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कत्ल किया था, कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दे दी
अमर उजाला मोहाली
Updated Sun, 08 Dec 2013 09:54 AM IST
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जिला अदालत ने करीब सवा साल पुराने केस की सुनवाई करते हुए कत्ल के एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने पलसोरा निवासी चंदरपाल को बलौंगी निवासी करमवीर की हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
इस केस में एक आरोपी नरेश कुमार को बरी कर दिया गया है। जबकि, दो अन्य आरोपी अतीक एवं कृष्णा भगोड़े करार दिए जा चुके हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार उल्टियों के कारण करमवीर की मौत के बाद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। परंतु तीन महीने बाद विसरा जांच रिपोर्ट आने से खुलासा हुआ कि करमवीर की मौत जहर के कारण हुई थी।
इसके बाद पुलिस ने करमवीर के भाई विकास के बयान पर चंदरपाल, नरेश कुमार, अतीक और कृष्णा के खिलाफ परचा दर्ज किया था।
विकास ने थाना फेज एक पुलिस को बताया था कि वह और उसका विकलांग भाई करमवीर फेज चार मार्केट में कपड़े की दुकान करते थे। दो मई-12 को वे दुकान पर थे, तभी उनका कजिन चंदरपाल अपने दोस्त अतीक के साथ दुकान पर आया।
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चाय पीने के बाद चंदरपाल ने करमवीर से कहा कि वह उसके लिए स्पेशल खीर लाया है। उनके जाने के बाद करमवीर ने खीर खाई, उसके बाद उसे उल्टियां शुरू हो गईं।
पहले निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। रात को उसकी हालत बिगड़ने पर पीजीआई दाखिल कराया गया। जहां तीन मई-12 को करमवीर की मौत हो गई।
विकास का कहना था कि थोड़ी सी जमीन को लेकर करमवीर का नरेश कुमार के साथ विवाद था। इसी में उसकी हत्या का साजिश रची गई। करमवीर के परिजनों को आशंका तो थी, परंतु तब कुछ नहीं हुआ।
विसरा रिपोर्ट में जहर से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस भी हरकत में आई। पुलिस ने 17 सितंबर-12 को चारों आरोपियों के खिलाफ परचा दर्ज किया था।
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इस केस में एक आरोपी नरेश कुमार को बरी कर दिया गया है। जबकि, दो अन्य आरोपी अतीक एवं कृष्णा भगोड़े करार दिए जा चुके हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार उल्टियों के कारण करमवीर की मौत के बाद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। परंतु तीन महीने बाद विसरा जांच रिपोर्ट आने से खुलासा हुआ कि करमवीर की मौत जहर के कारण हुई थी।
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इसके बाद पुलिस ने करमवीर के भाई विकास के बयान पर चंदरपाल, नरेश कुमार, अतीक और कृष्णा के खिलाफ परचा दर्ज किया था।
विकास ने थाना फेज एक पुलिस को बताया था कि वह और उसका विकलांग भाई करमवीर फेज चार मार्केट में कपड़े की दुकान करते थे। दो मई-12 को वे दुकान पर थे, तभी उनका कजिन चंदरपाल अपने दोस्त अतीक के साथ दुकान पर आया।
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चाय पीने के बाद चंदरपाल ने करमवीर से कहा कि वह उसके लिए स्पेशल खीर लाया है। उनके जाने के बाद करमवीर ने खीर खाई, उसके बाद उसे उल्टियां शुरू हो गईं।
पहले निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। रात को उसकी हालत बिगड़ने पर पीजीआई दाखिल कराया गया। जहां तीन मई-12 को करमवीर की मौत हो गई।
विकास का कहना था कि थोड़ी सी जमीन को लेकर करमवीर का नरेश कुमार के साथ विवाद था। इसी में उसकी हत्या का साजिश रची गई। करमवीर के परिजनों को आशंका तो थी, परंतु तब कुछ नहीं हुआ।
विसरा रिपोर्ट में जहर से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस भी हरकत में आई। पुलिस ने 17 सितंबर-12 को चारों आरोपियों के खिलाफ परचा दर्ज किया था।