में पहले किसी व्यक्ति को फंसाती है। बाद में रेप के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं। पकड़े गए दोनों व्यक्ति मलकीत और गुरविंद्र पहले भी इसी तरह के दो मामलों में फंसे हुए हैं। इन पर अदालत में मुकदमे चल रहे हैं। एक मामला भाटिया कॉलोनी का है। जबकि दूसरा शहर के ही एक बाजार का है जिसमें साढ़े 6 लाख रुपये की डील हुई थी। तब पुलिस ने पैसे देने वाले की शिकायत पर दोनों को पकड़ा था।
कौन है मलकीत
मलकीत सिंह पुत्र दिवान सिंह निवासी गांव काताखेड़ी किसी परिचय का मोहताज नहीं है। मलकीत कुख्यात खेम सिंह उर्फ खेमी का भाई है। जिसने वर्ष 2000 में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक हनीफ कुरैशी की ढाई वर्षीय पुत्री का अपहरण किया था। बाद में पुलिस ने उसे उत्तरांचल के पास एक मुठभेड़ में मार गिराया था। मलकीत सिंह और उसके भाई गांव काताखेड़ी में अवैध शराब बनाकर बेचने के धंधे में जुड़े हुए थे और पुलिस में इनका आपराधिक रिकॉर्ड है।