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सोसाइटी खोलकर नौकरी दिलाने का फर्जीवाड़ा

Sat, 16 Nov 2013 12:45 PM IST
अमर उजाला, पंचकूला
अमर उजाला, पंचकूला Updated Sat, 16 Nov 2013 12:45 PM IST
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again froud in panchkula
फर्जी नौकरियों के नाम पर ठगी करने वाले एक और गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सेक्टर-21 में किराए के एक घर में सोसाइटी खोलकर विभिन्न पदों के लिए 1500 नौकरियों के आवेदन मांगे गए। इसके बदले प्रति आवेदन 350 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी मांगा गया।
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सैकड़ों बेरोजगारों ने आवेदन किया, लेकिन पैसे वसूलने के बाद सोसाइटी संचालक फरार हो गया। पुलिस तक मामला पहुंचने के बाद ईओडब्ल्यू ने जांच की। इसके बाद मामला दर्ज किया गया। हालांकि, पुलिस के पास फिलहाल दो ही शिकायतें आई हैं, लेकिन पुलिस मानकर चल रही है कि सैकड़ों लोगों से फर्जीवाड़ा किया गया है।
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पुलिस के मुताबिक, अंबाला की सरस्वती कालोनी निवासी जगदीप सिंह की शिकायत पर सत्या कृष्णा योग एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। जगदीप के अलावा एक अन्य व्यक्ति की भी इसी सोसाइटी के खिलाफ शिकायत आई है।
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आरोप है कि विज्ञापन के जरिए सेक्टर-21 में सोसाइटी की जानकारी देकर एचआर में एडहॉक बेस पर मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर के 1500 पदों के लिए आवेदन मांगे गए।

इस सोसाइटी ने वेबसाइट भी बना रखी थी और इस पर नौकरियों का ब्योरा दिया गया था। इसके अलावा नौकरी का फार्म भी उसी वेबसाइट से डाउनलोड करना था। शिकायत के मुताबिक, विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग डिमांड ड्राफ्ट थे। उन्होंने 350-350 रुपये का ड्राफ्ट सेक्टर-21 के पते पर भेजे।

कई दिन तक इंतजार किया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया तो सोसाइटी के पते पर पहुंचे, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं था।

पहले सेक्टर-11 में धोखाधड़ी
करीब छह महीने पहले सेक्टर-11 से भी ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। हरियाणा उद्यान विभाग की फर्जी वेबसाइट बनाकर करीब 1500 नौकरियों के आवेदन मांगे गए थे।

इसके लिए सैकड़ों लोगों ने आवेदन किए थे, लेकिन हकीकत में ऐसी कोई वेकेंसी ही नहीं थी। पुलिस को भनक लगी तो रेड हुई। मौके से एक केयर टेकर पकड़ा गया। उसके बाद अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया गया। पुलिस ने डिमांड ड्राफ्ट कैश होने से पहले ही स्टॉप पेमेंट करा दिया था।

फिर सेक्टर-14 में भी खुला राज
करीब दो महीने पहले सेक्टर-14 में चल रहे ऐसे ही गिरोह को पुलिस ने पकड़ा था। इस गिरोह ने भी करीब 1500 लोगों को नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया था।


गिरोह ने शिक्षा विभाग की फर्जी वेबसाइट बनाई थी, जिसके जरिए सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इस गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद ईओडब्ल्यू ने जांच की और सेक्टर-14 थाने में मामला दर्ज हुआ।


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