बहन से बदसलूकी करने वाले माफी मांगें: योगराज
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24 अगस्त को पार्किंग को लेकर सेक्टर-दो में हुए विवाद को लेकर क्रिकेटर युवी के पिता योगराज सिंह को एसीपी ममता सोंधा के दफ्तर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था।
सुबह करीब 10.30 बजे योगराज सिंह पहुंचे, लेकिन एक घंटे की बातचीत के बाद भी वह समझौते के लिए राजी नहीं हुए। बाहर निकलने पर मीडिया से हुई बातचीत में योगराज सिंह ने कहा कि उनकी बहन के साथ बदसलूकी करने वाले अगर मीडिया के सामने माफी मांगते हैं तो इस मामले में आगे कोई बात सोची जा सकती है, वरना नहीं।
सोमवार को हाइकोर्ट ने इस मामले में पंचकूला पुलिस को फटकार लगाते हुए सात दिनों के अंदर इस मामले में कार्रवाई करने को कहा था।
यह है पार्किंग का विवाद
24 अगस्त को सेक्टर-दो में पार्किंग को लेकर योगराज की एनआरआई बहन कुलजीत कौर का पड़ोसी के साथ कार पार्किंग को लेकर विवाद हो गया था। पड़ोस में रहने वाले चंडीगढ़ पुलिस से रिटायर्ड डीएसपी आशनंद और उनके दो बेटे ने भी पुलिस का रौब दिखाते हुए मारपीट भी की थी।
इस मामले में योगराज सिंह को भी बुलाया गया था। बाद में दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस एफआईआर दर्ज कर, दोनों पक्षों की गिरफ्तारियां भी हुई थीं। योगराज की एनआरआई बहन कुलजीत की ओर से छाती और गर्दन पर घाव होने के बावजूद पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ धारा 354 बी के तहत मामला नहीं दर्ज किए जाने का आरोप है।
सोमवार को योगराज की बहन कुलजीत कौर ने हाइकोर्ट में याचिका दी थी, जिसमें पुलिस पर केस दर्ज करने की मांग की गई थी। साथ ही पुलिस पर सही धाराओं के तहत मामला दर्ज नहीं किए जाने का भी बात याचिका में दी गई थी, जिसके बाद अदालत ने इस मामले में उचित कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
पंचकूला में घर से गिरफ्तार
पुलिस ने यह गिरफ्तारी चंडीगढ़ पुलिस से रिटायर्ड डीएसपी की शिकायत पर की है। मामला, पार्किंग विवाद से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह की एनआरआई चचेरी बहन कुलजीत कौर बेटी तान्या और बेटे एरन के साथ इन दिनों इंडिया आई हुई थी। वह पंचकूला सेक्टर दो स्थित डॉ. भूपेंद्र सिंह के घर पर ठहरी हुई हैं। रविवार को वह बेटी और बेटे के साथ योगराज सिंह के मनीमाजरा स्थित घर पर उनकी बेटी के बर्थडे पार्टी में गई हुई थी।
देर रात जब वह घर लौटीं तो उनकी गाड़ी पार्क करने को लेकर पास ही रहने वाले चंडीगढ़ पुलिस से रिटायर्ड डीएसपी आशानंद से बहस हो गई। इसी बीच रिटायर्ड डीएसपी के हाईकोर्ट में वकील दोनों बेटे सुमित और सुनील भी वहां पहुंच गए।
कार पार्किंग को लेकर पड़ोसी से हुआ विवाद
क्रिकेटर युवराज सिंह के मनीमाजरा स्थित घर से पार्टी से लौट रही उनके पिता की चचेरी बहन और उनके बच्चों की पंचकूला सेक्टर-2 स्थित घर के बाहर गाड़ी पार्क करने को लेकर चंडीगढ़ पुलिस से रिटायर्ड डीएसपी से बहस हो गई।
इसके बाद दोनों परिवार आमने-सामने आ गए और उनमें मारपीट हो गई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर रॉड और अन्य हथियारों से हमला करने का आरोप लगाया है। इस मारपीट में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं।
उनका सेक्टर-छह स्थित अस्पताल में मेडिकल कराया गया। देर रात समाचार लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं किया था। दोनों पक्षों के लोग अस्पताल पहुंच गए थे।
