10वीं की रेप पीड़िता छात्रा ने चुनी 'मौत'
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सात माह पहले रेप का शिकार हुई किशोरी ऐसा भी कदम उठा सकती है एकबारगी किसी ने यकीन नहीं किया। मामला हरियाणा के सोनीपत के विकास नगर की है।
विकास नगर की रहने वाली रेप पीड़िता 10वीं छात्रा ने छत पर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मामले का खुलासा हुआ जब परिजन उसे बुलाने छत वाले कमरे में गए। एक माह के अंदर 2 रेप पीड़िताओं की खुदुकुशी कर लेने के बाद शहर और प्रशासन सकते में हैं।
मामले के अनुसार हरियाणा की सोनीपत जिले के विकास नगर की रहने वाली 16 साल की छात्रा से वहीं के रहने वाले आरोपी सुनील ने सात माह पहले रेप किया था। छात्रा राजकीय कन्या वरिष्ठ विद्यालय में 10वीं कक्षा में पढ़ती थी। आरोपी के साथ उसका एक साथी भी मौजूद था।
घर पहुंचकर छात्रा ने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों की शिकायत और मेडिकल में रेप की पुष्टि हो जाने के बाद पुलिस ने आरोपी सुनील और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल दोनों आरोपी इस मामले में जेल में बंद है।
घटना के बाद से ही छात्रा आहत थी।
उसके परिजनों ने उसकी पढ़ाई भी छुड़वा दी थी। इसके बाद से छात्रा मानसिक रूप से परेशान रहने लगी। और वीरवार को फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। छात्रा के कमरे से सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। जज को संबोधित इस लेटर में उसने आरोपियों को कड़ी सजा दिलवाने की मांग की है।
एक माह के अंदर 2 रेप पीड़िताओं की खुदुकुशी के बाद शहर और प्रशासन सकते में हैं। इससे पहले सोनीपत जिले के ही खरखौदा में रेप से आहत एक किशोरी ने मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग लगा ली थी।
आरोपियों पर कार्रवाई न होते देख फांसी लगा ली
एक माह पहले गैंगरेप का शिकार हुई किशोरी ने बुधवार शाम ऐसा खौफनाक कदम उठाया, सब चौंक गए। मामला हरियाणा के सोनीपत के गोहाना की है। परिजनों की मानें तो घटना के आरोपियों पर कार्रवाई न होते देख उसने फांसी लगा ली।
युवती के आत्महत्या करने की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छानबीन की और बाद में शव को पोस्टमार्टम करा वारिसों को सौंप दिया। रेप मामले में परिजनों ने पुलिस को कटघरे में खड़ा किया है। परिजनों का कहना है कि मृतका के साथ गैंग रेप हुआ था, जबकि पुलिस ने केवल एक के खिलाफ ही कार्रवाई की। हालांकि पुलिस आरोपों को झुठला रही है।
अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ पिछले महीने 6 फरवरी को तब दुष्कर्म हुआ था, जबकि वह गांव की बणी में लकड़ी लेने के लिए गई थी। वहां से गांव का सुखवंत (32) उसे अपने साथ खेत में ले गया। खेत में किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और रात भर उसे वहीं रखा। अगले दिन परिजन नाबालिग की तलाश करते हुए खेत में पहुंचे तो लड़की बदहवास हालत में मिली थी।
जिससे परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी सुखवंत को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। जिसे अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया था। अब करीब एक महीने बाद किशोरी ने बुधवार शाम को घर में ही बनी टांड पर चुन्नी से लटकर कर जान दे दी।
परिजन उस समय काम से खेत में गए हुए थे और वह घर में अकेली थी। परिजनों ने बताया कि वारदात के बाद से वह काफी परेशान थी। पुलिस ने लड़की की मां के बयान पर आरोपी के खिलाफ एक और मामला दर्ज कर लिया है।
किशोरी के साथ गैंग रेप, पुलिस बता रही रेप
नाबालिक लड़की के चाचा ने बताया कि उसके साथ रेप नहीं बल्कि गैंगरेप हुआ है। जब पुलिस लड़की से बयान ले रही थी तो पुलिस ने परिजनों को लड़की से मिलने नहीं दिया गया था। पुलिस ने लड़की पर दबाव देकर एक आरोपी के खिलाफ ही मामला करवाया था।
लड़की ने बाद में परिजनों को यह बात बताई थी। गैंगरेप में चार लड़के शामिल थे, जिनमें से गांव के ही दो युवक और दो अन्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने एक आरोपी को तो जेल भेज दिया लेकिन बाकी आरोपी खुले घूम रहे हैं। परिजनों ने अपनी लड़की के साथ इंसाफ करने की मांग की है।
मजदूरी करता है लड़की का पिता
मृतक लड़की का पिता खेतों में मजूरी करके अपने परिवार को गुजारा करता है। जिनके तीन लड़की ओर दो लड़के हैं। मृतक लड़की सभी बच्चों में सबसे बड़ी थी और आठवीं कक्षा तक पढ़ाई कर चुकी थी। लेकिन परिवार में आर्थिक परेशानी के कारण पिता ने उसे पढ़ाई से हटा दिया था। जिसके बाद वह घर का काम संभाल रही थी। लड़की के बाकी भाई बहन अभी पढ़ाई कर रहे हैं और पिता मजदूरी करके उनका पालन पोषण कर रहा है। इतना ही नहीं मृतक लड़की के माता-पिता दोनों विकलांग हैँ।
लड़की के बयान पर किया था मामला दर्ज
इस बारे में मामले की जांच कर रहे एसआई योगेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में यक युवक ने नाबालिग लड़की के साथ रेप किया था। जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गांव के ही आरोपी युवक सुखवंत को जेल भेज दिया था। लेकिन अब एक महीने बाद लड़की ने फांसी लगा ली है। जिससे पुलिस लड़की मां के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस ने लड़की का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। वहीं परिजनों के उचित कार्रवाई न करने पर बताया कि पुलिस ने अदालत में ही मजिस्ट्रेट के सामने लड़की के बयान दर्ज किए थे। परिजनों द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोप झूठे हैं।