गैंगस्टर न मिला तो अकाली नेता को मार गिराया
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अकाली नेता की कार में गैंगस्टर के होने की सूचना मिली। पुलिस पहुंची तो गैंगस्टर नहीं मिला, अकाली नेता का एनकाउंटर हो गया। घटना अमृतसर के गांव मूदल के पास हुई। मरने वाला अकाली नेता मुखजीत सिंह हीरा वेरका ब्लॉक का प्रधान था।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस मुलाजिमों ने घेरकर हीरा के माथे और छाती पर गोलियां मारी। वहीं पुलिस का दावा है कि उन्हें अकाली नेता की आई-20 कार में एक गैंग के सदस्यों के होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद ही हीरा को रोका और कार्रवाई की गई। हीरा की तरफ से फायरिंग में हेड कांस्टेबल राजेश कुमार भी घायल हो गया। उसे गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भतीजी को ट्यूशन से लेने गया था हीरा
परिजनों का कहना है कि हीरा के पास पिस्तौल नहीं थी। जबकि मृतक के भाई हरजिंदर सिंह और उसके चाचा ने बताया कि मुखजीत सिंह अपनी भतीजी को ट्यूशन से लेने के लिए शाम सात बजे मूदल बस अड्डे के पास पहुंचा था।
इस दौरान पुलिस की दो गाड़ियां आईं। दोनों गाड़ियों से वर्दी पहने उतरे लोगों ने मुखजीत पर गोलियां दाग दीं। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि मुखजीत ने उन पर गोली चलाई, इस पर बचाव के लिए उस पर गोलियां दागनी पड़ीं। गोली लगाने से उनका मुलाजिम राजेश घायल हो गया।
पुलिस कमिश्नर पहुंचे मौके पर
घटना की सूचना पर पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख और डीसीपी परमपाल सिंह मौके पर पहुंचे। इस बीच घटना से आक्रोशित अकाली नेता घेराव के लिए देर रात पुलिस कमिश्नर के आवास पर एकत्र होने लगे। हालांकि वहां स्थिति नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई। पुलिस कमिश्नर ने आवास पर अन्य अफसरों के साथ बैठक भी की।
अकाली नेताओं ने किया रोड जाम
हीरा की मौत से गुस्साए अकाली नेताओं ने देर रात रोड जाम कर दिया। साथ ही पुलिस कमिश्नर आवास घेरने के लिए वहां एकत्र होने लगे। उधर, अफसरों ने मृतक के परिजनों से मिलकर आरोपी कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कराने के अलावा उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिला। हालांकि देर रात तक मुकदमा दर्ज नहीं कराया जा सका था। वेरका चौकी के इंचार्ज हरिंदर सिंह का कहना है कि हीरा ने भी पुलिस पर गोली चलाई।