मारपीट में घायल हुए थे दोनों पक्ष
थोड़ी देर में ही बहस इतनी बढ़ गई कि उनमें मारपीट होने लगी। इसमें दोनों पक्षों के लोगों को चोट आई है। डॉ. भूपेंद्र सिंह ने इसकी सूचना योगराज सिंह को दी।
इस पर वह वहां पहुंचे और कुलजीत कौर और उनके बच्चों को सेक्टर-छह स्थित अस्पताल ले गए। इसके फौरन बाद दूसरे पक्ष के लोग भी मेडिकल कराने वहां पहुंच गए।
अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस ने वहां पहुंच दोनों पक्षों का मेडिकल कराया। देर रात तक पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही थी। आज सुबह इस मामले में पुलिस ने योगराज सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
देश रहने लायक नहीं लगता
क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने मारपीट के केस में जमानत पर रिहा होने के बाद दिल का दर्द उड़ेल दिया। योगराज सिंह ने कहा कि पूरे मामले से वह काफी हताश हैं। ऐसे हालात में देश रहने लायक नहीं लगता।
समझ नहीं आ रहा है कि यह उनके साथ क्यूं हुआ। गलत आरोप लग रहे हैं। योगराज के मुताबिक वह सेक्टर-2 में गए ही नहीं थे, जबकि पुलिस केस के मुताबिक योगराज मौके पर इतने बेकाबू थे कि अतिरिक्त पुलिस बल मंगाना पड़ा।
गौरतलब है कि सोमवार सुबह ही पंचकूला पुलिस ने मारपीट के केस में योगराज सिंह को गिरफ्तार किया था। योगराज सिंह के खिलाफ उन्हीं के पड़ोसी रिटा. आशानंद ने पुलिस में शिकायत दी थी।
ब्रिटिश काउंसिल पहुंचा मामला
योगराज की एनआरआई बहन कुलजीत कौर ने ब्रिटिश काउंसिल में फोन पर मामले की शिकायत दी है। इसमें उन्होंने मदद की गुहार लगाई है। कौर ने बताया कि उनके और उनकी बेटी के साथ अभद्र व्यवहार हुआ। उनके कपड़े फाड़ने की कोशिश की गई, लेकिन आरोपियों को छेड़छाड़ के लिए चार्ज नहीं किया गया।
कौर के मुताबिक उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि इंडिया महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को ब्रिटिश काउंसिल से किसी अधिकारी के पंचकूला आने की संभावना है।
इसलिए हुआ झगड़ा
डॉ. भूपेंद्र के घर के पास एक खाली प्लाट है, जो हुडा की प्रापर्टी है। इस प्लाट को साफ कराकर लोग यहां गाड़ियां पार्क करने लगे। पुलिस के मुताबिक इसी पार्किंग के चक्कर में डॉ. भूपेंद्र और आशानंद के बीच कई बार झगड़ा हो चुका है।
रविवार को यह झगड़ा हद पार कर गया। पहले आशानंद के पक्ष ने योगराज के संबंधियों को पीटा और उसके बाद योगराज के पक्ष ने मारपीट की। इसी के चलते दोनों पक्षों पर केस दर्ज हुआ।
30 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत
पिता योगराज सिंह को मारपीट के केस में सेक्टर-5 थाना पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें 30 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मिल गई। उनके दोस्त डॉ. भूपेंद्र सिंह को भी कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन उन्हें जमानत नहीं मिली। इस पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। डॉ. भूपेंद्र ने वकील के मार्फत जमानत के लिए अर्जी डाली है, जिस पर मंगलवार के लिए पुलिस को जवाब दाखिल करने का नोटिस जारी हुआ है।
वहीं दूसरे पक्ष से आरोपी चंडीगढ़ पुलिस से रिटायर डीएसपी आशानंद और उनके वकील बेटों सुनील व सुमित को भी गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। तीनों को कोर्ट से जमानत मिल गई। सभी आरोपियों को आठ से दस घंटे पुलिस कस्टडी में बीताने पड़े।
