{"_id":"5c5c1c80bdec224c80717c02","slug":"a-man-arrested-with-money-for-settlement-in-fake-sexual-harassment-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दर्ज कराया दुष्कर्म का केस, फिर 7 लाख में की समझौते की बात, ढाई लाख रुपये लेते पुलिस ने दबोचा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पहले दर्ज कराया दुष्कर्म का केस, फिर 7 लाख में की समझौते की बात, ढाई लाख रुपये लेते पुलिस ने दबोचा
Thu, 07 Feb 2019 05:30 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 07 Feb 2019 05:30 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने ही ननदोई पुलिसकर्मी और नेशनल स्तर के साइकिलिस्ट पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर केस दर्ज कराने के बाद केस में समझौते के लिए सात लाख रुपये की डिमांड करने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में आरोपी कुरुक्षेत्र के वकील को ढाई लाख रुपये नकदी के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश किया गया तो अदालत ने उसे जेल भेज दिया। वहीं, आरोपी महिला की तलाश जारी है।
विज्ञापन
मामले के अनुसार, एक 22 साल युवती की शादी एक युवक से हुई थी। पत्रकारवार्ता के दौरान सिविल लाइन थाना प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि युवती का पहले ही अपने प्रेमी के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। मौका देखकर युवती अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। इसकी शिकायत युवती के ननदोई हरियाणा पुलिस के सिपाही और राष्ट्रीय स्तर के साइकिलिस्ट ने पुलिस थाने में की थी।
विज्ञापन
इसी रंजिश में युवती ने ननदोई को देख लेने की धमकी भी दी थी। कुरुक्षेत्र पुलिस ने जब युवती और प्रेमी को बरामद किया तो युवती ने ननदोई पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस पर कुरुक्षेत्र में ही ननदोई पर जीरो एफआईआर के तहत दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया था। इस पर जब ननदोई के परिजनों ने युवती से संपर्क किया तो युवती ने कहा कि वह वकील दीपक शर्मा से बात कर लें तो वे केस को समाप्त करा देगी।
विज्ञापन
जब ननदोई के परिजनों ने वकील से संपर्क साधा तो उसने 7 लाख रुपये की डिमांड कर डाली। इस पर ननदोई का मामा पैसे देने को तैयार हो गया। उसने ने कहा कि पहले वह ढाई लाख रुपये देगा और उसके बाद बाकी की रकम। जब सौदा तय हो गया तो मामा ने इसकी सूचना पुलिस को दी और ब्लैकमेलिंग के सबूत भी दिखाए।
सिविल लाइन थाना प्रभारी मोहन लाल ने सच्चाई जानने के बाद जाल बिछाया। मामा ढाई लाख रुपये की रकम लेकर करनाल की अदालत में पहुंच गया। जहां पहले उसने एक शपथ पत्र तैयार करवाया और फिर मामा से ढाई लाख रुपये वकील ने ले लिए। इस बीच पुलिस ने छापा मार दिया। पुलिस को एक दम आता देख वकील दीपक शर्मा फरार होने लगा, लेकिन कुछ दूर जाकर पुलिस ने उसे दबोच लिया। मामा ने वकील दीपक शर्मा से ढाई लाख रुपये भी बरामद कर लिए।