दोनों पक्षों पर हुआ क्रास केस
सेक्टर-5 थाने में क्रास केस दर्ज किया गया है। आशानंद, सुनील व सुमित के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 (शारीरिक चोट पहुंचाना), 325 (गंभीर चोट पहुंचाना), 506 (जान से मारने की धमकी देना) व 34 (किसी अपराध में एक से ज्यादा लोगों का शामिल होना) के तहत केस दर्ज किया गया है।
वहीं आशानंद ने भी पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि योगराज सिंह ने सेक्टर-2 में अपने बाउंसरों और डॉ. भूपेंद्र के साथ मिलकर उन्हें पीटा और घर में घुसकर भी मारपीट की। इस शिकायत पर भी सेक्टर-5 थाने में 148 (हथियारों के दम पर दंगा करना), 149 (कई लोगों का अवैध भीड़ में एक से अपराध करना), 323 (चोट पहुंचाना), 452 (ट्रैसपासिंग) व 506 (जान से मारने की धमकी देना) के तहत योगराज सिंह और डॉ. भूपेंद्र के अलावा अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
बेटी का रेप करने की धमकी
एनआरआई बहन के अपमान से योगराज सिंह एकदम आहत हैं। प्रेस कांफ्रेस में यह साफ दिखाई पड़ा। पूर्व क्रिकेटर एवं अभिनेता योगराज सिंह और चंडीगढ़ के रिटायर्ड डीएसपी आशानंद के परिवार के बीच हुई मारपीट ने अब जुबानी जंग का रूप ले लिया है।
वीरवार को योगराज ने प्रेस कान्फ्रेंस कर डीएसपी के परिवार पर आरोप जड़े। इसके थोड़ी देर बाद ही दूसरे पक्ष ने भी पत्रकारों से वार्ता कर योगराज और उसके परिवार पर उल्टे आरोप लगाए। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता में योगराज सिंह की एनआरआई बहन ने कहा कि उनके साथ अभद्र व्यवहार हुआ।
बेटी का रेप करने की धमकी देते हुए उसे घसीटा गया। जिस रात मारपीट हुई उसी रात वह शिकायत देने सेक्टर-5 थाने में गए। वहां कई घंटे बैठने के बावजूद उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई कुछ सुनने को तैयार नहीं था।
'बेटी को खींचकर ले जा रहे थे घर'
सेक्टर-5 थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई कुछ सुनने को तैयार नहीं था। उल्टा उन्हें ही पासपोर्ट जब्त करने और वापस नहीं जाने की धमकी दी गई। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन पर दबाव और वह कुछ नहीं कर सकने की कहकर कई घंटे थाने में बैठाए रखने के बाद उन्हें घर जाने दिया।
एनआरआई महिला के मुताबिक जिन लोगों के खिलाफ मारपीट व अभद्र व्यवहार करने की शिकायत लेकर आए थे, पुलिस ने उन्हें रात को एक बार भी थाने में नहीं बुलाया। सुबह उन्हें गिरफ्तार कर सीधा कोर्ट में पेश किया गया। महिला के मुताबिक मारपीट की वजह पार्किंग नहीं बल्कि आशानंद की ओर से परेशान किए जाने को लेकर हुई।
उस रात भी जब भाई योगराज के घर से वापस सेक्टर-2 पहुंचे तो उनकी बेटी गाड़ी से उतरकर अंदर जाने लगी तो आशानंद और उसके बेटों सुमित व सुनील ने तान्या को पकड़कर खींचा और घर के अंदर लेकर जाने की कोशिश की।
वह गाड़ी में ही थी, क्योंकि उन्हें कहीं और जाना था। लेकिन, जब उन्होंने आवाज सुनी तो वह गाड़ी से बाहर आए। तब तीनों बोल रहे थे कि एनआरआई को सबक सीखाना है।
योगराज अब करेंगे महिलाओं की सुरक्षा
योगराज की एनआरआई बहन ने बताया कि जब उनका बेटा और परिवारिक दोस्त डॉ. भूपेंद्र गाड़ी से निकल कर बेटी को बचाने के लिए भागे। आशानंद और उसके बेटों ने उन्हें भी हथियारों से पीटा। एनआरआई महिला के मुताबिक उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, उल्टा केस दर्ज कर दिया गया।
योगराज पहले तो अपनी पुरानी जिंदगी को बयां करते रहे, लेकिन जब मीडिया ने कुछ सवाल पूछे तो योगराज झेंप गए। कुछ सवालों पर तो उन्होंने मीडिया को चुप रहने तक की सलाह दे डाली।
बाद में योगराज साइड में बैठ गए, लेकिन कुछ देर बाद फिर सामने आए। योगराज ने कहा कि उनके वकील को भी धमकी दी गई कि कोर्ट के बाहर सबक सीखाएंगे। योगराज के मुताबिक उन्होंने कसम खा ली है कि महिलाओं की रक्षा करना अब उनका मकसद होगा।
रिटायर डीएसपी ने खुद को बताया बेकसूर
चंडीगढ़ में योगराज सिंह की प्रेस कान्फ्रेंस के बाद दूसरे पक्ष से रिटायर्ड डीएसपी आशानंद ने भी परिवार के सदस्यों के साथ पत्रकारों से वार्ता की। इसमें उन्होंने खुद को बेकसूर बताया। आशानंद के मुताबिक 24 अगस्त की रात वह घर के बाहर खड़े थे।
तभी डॉ. भूपेंद्र आए और उन पर इनोवा गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। किसी तरह वह साइड होकर बचे। आशानंद के मुताबिक इस पर उन्होंने भूपेंद्र से आपत्ति जताई तो उन्होंने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। साथ ही एनआरआई महिला के उसके बेटे को भी बुला लिया।
दोनों ने उनसे मारपीट की और जब बीच-बचाव करने उनके एडवोकेट बेटे सुमित व सुनील आए तो उनके साथ भी मारपीट की गई। बाद में योगराज सिंह अपने कुछ साथियों को लेकर वहां पहुंच गए और उनसे मारपीट की।
आशानंद के मुताबिक उन्होंने व उनके बेटों ने किसी भी महिला से अभद्रता नहीं की। रिटायर्ड डीएसपी ने कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। जो भी झगड़ा हुआ, वह खुद को बचाने के लिए हुआ।
शारीरिक छेड़छाड़ और रेप के प्रयास का आरोप लगाया
योगराज की एनआरआई बहन कुलजीत कौर का आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ और रेप का प्रयास किया। इस बारे में उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कई बार फोन और मैसेज भी किए।
साथ ही वह हरियाणा के गवर्नर और डीजीपी से भी मिल चुकी है। डीजीपी ने एक सितंबर को उन्हें कहा था कि नए सिरे से जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है।
कुलजीत ने कहा कि पूर्व डीएसपी की बेटी कर्नाटक और दामाद बिहार में आईपीएस अधिकारी हैं। उनका आरोप है कि वह हरियाणा पुलिस पर मामले को लेकर दबाव डाल रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर अजय सिंगला का कहना है कि मामले की जांच एसीपी ममता सौदा को दी गई है। चार से पांच दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। एनआरआई महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की ही जांच की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
गत माह हुई थी पूर्व डीएसपी से मारपीट
मालूम हो कि 24 अगस्त को पंचकूला के सेक्टर-25 में योगराज सिंह और पूर्व डीएसपी व उनके दो वकील बेटों में मारपीट हो गई थी। इसका पंचकूला पुलिस में दोनों पक्षों के खिलाफ मामला भी दर्ज है।
योगराज की एनआरआई बहन कुलजीत कौर का कहना है कि पुलिस ने यह झूठा मामला तो उनके भाई पर दर्ज कर दिया, लेकिन जो उन्होंने अपने और उनकी बेटी के साथ हुई वारदात की शिकायत दी थी उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
अस्पताल खोलना चाहती है बेटी
कुलजीत कौर की बेटी ने पत्रकारों को बताया कि वह यहां पर अस्पताल खोलने के लिए आई है। जहां गरीबों का निशुल्क इलाज किया जाएगा, लेकिन इस घटना के बाद उनकी विदेशी मित्र अपनी सुरक्षा को लेकर उससे सवाल पूछ रही हैं।